ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

राजस्थान में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन, हरियाणा के इन जिलों में मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

On: अप्रैल 5, 2026 11:54 पूर्वाह्न
Follow Us:
राजस्थान में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन, हरियाणा के इन जिलों में मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
Join WhatsApp Group

हिसार, 05 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम एक बार फिर पलटी मारने वाला है। मौसम विभाग ने 6 से 8 अप्रैल के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और गरज-चमक के साथ तेज बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे पकी फसलों पर संकट गहरा गया है।

हिसार स्थित चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और मौसम विभाग ने साझा बुलेटिन जारी कर बताया है कि 6 अप्रैल से 8 अप्रैल के बीच प्रदेश में मौसम का बड़ा यू-टर्न देखने को मिलेगा। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र) बन रहा है। इसका सीधा असर गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक और हिसार समेत पूरे प्रदेश में धूलभरी आंधी और तेज बारिश के रूप में दिखेगा।

सोनीपत और भिवानी के आंकड़े आए सामने

बेमौसम की इस हलचल ने प्रदेश के तापमान को भी प्रभावित किया है। पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 1.9 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। भिवानी 33 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि सोनीपत में रात का पारा गिरकर 16.5 डिग्री तक पहुंच गया। अंबाला, करनाल और कुरुक्षेत्र जैसे उत्तरी जिलों में भी तापमान 30 से 32 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले तीन दिनों में बारिश के चलते पारा और नीचे लुढ़क सकता है।

हरियाणा की मंडियों में भीगा 8 लाख क्विंटल धान: 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, किसानों ने जड़े ताले | haryana-paddy-procurement-crisis-rain-alert-farmers-protest-mandis
हरियाणा की मंडियों में भीगा 8 लाख क्विंटल धान: 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, किसानों ने जड़े ताले

50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने साफ किया है कि 5 और 6 अप्रैल को मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहेगा, लेकिन असली खेल 7 अप्रैल से शुरू होगा। विभाग ने 7 और 8 अप्रैल के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने की आशंका है। गरज-चमक के साथ होने वाली यह बारिश गेहूं की कटाई कर रहे किसानों की मुश्किल बढ़ा सकती है। कृषि वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि किसान अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और मंडियों में तिरपाल का पुख्ता प्रबंध करें।

आम जनजीवन पर पड़ेगा प्रभाव

लगातार हो रहे इस बदलाव से न केवल फसलों को नुकसान हो रहा है, बल्कि आम जनजीवन भी प्रभावित है। आंधी और धूलभरी हवाओं के चलते बिजली आपूर्ति में बाधा आने और सड़कों पर दृश्यता कम होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान कच्चे ढांचों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म और सर्द हवाओं का यह संगम अगले 72 घंटों तक हरियाणा के मौसम को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखेगा।

किसान सावधान! 7 अप्रैल से हरियाणा में फिर आएगा बड़ा तूफान, गेहूं की फसल पर संकट

39 डिग्री पर पहुंचे पारे से मिलेगी राहत, हरियाणा में 6 दिन तक बादलों का डेरा; जानें मौसम का हाल | haryana-weather-update-western-disturbance-rain-alert-october-temperature-drop
39 डिग्री पर पहुंचे पारे से मिलेगी राहत, हरियाणा में 6 दिन तक बादलों का डेरा; जानें मौसम का हाल

मौसम अपडेट और भरोसेमंद पूर्वानुमान के लिए Haryana News Post पर नज़र बनाए रखें।

हरियाणा में 7 साल का सबसे सूखा मानसून: 23% कम बरसा पानी, जींद और सिरसा में सूखे जैसे हालात | haryana-monsoon-2026-deficit-drought-rain-data-groundwater-impact
हरियाणा में 7 साल का सबसे सूखा मानसून: 23% कम बरसा पानी, जींद और सिरसा में सूखे जैसे हालात

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment