Purnima Shayari Poetry of full moon Story of nights immersed in moonlight guru purnima shayari in hindi: पूर्णिमा की रात, जब चांद अपनी पूरी आभा में आसमान पर चमकता है, हर दिल को छू लेती है। उसकी ठंडी रोशनी में एक अजीब-सी शांति और सुकून है, जो मन को मोह लेता है। पूर्णिमा की शायरी (Purnima Ki Shayari) इस रात की खूबसूरती को शब्दों में पिरोकर हमारे दिलों को और करीब लाती है। चाहे वो प्रेमी का इजहार हो, गुरु के प्रति श्रद्धा हो, या प्रकृति की सुंदरता का बखान, पूर्णिमा की रात हर भावना को और गहरा कर देती है। हिंदू पंचांग में हर पूर्णिमा का अपना नाम और महत्व है गुरु पूर्णिमा का अपना रंग और रस। आइए, इस चांदनी रात को शायरी के जरिए और खूबसूरत बनाएं।
Purnima Shayari
चाहते तो हम भी तुम्हें एक जमाने से थे, मगर यह चांद कब मोहब्बत करने वालों का हुआ है.
ऐ चाँद मुझे बताओ तो मेरा क्या लगता है, क्यों मेरे साथ सारी रात जगा करता है, मैं तो बन बैठा हूं दीवाना उनके प्यार में, क्या तू भी किसी से बेपनाह मोहब्बत करता है.
तू चांद मैं सितारा होता, आसमान में एक आशियाना हमारा होता, लोग तुम्हें दूर से देखते, नजदीक से देखने का हक सिर्फ हमारा होता.
पूछो इस चांद से कैसे सिसकते थे हम, उन तन्हा रातों में तकिए से लिपटकर रोते थे हम, तूने तो देखा नहीं छोड़ने के बाद, दिल का हर एक राज़ चाँद से कहते थे हम.
यकीन चांद से हो सूरज पर ऐतबार भी रख, मगर निगाहों में थोड़ा सा इंतजार भी रख.
पूर्णिमा की रात का आलम
पूर्णिमा की रात में चांद ऐसा लगता है मानो आसमान का सबसे चमकीला सितारा हो। उसकी रोशनी न सिर्फ धरती को नहलाती है, बल्कि दिलों में प्रेम और शांति की किरणें भी बिखेरती है। शायरों ने इस चांद को प्रेम का प्रतीक माना है।
“ऐ चांद! तूने कितनों को इश्क सिखाया, तेरी रोशनी में हर दिल ने कुछ न कुछ गुनगुनाया।”
ऐसी शायरी इस रात को और रोमांटिक बना देती है। चाहे आप अपने प्रियजन के साथ चांदनी में बैठकर बातें करें या अकेले इस रात का लुत्फ उठाएं, पूर्णिमा की शायरी आपके जज्बात को शब्द देती है।
Poonam ka chand shayari
चलो चांद का किरदार अपना ले, हम दाग अपने पास रखें और रोशनी बांट दें.
ना छत पर कभी आता ना घर से कभी निकलता है, मेरा महबूब चांद की तरह घटाओ में छुपता है.
ना चाह कर भी मेरे लबों पर यह फरियाद आ जाती है, ऐ चाँद सामने ना और किसी की याद आ जाती है.
चाँद के दीदार पर तुम छत पर क्या चली आई, शहर में ईद की तारीफ तब काम हो गयी.
आज टूटेगा गुरुर चांद का तुम देखना यारों, आज मैंने उन्हें छत पर बुला रखा है.
गुरु पूर्णिमा श्रद्धा और सम्मान की रात
गुरु पूर्णिमा वो खास पूर्णिमा है, जब हम अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता जताते हैं। इस रात की शायरी में गुरु-शिष्य के रिश्ते की गहराई झलकती है।
“गुरु बिन जीवन अधूरा, चांद बिन जैसे पूनम की रात।”
ऐसी पंक्तियां न सिर्फ भावनाओं को व्यक्त करती हैं, बल्कि गुरु के महत्व को भी रेखांकित करती हैं। इस दिन लोग अपने गुरुओं को याद करते हैं और शायरी के जरिए अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।
शरद पूर्णिमा की रात को चांद की रोशनी में खीर रखने की परंपरा है, क्योंकि माना जाता है कि इस रात चांद की किरणों में अमृत बरसता है। शायरों ने इस रात को प्रेम और मिठास से जोड़ा है।
“तेरी एक झलक पाने को चांद, मैंने सारी रात जागा।”
ऐसी शायरी शरद पूर्णिमा की रात को और खास बनाती है। इस रात की शायरी में प्रेम, प्रकृति और आध्यात्मिकता का अनोखा संगम दिखता है।
Chand shayari
पूनम की शब का चांद जो खिड़की पे आ गया
कमरे में मेरे यादों के गेसू बिखर गए
– मनोज एहसास
मिटा दें तीरगी को रौशनी बन जाएं हम दोनों
सरासर पूर्णिमा की चांदनी बन जाएं हम दोनों
– सीमा फ़रीदी
पूनम के बाद देखा नहीं सात दिन उसे
मैं ने सुना है रूठ कर आधा हुआ है चांद
– माधो नूर
शरद की पूर्णिमा में ताज का हुस्न
बड़ा दिलकश बहुत प्यारा लगे है
– वक़ार सिद्दीक़ी
चांद ने मेरे चखाया मुझ को
ऐन पूनम में अमावस का मज़ा
– मुज़्तर मजाज़
क्यों खास है पूर्णिमा की शायरी?
पूर्णिमा की शायरी सिर्फ शब्दों का खेल नहीं, बल्कि भावनाओं का समंदर है। ये शायरी आपको चांद की ठंडक, रात की खामोशी और प्रेम की गर्माहट का एहसास कराती है। चाहे आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें या सोशल मीडिया पर पोस्ट करें, ये पंक्तियां हर किसी के दिल को छू लेती हैं। ये शायरी आपको उस रात की सैर कराती है, जहां चांदनी में डूबकर हर दुख भूल जाता है। तो अगली पूर्णिमा पर, इन शायरियों को पढ़ें और चांद की रोशनी में अपने जज्बात को उड़ान दें।
Shayari guru purnima shayari in hindi
आसमान के एक सुनसान गोशे में
पूनम का ठिठुरता हुआ कोई चाँद जैसे
– परवेज़ शहरयार
सूरज तो ए’तिबार के क़ाबिल नहीं रहा
ऐ पूर्निमा की रात मिरे साथ साथ चल
– लकी फ़ारुक़ी हसरत
बारा चांद गए पूनम के प्यार भरा इक सावन भी
गए दिनों में साल भी गुज़रा और गया कुछ जीवन भी
– विजय शर्मा
आएगी जब बसंत-पूर्णिमा
मैं किसी का ‘शबाब’ लिक्खूंगा
– मुईन शादाब
मिरे रब चांद पूनम का ज़रा चौरस ही कर दे तू
गोलाई देखता हूं मैं तो रोटी याद आती है
– मुसव्विर फ़िरोज़पुरी
जो अमावस की रात में चमके वो जुगनू
पूर्निमा के चांद पे भारी होता है
– मुईन शादाब
Full moon poetry
चांद में कैसे नजर आए तेरी सूरत मुझको, आंधियों ने आसमान का रंग महिला कर रखा है.
पत्थर की दुनिया जज्बात नहीं समझती, दिल में क्या है वह बात नहीं समझती, तनहा तो चांद भी सितारों के बीच में है, पर चांद का दर्द वो रात नहीं समझती.
सुनो मेरी जान चांद को जगह दिखानी होगी, बस तुम्हें माथे पर एक तिल पिंडिया लगानी होगी.
उसके चेहरे की चमक के सामने सब सादा लगा, आसमान पर चांद पूरा था मगर आधा लगा.
काश मैं उनका अंबर वह मेरी चांद बन जाए, कुछ इस तरह हम दोनों एक दूसरे के हो जाए.
मुन्तज़िर हूं कि सितारों की जरा आंख लगे, चांद को छत पर बुला लूंगा इशारा करके.
पूनम के चांद पर शायरी
कितना हसीन चांद सा चेहरा है, उसपे शबाब का रंग गहरा है, खुदा को यकीन ना था वफ़ा पर, तभी तो चांद पर तारों का पहरा है.
चांद से तुझ को जो कोई दे निस्बत सो बे इंसाफ़ है, चांद के मुंह पर है छैयां तेरा मुखड़ा साफ है.
जिंदगी में मानव पूनम की रोशनी जैसा उजाला आया है, जब से मैंने उसे अपना चांद बनाया है.
जिस चांद के हजारों हो चाहने वाले, वह क्या समझेगा एक सितारे की कमी को.
Poonam Ka Chand Shayari in Hindi
एक अदा आपकी दिल चुराने की, एक अदा आपके दिल में बस जाने की, चेहरा आपका चांद सा और एक, हमारी हसरत उसे चाँद को पाने की.
वह चांद कह के गया था कि आज निकलेगा, इसलिए इंतजार में बैठा हुआ हूं शाम से.
रात को जब चांद सितारे चमकते हैं, हम हरदम आपकी याद में तड़पते हैं, आप तो चले जाते हो छोड़कर हमें, हम रात भर आपसे मिलने के लिए तरसते हैं.
आपको देखने के बाद हमें होश कहां रहेगा, हम रहेंगे वहां जहां चांद हमारा रहेगा.
ना चाहते हुए भी हमारे लबों पर यह फरियाद आ जाती है, यह चांद सामने ना आया कर सनम की याद आ जाती है.













