Punjab Monsoon 2025 Clouds rained so early for the fourth time in 25 years: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रविवार को पंजाब के कुछ उत्तरी हिस्सों में दस्तक दे दी है। पिछले साल 27 जून को मानसून आया था। इस बार पांच दिन पहले ही इसका आगमन हो चुका है। पठानकोट की दिशा से मानसून पंजाब में उत्तरी छोर से आया है। रविवार को अलग-अलग जिलों में बूंदाबांदी हुई।
Punjab Monsoon 2025: 5 दिन पहले बरसी राहत
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में यह हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के बाकी हिस्सों में भी पहुंच जाएगा। इसके साथ ही 23 से लेकर 26 जून के बीच इन क्षेत्रों में बारिश तेज होने की संभावना है। 25 साल में यह चौथी बार है जब इतनी जल्दी मानसून पंजाब में प्रवेश कर रहा है।
इससे पहले साल 2008 में 6 जून, 2013 में 16 जून और 2021 में 13 जून को मानसून ने सूबे में एंट्री की थी। गौर रहे कि पड़ोसी राज्य हिमाचल में मानसून ने तीन दिन पहले दस्तक दे दी थी। विभाग ने 28 जून अधिकांश क्षेत्रों में बारश्या बताई है।
मौसम विभाग ने बताया कि 23 और 24 व 27 और 28 जून को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जबकि 25 और 26 जून को अधिकांश स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। पंजाब में 22, 23, 27 और 28 जून को अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हो सकती है।
पिछले साल जून और जुलाई में भारी कमी
पिछले साल जून में 29.2 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 46% कम रही। जुलाई में भी 89.5 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 44% कम थी। अगस्त में 153.7 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 5% ज्यादा रही। सितंबर में फिर से गिरावट आई और सिर्फ 42.2 मिमी
हुई, जो सामान्य से 46% कम रही। पंजाब में यह कुल 72% रही। वहीं, देशभर में मानसून के दौरान सामान्य से 8% ज्यादा बारिश रही।
पिछले साल 27 जून को पहुंचा
इस साल बारिश पहले ही चरण में प्रभावशाली है। पिछले साल कम बारिश हुई थी। 2024 में मानसून 27 जून को पहुंचा और 2 जुलाई तक पूरे राज्य में फैल गया था। उस समय 1 जून से 30 सितंबर 2024 के बीच राज्य में कुल 314.6 मिमी बारिश हुई। जो सामान्य औसत 439.8 मिमी से 28% कम रही। तरनतारन में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य से 48% अधिक थी।
छठी बार पंजाब के बाद देगा दस्तक
हरियाणा में रविवार को बादल छाए रहे। मंद-मंद हवा | मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून बादल छाए हुए हैं। सोमवार या मंगलवार को मानसूनी बारिश हो सकती है। इस बार हरियाणा में मानसून सीजन में 114% बारिश का अनुमान है। यानी 475 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। सामान्य बारिश 438 मिलीमीटर है।
Haryana Monsoon: हरियाणा में होती रही रिकॉर्ड बारिश
हरियाणा में मानसून आने की सामान्य तारीख 29 जून है। 24 साल में यह 13 बार पहले आया। इसमें 4 बार सामान्य से ज्यादा बारिश हुई। वहीं, 11 बार देरी से आया। इसमें 2 बार सामान्य से ज्यादा बरसा। 2010 में यह 5 जुलाई को आया था, तब 557 मिलीमीटर बारिश हुई थी। 2021 में 13 जून को आया था, तब 571.5 मिमी बारिश हुई।
बीच प्रदेश में दिन का तापमान 1 डिग्री सेल्सियस कम हुआ है। यह पंचकूला सबसे कम 32.7 और सिरसा में सबसे अधिक 42 डिग्री रहा। हरियाणा और पंजाब में 2001 से 2024 तक मानसून 17 बार एकसाथ आया। 5 बार ऐसा हुआ, जब पंजाब के बाद हरियाणा में आया। 2 बार (2017 व 2023) पंजाब से पहले हरियाणा में दस्तक दी। इस साल छठी बार पंजाब के बाद पहुंचेगा।
पंजाब में पिछले एक दशक में कमजोर रहा मानसून 1901 से अब तक के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में 2011 से 2024 तक का दशक सबसे लंबा कमजोर मानसून वाला रहा। हालांकि पिछले तीन वर्षों में बारिश सामान्य रही है। कुल मिलाकर पिछले दो दशकों में कमजोर मानसून की घटनाएं ज्यादा रही हैं।













