डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली: एआई इतना अधिक हावी होता जा रहा है कि इंसान सारे काम उसके जरिए ही करवा रहा है। खैर, अगर आप भी स्विगी (Swiggy) का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए है।
अब आपको पिज्जा, बर्गर या घर का राशन मंगाने के लिए बार बार ऐप खोलने और स्क्रॉल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्विगी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से ऑर्डर करने का नया तरीका पेश किया है। कंपनी ने एक ऐसी तकनीक अपनाई है जिससे आप सीधे अपने पसंदीदा एआई चैटबॉट से बात करते हुए अपना ऑर्डर बुक कर पाएंगे।
एमसीपी तकनीक से बदल जाएगा अनुभव
स्विगी ने ‘मॉडल कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल’ जिसे तकनीकी भाषा में एमसीपी (MCP) कहा जाता है उसे अपने सिस्टम में इंटीग्रेट किया है। यह कदम उठाने वाली स्विगी भारत की पहली एग्रीगेटर कंपनियों में से एक बन गई है।
क्या है एमसीपी: इसे एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने विकसित किया है। सरल शब्दों में समझें तो यह एक पुल की तरह काम करता है जो आपके एआई चैटबॉट को स्विगी के डेटाबेस से सुरक्षित तरीके से जोड़ता है।
कैसे होगा फायदा: अब तक एआई सिर्फ जानकारी देता था लेकिन एमसीपी की मदद से अब वह आपके लिए काम भी कर सकेगा। जैसे ही आप चैटबॉट को आदेश देंगे वह स्विगी के सिस्टम तक पहुंचेगा और ऑर्डर प्लेस कर देगा।
किन ऐप्स पर मिलेगी यह सुविधा
स्विगी का यह नया फीचर दुनिया के सबसे लोकप्रिय एआई प्लेटफॉर्म्स पर काम करेगा। इसमें ओपन एआई का चैटजीपीटी (ChatGPT), गूगल का जेमिनी (Google Gemini) और एंथ्रोपिक का क्लॉड (Claude) शामिल हैं।
मान लीजिए आप गूगल जेमिनी से बात कर रहे हैं और आपको भूख लगी है। आप सीधे वहीं टाइप कर सकते हैं कि “मेरे लिए एक वेज बिरयानी ऑर्डर करो” और एआई आपसे कन्फर्मेशन लेकर स्विगी के जरिए ऑर्डर प्लेस कर देगा। इसके लिए अलग से स्विगी ऐप खोलने की जहमत नहीं उठानी पड़ेगी।
ग्रॉसरी और टेबल बुकिंग भी होगी आसान
यह सुविधा केवल पके हुए खाने तक सीमित नहीं रहेगी। कंपनी ने इसे अपने सभी वर्टिकल्स में लागू करने का फैसला किया है।
इंस्टामार्ट: आप एआई को घर का राशन जैसे दूध, सब्जी या ब्रेड ऑर्डर करने के लिए कह सकते हैं।
डाइनआउट: अगर आप वीकेंड पर बाहर खाने का प्लान बना रहे हैं तो चैटबॉट आपके लिए किसी भी रेस्टोरेंट में टेबल भी बुक कर सकेगा।
यूजर्स के लिए कितना सुरक्षित
तकनीकी जानकारों के मुताबिक इस नई व्यवस्था में डेटा सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। एआई केवल उतनी ही जानकारी एक्सेस करेगा जितनी ऑर्डर पूरा करने के लिए जरूरी है। यह ‘एजेंटिक एआई’ की दिशा में एक बड़ा कदम है जहां एआई केवल बातें नहीं करता बल्कि यूजर के लिए टास्क भी पूरे करता है।
स्विगी ने एमसीपी तकनीक के जरिए एआई चैटबॉट्स से फूड और ग्रॉसरी ऑर्डर करने की सुविधा शुरू की है। अब यूजर्स चैटजीपीटी और गूगल जेमिनी के जरिए बिना ऐप खोले खाना मंगा सकेंगे।











