Chandigarh Monsoon Update: चंडीगढ़ में इस बार मॉनसून कुछ ज्यादा ही मेहरबान रहा है। अगस्त की तरह सितंबर में भी बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। इस बारिश की वजह से दिन और रात का तापमान सामान्य से 1 डिग्री कम हो गया है। गुरुवार सुबह से लेकर 10 बजे तक शहर के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई।
मौसम केंद्र सेक्टर-39 में सुबह 8:30 बजे तक 5.8 मिमी और 11:30 बजे तक 15.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। शाम 7:15 बजे भी कुछ हिस्सों में बारिश हुई, लेकिन मौसम केंद्र के आसपास बारिश न होने से इसे दर्ज नहीं किया गया। गुरुवार का अधिकतम तापमान 31.9 डिग्री और बुधवार रात का न्यूनतम तापमान 23.7 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1 डिग्री कम है। हवा में 92% नमी दर्ज की गई।
मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि मॉनसून और ऊपरी हवा के चक्रवात की वजह से बारिश हो रही है। अगले एक-दो दिन बारिश का दौर जारी रह सकता है, लेकिन इसके बाद मॉनसून की विदाई हो सकती है।
Chandigarh Monsoon Update: ठंड की दस्तक
मौसम विशेषज्ञ डॉ. डीपी दूबे के मुताबिक, उत्तराखंड और यूपी के कुछ इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है, जिससे बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। इसकी वजह से बारिश का दौर चल रहा है। शनिवार के बाद यह चक्रवात कमजोर पड़ जाएगा, जिससे बारिश की गतिविधि भी कम हो जाएगी। उत्तरी-पश्चिमी हवाओं के चलने से ओस पड़ने लगी है।
अगर मौसम ऐसा ही रहा, तो सितंबर के अंत तक हल्की ठंड शुरू हो सकती है। दिन में उमस से भी राहत मिलेगी। इस बार बारिश इतनी ज्यादा हुई है कि जमीन पूरी तरह पानी से तरबतर हो चुकी है। ऐसे में सितंबर के अंत तक चंडीगढ़ में गुलाबी ठंड का आगमन हो सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो इस बार ठंड 15 दिन पहले दस्तक दे सकती है।
सितंबर में दोगुनी बारिश
इस बार सितंबर में सामान्य से दोगुनी बारिश हुई है। सामान्य तौर पर सितंबर में 131 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 261.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। पूरे मॉनसून सीजन में भी 26% ज्यादा बारिश हुई है। पिछले 25 सालों में 2008, 2010, 2023 और 2025 में सबसे ज्यादा मॉनसूनी बारिश हुई। 2025 में मॉनसून सीजन में 1064.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह 25 साल में चौथी बार है, जब इतनी ज्यादा बारिश हुई।
सुखना लेक का हाल
सुखना लेक के कैचमेंट एरिया में तेज बारिश की वजह से गुरुवार सुबह फ्लड गेट खोलने पड़े। तीन में से एक गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। देर रात बारिश के बाद सुबह 4 बजे लेक का जलस्तर 1163 फुट (समुद्र स्तर से) तक पहुंच गया था, जो अधिकतम सीमा है। इसके बाद गेट खोले गए। दोपहर 12:30 बजे जलस्तर 1162.90 फुट से नीचे आने पर गेट बंद कर दिया गया। इस मॉनसून सीजन में 11वीं बार सुखना लेक के फ्लड गेट खोले गए हैं।













