हिसार, 05 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम एक बार फिर पलटी मारने वाला है। मौसम विभाग ने 6 से 8 अप्रैल के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और गरज-चमक के साथ तेज बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे पकी फसलों पर संकट गहरा गया है।
हिसार स्थित चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और मौसम विभाग ने साझा बुलेटिन जारी कर बताया है कि 6 अप्रैल से 8 अप्रैल के बीच प्रदेश में मौसम का बड़ा यू-टर्न देखने को मिलेगा। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र) बन रहा है। इसका सीधा असर गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक और हिसार समेत पूरे प्रदेश में धूलभरी आंधी और तेज बारिश के रूप में दिखेगा।
सोनीपत और भिवानी के आंकड़े आए सामने
बेमौसम की इस हलचल ने प्रदेश के तापमान को भी प्रभावित किया है। पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 1.9 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। भिवानी 33 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि सोनीपत में रात का पारा गिरकर 16.5 डिग्री तक पहुंच गया। अंबाला, करनाल और कुरुक्षेत्र जैसे उत्तरी जिलों में भी तापमान 30 से 32 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले तीन दिनों में बारिश के चलते पारा और नीचे लुढ़क सकता है।
50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने साफ किया है कि 5 और 6 अप्रैल को मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहेगा, लेकिन असली खेल 7 अप्रैल से शुरू होगा। विभाग ने 7 और 8 अप्रैल के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने की आशंका है। गरज-चमक के साथ होने वाली यह बारिश गेहूं की कटाई कर रहे किसानों की मुश्किल बढ़ा सकती है। कृषि वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि किसान अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और मंडियों में तिरपाल का पुख्ता प्रबंध करें।
आम जनजीवन पर पड़ेगा प्रभाव
लगातार हो रहे इस बदलाव से न केवल फसलों को नुकसान हो रहा है, बल्कि आम जनजीवन भी प्रभावित है। आंधी और धूलभरी हवाओं के चलते बिजली आपूर्ति में बाधा आने और सड़कों पर दृश्यता कम होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान कच्चे ढांचों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म और सर्द हवाओं का यह संगम अगले 72 घंटों तक हरियाणा के मौसम को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखेगा।
किसान सावधान! 7 अप्रैल से हरियाणा में फिर आएगा बड़ा तूफान, गेहूं की फसल पर संकट
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