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Vishu Kani 2025: कब आएगा मलयाली नववर्ष, जानें कैसे और कहां मनेगा यह त्योहार

On: अप्रैल 10, 2025 1:49 अपराह्न
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Vishu Kani 2025: कब आएगा मलयाली नववर्ष, जानें कैसे और कहां मनेगा यह त्योहार
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Vishu Kani 2025 Parv Kaise Manate Hai: केरल का सबसे खास पर्व विशु कानी मलयाली हिंदुओं के लिए खुशियों और समृद्धि का प्रतीक है। इसे बिसु भी कहते हैं, जो मेष राशि में सूर्य के प्रवेश के साथ ज्योतिषीय नए साल की शुरुआत करता है। इस दिन का सबसे बड़ा रिवाज है विशुक्कणी, यानी सुबह-सुबह शुभ चीजों का पहला दर्शन, जो पूरे साल सौभाग्य लाता है। अगर आप इस त्योहार के बारे में जानना चाहते हैं, तो आइए देखें कि 2025 में यह कब और कैसे मनाया जाएगा।

Vishu Kani 2025: तारीख और शुभ मुहूर्त

इस बार विशु कानी का उत्सव 14 अप्रैल 2025 को मनाया जाएगा। ज्योतिष के अनुसार, संक्रांति का सटीक समय सुबह 3:30 बजे होगा। यह वह पल है जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है, और केरलवासी इसे नए साल के स्वागत के रूप में देखते हैं। इस दिन सुबह की शुरुआत खास तैयारियों के साथ होती है, जो हर घर में उत्साह भर देती है।

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विशुक्कणी के लिए जरूरी सामान

विशुक्कणी की तैयारी में कुछ खास चीजें शामिल होती हैं, जो समृद्धि और सुख का प्रतीक हैं। इसमें कोन्ना के पीले फूल, चावल, भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण की मूर्ति, दीपक, फल, सब्जियां, सुपारी, नारियल और दर्पण जरूरी हैं। इसके अलावा अंगूर, संतरा, खीरा, सोना, कसावु मुंडू (पारंपरिक कपड़ा), पवित्र किताब जैसे रामायण या भगवद गीता और सिक्के भी रखे जाते हैं। इन चीजों को रात में सजाया जाता है, ताकि सुबह परिवार का हर सदस्य सबसे पहले इन्हें देखे। मान्यता है कि इससे साल भर घर में खुशहाली बनी रहती है।

कैसे मनाते हैं विशु कानी?

विशु का दिन खास होता है। लोग सुबह जल्दी उठते हैं और आंखें बंद करके पूजा स्थल पर जाते हैं। वहां विशुक्कणी की सजावट का पहला दर्शन करते हैं। कहते हैं कि यह शुभ शुरुआत पूरे साल अच्छी किस्मत लाती है। इसके बाद परिवार साथ बैठकर पारंपरिक दावत का मजा लेता है। इस दावत में नमकीन, मीठे, खट्टे और कड़वे स्वाद के पकवान होते हैं, जो जिंदगी के हर रंग को दर्शाते हैं। यह पर्व सिर्फ रस्म नहीं, बल्कि परिवार के साथ खुशियां बांटने का मौका है।

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क्यों खास है यह पर्व?

विशु कानी सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि उम्मीद और नई शुरुआत का प्रतीक है। केरल के लोग इसे पूरे जोश के साथ मनाते हैं, और यह उनकी संस्कृति का अहम हिस्सा है। अगर आप 2025 में इस पर्व को देखना या समझना चाहते हैं, तो 14 अप्रैल को तैयार रहें। यह दिन आपके लिए भी सौभाग्य की शुरुआत हो सकता है।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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