Delhi Weather: Rain wreaks havoc in Delhi-NCR: Loss of life and property, chaos on roads:
उत्तर भारत में बुधवार को मौसम (weather) ने अचानक करवट ली और दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में बारिश (rain) ने कहर बरपाया। दिन की शुरुआत जहां तेज धूप और गर्मी (heat) के साथ हुई, वहीं शाम होते-होते तेज हवाएं, आंधी (storm), और ओलावृष्टि (hailstorm) ने लोगों को राहत के साथ-साथ मुश्किलों में भी डाल दिया।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, और राजस्थान जैसे राज्यों में मौसम ने अलग-अलग रंग दिखाए। कहीं बारिश ने गर्मी से राहत दी, तो कहीं वज्रपात (lightning) और पेड़ों के गिरने से जानमाल का भारी नुकसान हुआ। खासकर उत्तर प्रदेश में 12 लोगों की मौत की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया।
दिल्ली-NCR में बारिश का तांडव Delhi Weather
दिल्ली-NCR में बुधवार की शाम तेज आंधी (storm) और बारिश (rain) ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज हवाओं ने पेड़ उखाड़ दिए, बिजली के तार टूट गए, और कई इलाकों में खंभे गिरने से बिजली गुल (power outage) हो गई।
वजीराबाद रोड पर एक पेड़ गिरने से एक बाइक सवार की दुखद मृत्यु हो गई। सड़कों पर जलभराव और यातायात जाम (traffic jam) ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से रात में अंधेरा छा गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग (meteorological department) ने अगले कुछ दिनों तक बारिश और आंधी की संभावना जताई है, जिसके चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में वज्रपात और हादसों का कहर
उत्तर प्रदेश में मौसम (weather) ने अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग रूप दिखाए। लखनऊ, तराई, और पूर्वी जिलों में जहां हल्की बूंदाबांदी हुई, वहीं सोनभद्र, सहारनपुर, और मेरठ जैसे क्षेत्रों में वज्रपात (lightning) और आंधी (storm) ने तबाही मचाई। सोनभद्र में वज्रपात से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि सहारनपुर में आकाशीय बिजली (lightning strike) गिरने से दो और लोगों ने जान गंवाई।
लखीमपुर में मकान ढहने से तीन लोगों की मृत्यु हुई, और अलीगढ़ में दीवार गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। बागपत में एक सात महीने की मासूम बच्ची आंधी में गिरे कूलर के नीचे दबकर मर गई, जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया। बिजनौर में एक सिपाही की मौत पेड़ से बाइक टकराने के कारण हुई। मौसम विभाग का अनुमान है कि 27 मई तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश (rain) और हल्की आंधी जारी रह सकती है।
पंजाब और हिमाचल में राहत के साथ नुकसान
पंजाब में दिनभर की भीषण गर्मी (heat) के बाद शाम को तेज आंधी, बारिश (rain), और ओलावृष्टि (hailstorm) ने लोगों को राहत दी। जालंधर, लुधियाना, और होशियारपुर जैसे शहरों में ठंडी हवाओं ने गर्मी से परेशान लोगों को सुकून दिया। हालांकि, कई जगहों पर पेड़ गिरने से यातायात (traffic) प्रभावित हुआ।
हिमाचल प्रदेश में ओलावृष्टि ने फसलों (crops) को भारी नुकसान पहुंचाया। आम के पेड़ों से फल झड़ गए, और मंडी के जोगेंद्रनगर में सड़कों पर मलबा (debris) जमा हो गया। छोटा भंगाल घाटी में एक किसान की गोभी की फसल पानी में बह गई, जिससे किसानों में निराशा छा गई।
उत्तराखंड में बारिश और ओलावृष्टि की मार
उत्तराखंड में भी बारिश (rain) और ओलावृष्टि (hailstorm) ने जनजीवन को प्रभावित किया। अल्मोड़ा में एक यात्री वाहन गदेरे के उफान में बह गया, हालांकि सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
अल्मोड़ा-हल्द्वानी मार्ग पर पहाड़ी से बोल्डर (boulders) गिरने से अफरा-तफरी मच गई। कई पर्वतीय क्षेत्रों में बिजली, पानी, और संचार सेवाएं बाधित हुईं। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी हल्की बौछारें जारी रहीं, जिससे यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम का असर विमान सेवाओं पर
मौसम (weather) की मार विमान सेवाओं (flight services) पर भी पड़ी। दिल्ली और अन्य प्रभावित राज्यों में उड़ानों में देरी और कुछ मामलों में रद्दीकरण (flight cancellations) की स्थिति बनी।
यात्रियों को हवाई अड्डों पर लंबा इंतजार करना पड़ा, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ गईं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि बारिश और आंधी (storm) का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है।
सावधानी और तैयारियां जरूरी
मौसम (weather) की इस अनिश्चितता के बीच लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। घरों और सड़कों पर बिजली के तारों और पेड़ों से बचकर रहें। किसानों को अपनी फसलों (crops) की सुरक्षा के लिए उपाय करने चाहिए।
मौसम विभाग (meteorological department) की चेतावनियों पर नजर रखें और आपात स्थिति के लिए तैयार रहें। दिल्ली-NCR और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर भी सतर्कता जरूरी है।













