भिवानी, Bhiwani Weather: भिवानी में शुक्रवार को मौसम साफ रहा, लेकिन घने बादलों के बीच तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल कोई बड़ी मौसमी प्रणाली सक्रिय नहीं है, इसलिए मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि, लोकल डिस्टर्बेंस के कारण कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन तेज बारिश की संभावना कम है। मौसम और कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे बाजरा कटाई जैसे जरूरी काम जल्द निपटा लें, क्योंकि 14 सितंबर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम फिर बदल सकता है।
भिवानी में फसलों को भारी नुकसान
अगस्त के अंत में पश्चिमी विक्षोभ, पंजाब पर बने चक्रवातीय सर्कुलेशन, अरब सागर की नमी और मानसून टर्फ के हरियाणा के पश्चिमी जिलों के करीब पहुंचने से भारी बारिश हुई थी। इससे बाजरा और कपास की फसलों को भारी नुकसान हुआ। किसानों का कहना है कि बारिश के कारण फसल की जड़ें गल गईं, जिससे फंगस लग गया। कटी फसल की बालियां अलग नहीं हो पाईं और फूस भी इकट्ठा नहीं हो सका। खराब फसल को पशु भी नहीं खा रहे, और अगर खाएं तो उनके बीमार होने का डर है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री और न्यूनतम 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
किसानों की चिंता
किसानों का कहना है कि बाजरा और कपास की फसलों में पहले ही भारी नुकसान हो चुका है। बारिश रुक-रुककर होने से खेती के काम रुके हुए हैं। अगर 14 सितंबर से मौसम फिर खराब हुआ, तो मुश्किलें और बढ़ेंगी। ढाणी माहू गांव के खेतों में मूंग की फसल भी खराब हो चुकी है। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है, ताकि नुकसान की भरपाई हो सके।












