ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Vaishakh Pradosh Vrat 2025: वैशाख प्रदोष व्रत कब है? 9 मई को रखा जाएगा शुक्र प्रदोष, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

On: May 3, 2025 12:04 PM
Follow Us:
Vaishakh Pradosh Vrat 2025: वैशाख प्रदोष व्रत कब है? 9 मई को रखा जाएगा शुक्र प्रदोष, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व
Join WhatsApp Group

Vaishakh Pradosh Vrat 2025 Shukra Pradosh will be observed on 9th May, know the auspicious time and significance: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष स्थान है, जो भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत सभी कष्टों को दूर करने और मनोकामनाएं पूरी करने वाला माना जाता है। शिव पुराण में इस व्रत की महिमा का वर्णन मिलता है। हर महीने शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है, और प्रत्येक दिन के हिसाब से इसकी महत्ता बदलती है। वैशाख माह का दूसरा प्रदोष व्रत, जो शुक्र प्रदोष के रूप में मनाया जाएगा, 9 मई 2025 को रखा जाएगा। आइए, इस व्रत की तिथि, शुभ मुहूर्त, और महत्व को विस्तार से समझते हैं।

Vaishakh Pradosh Vrat 2025: वैशाख माह का दूसरा प्रदोष व्रत

वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 9 मई 2025 को दोपहर 2:56 बजे शुरू होगी और 10 मई को सुबह 5:29 बजे समाप्त होगी। चूंकि त्रयोदशी तिथि का अधिकांश समय 9 मई को रहेगा, इसलिए वैशाख का दूसरा प्रदोष व्रत इसी दिन मनाया जाएगा। यह व्रत शुक्रवार को पड़ने के कारण ‘शुक्र प्रदोष व्रत’ कहलाएगा। शुक्र प्रदोष व्रत को भौतिक सुख, समृद्धि, और वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

Boss Scam Alert: WhatsApp पर CEO बनकर मांग रहे पैसे, I4C ने कंपनियों को किया सतर्क
Boss Scam Alert: WhatsApp पर CEO बनकर मांग रहे पैसे, I4C ने कंपनियों को किया सतर्क

शुभ मुहूर्त: भगवान शिव की पूजा का सही समय

प्रदोष व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा सूर्यास्त के बाद के समय, यानी प्रदोष काल में की जाती है। पंचांग के अनुसार, 9 मई 2025 को वैशाख प्रदोष व्रत के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:01 बजे से रात 9:08 बजे तक रहेगा। इस दौरान भक्तों को पूजा, अभिषेक, और मंत्र जाप के लिए 2 घंटे 6 मिनट का समय मिलेगा। इस समय में भगवान शिव को बेलपत्र, दूध, और धतूरा अर्पित करने से विशेष फल प्राप्त होता है।

प्रदोष व्रत का महत्व: पापों से मुक्ति और शिव कृपा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत करने से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे भगवान शिव के आशीर्वाद से मोक्ष की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथा के अनुसार, चंद्रमा को क्षय रोग से ग्रस्त होने के कारण मृत्यु तुल्य कष्ट हो रहा था। भगवान शिव ने त्रयोदशी तिथि को उनकी पीड़ा का निवारण कर उन्हें नया जीवन प्रदान किया। तभी से यह तिथि प्रदोष के रूप में पूजनीय हो गई। शुक्र प्रदोष व्रत विशेष रूप से सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य, और परिवार की खुशहाली के लिए किया जाता है।

रक्षाबंधन के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, क्या राखी के शुभ मुहूर्त पर पड़ेगा असर?
रक्षाबंधन के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, क्या राखी के शुभ मुहूर्त पर पड़ेगा असर?

व्रत की विधि और सावधानियां

प्रदोष व्रत में भक्त सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लेते हैं। दिनभर उपवास रखकर शाम को प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। पूजा में शिवलिंग पर दूध, दही, घी, और शहद से अभिषेक करने के बाद बेलपत्र, फूल, और धूप अर्पित किए जाते हैं। ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप और शिव चालीसा का पाठ करने से व्रत का फल बढ़ता है। व्रत के दौरान सात्विक भोजन या फलाहार लेने की सलाह दी जाती है। पूजा से पहले किसी अनुभवी पुरोहित या ज्योतिषी से सलाह लेना बेहतर होता है।

क्यों खास है वैशाख का प्रदोष व्रत?

वैशाख माह का प्रदोष व्रत (Vaishakh Pradosh Vrat 2025) गर्मियों की शुरुआत में आता है, जब भक्त भगवान शिव से शीतलता और सुख की कामना करते हैं। शुक्र प्रदोष होने के कारण यह व्रत विशेष रूप से प्रेम, विवाह, और आर्थिक समृद्धि के लिए फलदायी माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की कृपा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मन को शांति मिलती है। अगर आप अपने परिवार की खुशहाली और आध्यात्मिक उन्नति चाहते हैं, तो इस व्रत को श्रद्धा के साथ करें।

Instagram Reels बिना बार-बार स्क्रीन छुए कैसे देखें? जानिए आसान तरीका
Instagram Reels बिना बार-बार स्क्रीन छुए कैसे देखें? जानिए आसान तरीका

डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी व्रत या पूजा से पहले अपने गुरु या ज्योतिषी से सलाह लें।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment