नई दिल्ली, 21 जून, 2026 (Vitamin D source)। भारत में राष्ट्रीय विटामिन डी दिवस के मौके पर सेहत को लेकर आम जनता के बीच फैले एक बहुत बड़े भ्रम का डॉक्टरों ने पूरी तरह पर्दाफाश कर दिया है। हर साल लोगों को जागरूक करने के लिए मनाए जाने वाले इस विशेष दिन पर यह साफ हो गया है कि जिसे लोग धूप का विटामिन कहते हैं, वह असल में सूरज की सीधी किरणों में मौजूद ही नहीं होता। बदल गया पूरा गणित।
सूरज से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट-बी (UVB) किरणें जब इंसानी शरीर की खुली त्वचा पर सीधा प्रहार करती हैं, तब जाकर भीतर एक जटिल रासायनिक प्रक्रिया को गति मिलती है। हमारी चमड़ी के ठीक नीचे 7-डिहाइड्रोकोलेस्ट्रॉल (7-Dehydrocholesterol) नाम का एक प्राकृतिक तत्व मौजूद रहता है, जिसका निर्माण शरीर के भीतर मौजूद कोलेस्ट्रॉल की मदद से होता है। धूप की गर्मी और रोशनी त्वचा पर पड़ते ही यह खास पदार्थ तुरंत रूप बदलकर विटामिन डी के शुरुआती कच्चे रूप में परिवर्तित हो जाता है। सीधे एक्टिव नहीं होता यह तत्व।
त्वचा से तैयार हुआ यह शुरुआती कच्चा रूप इसके बाद सीधे हमारे लिवर और फिर किडनी के भीतर दाखिल होता है। इन दोनों अंगों में बारी-बारी से फिल्टर होने और रिफाइन होने के बाद ही यह उस सक्रिय विटामिन डी में तब्दील हो पाता है, जिसे हमारा शरीर अवशोषित करने के लायक बनता है। यही सक्रिय रूप शरीर के भीतर भोजन से मिलने वाले कैल्शियम को सोखने का असली काम संभालता है, जिससे दांतों और मांसपेशियों को जरूरी मजबूती मिलती है।
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शरीर टूटने पर तुरंत कराएं जांच
लंबे समय तक धूप से दूरी बनाए रखने की वजह से अगर शरीर में इसकी भारी किल्लत हो जाए, तो हड्डियां भीतर से खोखली होने लगती हैं। हर वक्त शरीर में सुस्ती, बिना काम किए भयंकर थकान, जोड़ों में लगातार चुभन वाला दर्द और इम्यून सिस्टम कमजोर होने से इंसान बार-बार संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने लगता है। बिस्तर पकड़ लेता है मरीज।
सिर्फ सूरज की रोशनी के भरोसे बैठे रहना भी समझदारी नहीं है, क्योंकि खानपान की प्लेट से भी इस कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है। उबले अंडे का पीला भाग, ओमेगा-3 से भरपूर मछलियां, गाय का असली दूध और बाजार में मिलने वाले विटामिन डी फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ शरीर के भीतर जाकर गिरते हुए ग्राफ को तुरंत संभाल लेते हैं। डॉक्टरों की मानें तो अगर ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट में यह ग्राफ़ बहुत ज्यादा नीचे गिर चुका हो, तो बिना देर किए मेडिकल सप्लीमेंट के कैप्सूल शुरू कर देने चाहिए।










