चंडीगढ़, 19 जून, 2026 (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले करोड़ों ग्राहकों को साइबर ठगों के जाल से सुरक्षित निकालने के लिए एसबीआई कार्ड कंपनी ने अपने पूरे कॉलिंग सिस्टम में आमूलचूल बदलाव कर दिया है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के कड़े रुख के बाद अब बैंक से जुड़ी किसी भी जरूरी पूछताछ या समाधान के लिए आने वाले फोन कॉल्स के नंबरों को पूरी तरह बदल दिया गया है। बदल गया पुराना सिस्टम।
धोखाधड़ी के बढ़ते जोखिम को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए बैंक ने साफ किया है कि अब ग्राहकों के पास जितने भी आधिकारिक या सर्विस से जुड़े कॉल्स आएंगे, वे सभी अनिवार्य रूप से 1600XXXXXX से शुरू होने वाली विशेष नंबर सीरीज से ही किए जाएंगे। इन नंबरों से आने वाली कॉल्स को बिना किसी संकोच के उठाना ग्राहकों के लिए बिल्कुल सुरक्षित रहेगा। तगड़ा ऑफर भी जांच परख कर ही मिलेगा।
बैंक ने साफ किया है कि आपके पास एसबीआई कार्ड की तरफ से नए ऑफर्स, बंपर डिस्काउंट और मार्केटिंग से जुड़े जितने भी प्रमोशनल फोन कॉल्स आएंगे, उनकी सीरीज पूरी तरह अलग होगी। ये सभी कमर्शियल कॉल्स सिर्फ और सिर्फ 140XXXXXXX से शुरू होने वाले नंबरों से ही आपके मोबाइल स्क्रीन पर फ्लैश होंगे। धड़ाधड़ बिक्री के दावों वाले फर्जी नंबरों से अब छुटकारा मिल जाएगा। हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: टेलीग्राम रोकने के लिए हुआ बीजीपी हाइजैकिंग तकनीक का इस्तेमाल
अपनी पसंद के अनुसार प्रमोशनल कॉल्स को पूरी तरह ब्लॉक करने या उनकी श्रेणी तय करने के लिए उपभोक्ता अपने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर के मोबाइल ऐप या आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। ट्राई के राष्ट्रीय डीएनडी (DND) ऐप या फिर सीधे 1909 पर कॉल और एसएमएस भेजकर भी अनचाही कॉल्स को हमेशा के लिए बंद करने का पूरा विकल्प मौजूद है। झंझट खत्म हो जाएगा।
किसी भी प्रकार की संदिग्ध, फर्जी या फिशिंग कॉल्स और ईमेल की तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भारत सरकार के संचार साथी पोर्टल sancharsaathi.gov.in का उपयोग किया जा सकता है। डिजिटल ठगी का शिकार होने की स्थिति में तुरंत नेशनल साइबर क्राइम के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है। तुरंत एक्शन होगा।
अकाउंट में क्रेडिट होने वाले रिफंड या किसी भी वित्तीय हेरफेर की तत्काल सहायता के लिए सरकार की राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करना चाहिए।











