कैथल (Kaithal Winter Fog Safety): मौसम में लगातार बदलाव आना शुरू हो गया है। अब रात के साथ सुबह व शाम को भी ठंड अहसास करवाने लग गई है। लोगों ने ठंड से बचने के लिए अपने गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए है। ठंड के बाद गेहूं भी फुटाव करने लग गई है।
मौसम बदलने के बाद अब सूप की रेहड़ियां लगना शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही अन्य गर्म पेय पदार्थ का सेवन लोगों की ओर से किया जाने लगा है। बता दें कि एक सप्ताह पहले तक दिन में गर्मी अहसास करवाती थी। लोग पंखें का सहारा ले रहे थे, जबकि अब पंखें, एसी, कूलर सभी बंद हो गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अब आगामी दिनों में ठंड अपना ज्यादा असर दिखाएगी। न्यूनतम तापमान नवंबर के अंतिम सप्ताह में 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच जाएगा। दिसंबर से लेकर जनवरी तक धुंध का असर रहेगा।
रविवार को अधिकतम 26 डिग्री व न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहा। ठंड के मौसम को लेकर प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। रोडवेज विभाग ने बसों पर रिफ्लेक्टर टेप लगवानी शुरू कर दी है। शीशे बसों के ठीक किए जा रहे हैं।
रोडवेज के 550 चालक व परिचालकों को भी यातायात नियमों के बारे में जागरूक किया। पुलिस प्रशासन निजी वाहन चालकों को यातायात नियमों के बारे में जानकारी दे रहा है, ताकि सभी वाहन चालक नियम को ध्यान में रखकर वाहन चलाए। सब्जियों की फसलों के लिए भी मौसम अनुकूलन बना हुआ है। आलू की फसल अच्छा फुटाव कर रही है।
कोहरे में वाहन चलाने के दौरान क्या करें
यातायात के सभी नियमों को हर हाल में पालन करें एवं कोहरे के दौरान सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं ।
इंडीकेटर का लगातार प्रयोग करें ।
घने कोहरे में सड़क पर दायीं तरफ पेंटेड रोड मार्क और डिवाइडर के आधार पर आगे बढ़ें ।
वाहन पर रेडियम स्टीकर्स जरूर लगाएं ।
कोहरे में आगे जा रहे वाहन से अपने वाहन को उचित दूरी पर रखें ।
वाहन में फॉग लाइट जरूर लगवाएं ।
मोड़ पर विशेषकर गलियों और तीखे मोड़ पर हमेशा हॉर्न बजाएं।
लिंक मार्ग से हाईवे पर जाते वक्त सड़क के दोनों ओर जरूर देखें।
जहां तक संभव हो कोहरे में सड़क पर निकलने से बचें। बहुत आवश्यक होने पर कोहरे में अपने वाहन को लेकर निकलें।
वाहन की हेडलाइट्स को हाई बीम पर न रखें ऐसा करने से कोहरे में रोशनी बिखर जाती है और सामने कुछ नजर नहीं आता।
हेडलाइट्स लो बीम पर रखें, इससे देखने में आसानी होगी और दूसरों को आपकी गाड़ी की सही स्थिति का पता चल सकेगा।
यातायात थाना प्रभारी नरेश कुमार ने बताया कि हादसों की आशंका 30 से 40 फीसदी तक बढ़ जाती है। ऐसे में बचाव के लिए यातायात नियमों की गंभीरता से पालन किए जाने की जरूरत है। जहां जिला प्रशासन इस संबंध में आवश्यक कदम उठा रहा है तो वाहन चालकों के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक रमेश चंद्र ने बताया कि मौसम बदल गया है। अब ठंड अपना असर दिखाएगी। लोगों से अपील है कि अपना जीवन का ध्यान रखें। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में उतार चढ़ाव रहेगा। गेहूं की फसल के लिए ठंड वरदान साबित होगी। किसान मौसम के अनुसार ही गेहूं में सिंचाई करें।
कोहरे के दौरान क्या न करें
वाहन कभी बीच सड़क पर रोककर खड़ा न करें ।
ओवरलोड करके वाहन न चलाएं ।
वाहन चलाते समय चालक फोन पर बात न करें। वाहन में किसी प्रकार का म्यूजिक न बजाएं ताकि अन्य वाहनों के हार्न की आवाज आसानी से सुनाई दे सके।
क्षमता से ज्यादा समय तक वाहन न चलाएं ।
नशा करके या किसी दवाई का सेवन करके वाहन न चलाएं ।
कोहरे में आगे चल रहे किसी वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास न करें।
कोहरे में चालक अपने वाहन की गति धीमी रखें। धीमी गति से न केवल स्वयं बल्कि दूसरों को भी सुरक्षित रख सकते हैं।












