Chandigarh Monsoon (चंडीगढ़) : रविवार सुबह 8:30 बजे से सोमवार रात 8:30 बजे तक शहर में 103 एमएम बारिश दर्ज की गई। मॉनसून सीजन में बारिश का कोटा सरप्लस हो गया। 30 सितंबर तक के सीजन में 845 एमएम बारिश सामान्य मानी जाती है। 892.2 एमएम बारिश हो चुकी है। सोमवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 8° कम 25.9° रहा। रविवार का न्यूनतम 22.7° रहा।
8 साल में सबसे गीला अगस्त
इस बार अगस्त में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। सामान्य तौर पर अगस्त में 273.4 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस साल 385.5 मिमी बारिश हुई। इससे पहले 2004 में 718 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। पिछले कुछ सालों के आंकड़े देखें तो 2024 में 351.4 मिमी, 2023 में 270.7 मिमी और 2018 में 291 mमिमी बारिश हुई थी। मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल बताते हैं कि मॉनसून ट्रफ उत्तर भारत की ओर रहा, जिसके चलते पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में बारिश का दौर चला। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी वाली हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ ने बारिश को और बढ़ाया।
इस बार अगस्त में मॉनसून ट्रफ की दिशा ज्यादातर उत्तर भारत की ओर रही। इससे बारिश के स्पेल लगातार आते रहे। बीते दो दिन से पंजाब के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टर्बेस व एक अपर एयर सर्कुलेशन बने होने से बारिश ज्यादा हुई।
सुखना लेक पर नजर
तेज बारिश के बाद सुखना लेक का जलस्तर खतरे के निशान (1163 फीट) को पार कर गया। सुबह 7:30 बजे एक फ्लड गेट 3 इंच खोला गया, फिर 9 बजे दूसरा गेट खोला गया। बापूधाम और इंडस्ट्रियल एरिया के कॉज-वे को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया। दोपहर 3:30 बजे एक गेट बंद किया गया, लेकिन रात को फिर बारिश की आशंका के चलते दूसरा गेट खुला रखा गया। डीसी और एसएसपी ने सुखना लेक और कॉज-वे का जायजा लिया।
5 सितंबर तक सभी ट्रेनों पर रोक
यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल कालका-शिमला टॉय ट्रेन ट्रैक पर सभी ट्रेनों को 5 सितंबर तक रद्द कर दिया गया है। सोमवार को तेज बारिश के बाद कोटी से कनोह रेलवे स्टेशन बीच भारी भूस्खलन हुआ, जिससे ट्रैक पर जगह-जगह मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिर गए।
पटरियों के क्षतिग्रस्त होने के कारण रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया कर दिया गया है, लेकिन लगातार बारिश से दिक्कत आ रही है। पहले रविवार शाम को सनवारा फाटक के पास भूस्खलन हुआ था, जिसकी वजह से शिमला से कालका आने वाली ट्रेनें घंटों लेट हो गई थीं।
महीने के अंत तक आ सकती है गुलाबी ठंडक
हफ्ते में एक-दो दिन और रहेगा। अगस्त में इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। अगस्त में 273.4 एमएम बारिश सामान्य मानी जाती है, लेकिन 385.5 एमएम हुई। इससे पहले अगस्त 2004 में 718 एमएम बारिश हुई थी।
इसी तरह से सितंबर में भी सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। सितंबर में औसत बारिश 131.4 एमएम होती है। इस महीने के पहले ही दिन 23.4 एमएम बारिश हो चुकी है। पहले हफ्ते में औसत तापमान से तीन से चार डिग्री कम रहेगा।
न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहता है, यह भी 2-3 डिग्री कम रहेगा।
7 सितंबर से बारिश, लेकिन तीव्रता कम होगी
डिस्टर्बेस कम ही आते हैं। इस बार 15 सितंबर तक दो से तीन वेस्टर्न डिस्टर्बेस एक्टिव होने की संभावना है। इसकी वजह यह है कि इस समय मॉनसून ट्रफ की दिशा उत्तर की ओर है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से दक्षिणी हवाएं नमी के साथ आने की वजह से यह आसार बन रहे हैं। हालांकि बुधवार से रेनफॉल एक्टिविटी थोड़ी कम होगी।
4 सितंबर को राजस्थान में एक अपर एयर सर्कुलेशन एक्टिव हो रहा है। यह 6 की शाम या 7 की सुबह यहां मूव होगा। इससे एक बार फिर यहां बारिश होगी। हालांकि इसकी तीव्रता कम होगी। इसके बाद 14 सितंबर को एक और सिस्टम एक्टिव होगा। उससे भी बारिश की संभावना है। अगर मॉनसून इसी तरह से एक्टिव रहा और 15 सितंबर तक बारिश का दौर चला तो संभावना है कि सितंबर के अंत तक गुलाबी ठंड का मौसम आ जाए। इसके बाद संभवतः एसी की जरूरत नहीं पड़ेगी।













