चंडीगढ़. हरियाणा में शुक्रवार को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से सिरसा में ओले गिरे हैं। मौसम विभाग ने 25 जनवरी तक जींद और रोहतक सहित कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है।
हरियाणा के मौसम में वीरवार देर रात से बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते प्रदेश के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बरसात का दौर शुरू हो गया है। मौसम के इस बदलते मिजाज का सबसे पहला असर सिरसा जिले में देखने को मिला है जहां तेज बारिश के साथ ओले गिरने की खबरें सामने आई हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी चेतावनी जारी कर दी है।
अगले 48 घंटे भारी पड़ सकते हैं
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ मदन खीचड़ के मुताबिक प्रदेश में 25 जनवरी तक मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है। यह समय रबी की फसलों के लिए काफी संवेदनशील है इसलिए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
24 जनवरी की रात से फिर बिगड़ेगा मौसम
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार मौसम में यह हलचल अभी थमने वाली नहीं है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि 24 जनवरी की रात से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसका असर 25 जनवरी को पूरे प्रदेश में देखने को मिल सकता है।
इस दौरान रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है जबकि दिन के तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। बादलों की आवाजाही और रुक रुक कर हो रही बारिश से ठंड का अहसास बना रहेगा।
इन शहरों में 60 की स्पीड से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने हरियाणा के कई जिलों और कस्बों के लिए तात्कालिक चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार नरवाना और जींद के आसपास के इलाकों में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है। इसके अलावा पानीपत और सोनीपत जैसे जिलों में भी मध्यम दर्जे की बारिश होने के आसार हैं।
इन इलाकों में अलर्ट जारी मौसम विभाग ने विशेष रूप से रोहतक और झज्जर समेत गोहाना व गन्नौर जैसे क्षेत्रों को चिन्हित किया है। यहां 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। फरुखनगर और खरखौदा के लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
किसानों के लिए क्या है सलाह
इस समय खेतों में गेहूं और सरसों की फसल खड़ी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है लेकिन अगर ओलावृष्टि होती है तो इससे नुकसान हो सकता है। तेज हवाओं के कारण लंबी फसलें बिछ सकती हैं। इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम साफ होने तक सिंचाई और छिड़काव जैसे कार्यों को रोक दें।













