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Haryana Mausam: हरियाणा में हिसार सबसे ठंडा शहर बना, पहाड़ों पर ताज़ी बर्फबारी का बड़ा असर

On: November 30, 2025 8:08 PM
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Haryana Mausam: हरियाणा में हिसार सबसे ठंडा शहर बना, पहाड़ों पर ताज़ी बर्फबारी का बड़ा असर
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Haryana Mausam news: हरियाणा में पहाड़ों की ताज़ा बर्फबारी का सीधा असर दिखने लगा है। तापमान में तेज गिरावट, धुंध बढ़ने और 1 दिसंबर से शीतलहर चलने की आशंका के बीच इस नवंबर में बारिश ने 25 साल का न्यूनतम रिकॉर्ड बनाया। जानिए हर शहर का हाल और आगे का मौसम।

उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में हुई ताज़ी बर्फबारी का असर अब मैदानी राज्यों में साफ दिखाई देने लगा है। हरियाणा में तापमान लगातार नीचे जा रहा है और नवंबर के आखिरी हफ्ते में सर्दी अचानक तेज हो गई है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 1 दिसंबर से प्रदेश में शीत लहर जैसी स्थिति बन सकती है, जिससे सुबह–शाम की ठिठुरन और बढ़ेगी।

रोचक बात यह है कि इस साल नवंबर में बारिश लगभग नगण्य रही। पूरे महीने में सिर्फ 0.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई—जो 25 साल में पहली बार है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश की कमी और पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाएं मिलकर तापमान को और गिरा सकती हैं।

हिसार-हरियाणा का सबसे ठंडा शहर

रविवार सुबह मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों में हिसार राज्य का ‘कोल्डेस्ट स्पॉट’ बनकर उभरा।
यहां न्यूनतम तापमान 5.7°C तक गिर गया, जो सामान्य से करीब 4.4°C कम है।

अन्य शहरों का हाल भी कम ठंडा नहीं है

करनाल: 5.9°C (सामान्य से 4.4°C कम)

चंडीगढ़: 7.5°C (सामान्य से 3.4°C कम)

नारनौल व सिरसा: तापमान सामान्य से 2°C नीचे

अंबाला: 11.1°C (सामान्य से थोड़ा अधिक)

12 और 13 जून को दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में गिरेंगे ओले, मौसम विभाग ने जारी की सख्त चेतावनी
12 और 13 जून को दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में गिरेंगे ओले, मौसम विभाग ने जारी की सख्त चेतावनी

मेवात: 14.6°C (राज्य में अपेक्षाकृत गर्म)

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों के ऊपरी हिस्सों में लगातार बर्फ जमने से मैदानी इलाकों में तापमान अगले 48 घंटों में और नीचे जा सकता है।

1 दिसंबर से चलेंगी ठंडी उत्तर–पश्चिमी हवाएं

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विभाग प्रमुख डॉ. मदन खीचड़ बताते हैं:

“पहाड़ों की बर्फबारी के कारण उत्तर–पश्चिमी हवाएं ठंडी हो जाती हैं और इन्हीं के प्रभाव से हरियाणा में 1 दिसंबर से रात के तापमान में 2–3°C की अतिरिक्त गिरावट संभव है।”

उनके मुताबिक 3 दिसंबर तक मौसम शुष्क रह सकता है। इस दौरान सुबह धुंध की घनत्व बढ़ेगी, खासकर—

उत्तर व पश्चिम हरियाणा में हल्की धुंध

दक्षिण हरियाणा में हल्की से मध्यम धुंध

डॉ. खीचड़ का कहना है कि दिन में धूप तेज रहेगी लेकिन रातें बेहद ठंडी होंगी।
आने वाले दिनों में अनुमानित तापमान

अधिकतम: 23–26°C

हरियाणा में 12 जून तक भीषण लू का अलर्ट, हिसार मौसम विभाग ने दी बेहद डराने वाली चेतावनी
हरियाणा में 12 जून तक भीषण लू का अलर्ट, हिसार मौसम विभाग ने दी बेहद डराने वाली चेतावनी

न्यूनतम: 6–10°C

धुंध बढ़ेगी, दृश्यता घटेगी, यातायात पर असर

मौसम विभाग की मानें तो तापमान गिरने के साथ ही धुंध का स्तर बढ़ने लगेगा।
विशेषकर सुबह के समय

दृश्यता घट सकती है

सड़क हादसों की आशंका बढ़ेगी

ट्रेन और बस सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है

यातायात विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि सुबह यात्रा करते समय गाड़ी की लो बीम हेडलाइट, फॉग लैंप, और धीमी गति का पालन करें।

नवंबर में बारिश का 25 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

हरियाणा में इस बार नवंबर लगभग सूखा बीता।
पूरे महीने में सिर्फ 0.8 मिमी वर्षा हुई जबकि आमतौर पर इस समय गेहूं की फसल के लिए हल्की बारिश लाभदायक मानी जाती है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार:

पश्चिमी विक्षोभ लगातार बनते रहे,

Haryana Weather Forecast: 7 जून तक जमकर बरसेंगे बादल, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
Haryana Weather Forecast: 7 जून तक जमकर बरसेंगे बादल, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

लेकिन वे इतने कमजोर थे कि बारिश नहीं हो सकी।

पिछले वर्षों में 2011, 2016, 2021 और 2024 नवंबर में भी बारिश नहीं हुई थी।
लेकिन इस बार की स्थिति इससे भी गंभीर मानी जा रही है।

आने वाले दिनों में क्या उम्मीद करें?

मौसम विभाग और कृषि विश्वविद्यालय के अनुमान के अनुसार:

रातें बेहद ठंडी होंगी

धुंध और कोहरा बढ़ेगा

तापमान में लगातार गिरावट जारी रहेगी

शीतलहर 1–3 दिसंबर के बीच सक्रिय रह सकती है

विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और संवेदनशील लोगों को गर्म कपड़े और सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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