SpaceX Starship 11th test flight: स्पेसएक्स ने सोमवार को अपने मेगा स्टारशिप रॉकेट की 11वीं टेस्ट फ्लाइट लॉन्च की। पिछली फ्लाइट की तरह इस बार भी ये रॉकेट दुनिया के आधे हिस्से का सफलतापूर्वक चक्कर लगा आया। स्टारशिप दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे ताकतवर रॉकेट है।
ये टेक्सास के दक्षिणी छोर से शाम के समय जोरदार गर्जना के साथ उड़ा। बूस्टर रॉकेट अलग हो गया और प्लान के मुताबिक मेक्सिको की खाड़ी में नियंत्रित तरीके से उतरा। वहीं, स्पेसक्राफ्ट हिंद महासागर में स्प्लैशडाउन से पहले अंतरिक्ष में उड़ता रहा।
एलन मस्क का बड़ा प्लान SpaceX Starship
स्पेसएक्स के डैन ह्यूट ने कर्मचारियों की तालियों के बीच ऐलान किया, “अरे, पृथ्वी पर वापसी पर स्वागत है, स्टारशिप! क्या दिन था!” ये फुल-स्केल स्टारशिप की 11वीं टेस्ट फ्लाइट थी। स्पेसएक्स के फाउंडर और सीईओ एलन मस्क इसे लोगों को मंगल ग्रह पर भेजने के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं। नासा को भी इसकी जल्द जरूरत है।
नासा के बिना 403 फुट (123 मीटर) लंबे स्टारशिप के दम पर दशक के अंत तक चंद्रमा पर एस्ट्रोनॉट्स उतारना मुश्किल है। ये रीयूजेबल व्हीकल चंद्रमा की कक्षा से सतह तक ले जाने और वापस लाने के लिए डिजाइन किया गया है।
मस्क ने कहा कि हमेशा की तरह लॉन्च कंट्रोल में रहने के बजाय, इस बार वो पहली दफा बाहर जाकर लाइव देख रहे थे। अगस्त में हुई पिछली टेस्ट फ्लाइट, जो कई विस्फोटक फेलियर के बाद सफल रही, इसी रास्ते पर थी।
इस बार स्पेसक्राफ्ट के लिए ज्यादा मैन्यूवरिंग टेस्ट किए गए। स्पेसएक्स ने हिंद महासागर में स्पेसक्राफ्ट के एंट्री के दौरान कई टेस्ट किए, जो भविष्य में लॉन्च साइट पर वापसी के लिए प्रैक्टिस था।
नासा की तारीफ
नासा के एक्टिंग एडमिनिस्ट्रेटर सीन डफी ने स्टारशिप की प्रगति की तारीफ की। उन्होंने X पर लिखा, “ये अमेरिकियों को चंद्रमा के साउथ पोल पर उतारने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।”
स्पेसएक्स अपनी केप कैनावेरल लॉन्च साइट्स को स्टारशिप के लिए अपग्रेड कर रहा है। साथ ही, नासा के लिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक एस्ट्रोनॉट्स और सामान पहुंचाने वाले छोटे फाल्कन रॉकेट्स को भी इसमें शामिल किया जा रहा है।











