Hair Graying Facts: इंसानी शरीर में उम्र बढ़ने के साथ बदलाव आना बेहद स्वाभाविक प्रक्रिया है। उम्र के साथ सिर और दाढ़ी के बाल सफेद होना आम बात है, लेकिन अक्सर लोग इस बात को लेकर हैरान रहते हैं कि प्राइवेट पार्ट के बाल इतनी जल्दी सफेद क्यों नहीं होते। चिकित्सा विज्ञान और डर्मेटोलॉजिस्ट्स के मुताबिक, ऐसा बिल्कुल नहीं है कि ये बाल कभी सफेद नहीं होते। जननांग क्षेत्र के बाल भी सफेद रंग में बदलते हैं, लेकिन उनके देर से सफेद होने के पीछे ठोस वैज्ञानिक और शारीरिक कारण मौजूद हैं।
मेलेनिन पिगमेंट की कमी और बालों का सफेद होना
शरीर के किसी भी हिस्से के बालों का प्राकृतिक रंग मेलेनिन (Melanin) नामक पिगमेंट की वजह से तय होता है। हमारे बालों की जड़ों में मौजूद मेलेनोसाइट (Melanocyte) कोशिकाएं इस पिगमेंट का निर्माण करती हैं। जब उम्र बढ़ने या अन्य कारणों से ये कोशिकाएं काम करना बंद कर देती हैं या धीरे-धीरे मरने लगती हैं, तो बालों को रंग मिलना बंद हो जाता है। इसी वजह से बाल अपना प्राकृतिक रंग खोकर सफेद या भूरे रंग में बदलने लगते हैं।
एंड्रोजन हार्मोन का असर और नए हेयर फॉलिकल्स
वैज्ञानिकों के अनुसार, सिर के बाल और जननांग क्षेत्र के बालों की संरचना और उनके बढ़ने का तरीका पूरी तरह अलग होता है। प्राइवेट पार्ट के बालों का विकास मुख्य रूप से एंड्रोजन (Androgen) यानी टेस्टोस्टेरोन जैसे सेक्स हार्मोन पर निर्भर करता है। इसके अलावा, सिर के बाल जन्म से ही मौजूद होते हैं, जबकि प्राइवेट पार्ट के बाल यौवन (Puberty) की उम्र में कदम रखने के बाद ही उगते हैं। इसी वजह से ये बाल जैविक रूप से सिर के बालों की तुलना में “नए” होते हैं और इनमें सफेदी देर से आती है।
केमिकल और प्रदूषण से सुरक्षा का सीधा फायदा
आम आदमी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में सिर के बालों पर तरह-तरह के प्रयोग करता है। सिर के बाल सीधे तौर पर तेज धूप, वायु प्रदूषण और केमिकल वाले शैंपू, कंडीशनर या हेयर डाई के संपर्क में आते हैं, जिससे ऑक्सीडेटिव डैमेज बढ़ जाता है। इसके विपरीत, प्राइवेट पार्ट के बाल कपड़ों से ढके होने के कारण इन सभी बाहरी हानिकारक प्रभावों से पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं। बाहरी नुकसान कम होने की वजह से इन बालों की जड़ों का मेलेनिन लंबे समय तक सुरक्षित बचा रहता है।
कम उम्र में सफेदी दिखने के पीछे छिपे हैं ये बड़े कारण
अगर किसी व्यक्ति के प्राइवेट पार्ट के बाल कम उम्र में ही सफेद होने लगे हैं, तो इसके पीछे कई आंतरिक कारण हो सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, अनुवांशिक कारण यानी जेनेटिक्स इसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार होते हैं। इसके अलावा शरीर में विटामिन B12 की भारी कमी, थायरॉयड की बीमारी, अत्यधिक मानसिक तनाव या विटिलिगो (Vitiligo) जैसी ऑटोइम्यून समस्याओं के कारण भी गुप्त अंगों के बाल समय से पहले सफेद रंग के हो सकते हैं। महिलाओं में मेनोपॉज के दौरान होने वाले तेज हार्मोनल बदलाव भी इसकी एक बड़ी वजह बनते हैं।
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