Weather Alert, चंडीगढ़ : सितंबर की शुरुआत उत्तर भारत के लिए बारिश का पैगाम लेकर आई है। भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले हफ्ते तक उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक, बारिश का असर हर जगह दिखेगा। आइए जानते हैं, किन-किन राज्यों में होगा मानसून का कहर और क्या है मौसम विभाग की सलाह।
उत्तर भारत पर बारिश की मार
4 से 9 सितंबर के बीच उत्तराखंड में लगातार भारी बारिश की संभावना है। हरियाणा और चंडीगढ़ में 4 और 9 सितंबर को तेज बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में 5 से 8 सितंबर तक झमाझम बारिश का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। इन राज्यों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है।
मध्य और पूर्वी भारत में झमाझम बारिश
मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 5 सितंबर को 21 सेंटीमीटर या उससे ज्यादा बारिश की आशंका है। पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और झारखंड में 4 से 6 सितंबर तक लगातार बारिश होगी। बिहार में 6 और 7 सितंबर को तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
पश्चिमी भारत में मानसून का जोर
गुजरात में मानसून पूरे शबाब पर है। 4 से 6 सितंबर तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। खासकर 6 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ में अत्यधिक बारिश की आशंका है। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी 3 से 7 सितंबर तक अच्छी बारिश होगी।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत की स्थिति
पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में 3 से 8 सितंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है।
सतर्कता और सलाह
मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि 3 से 8 सितंबर तक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र में न जाएं। आम लोगों को भी अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए यह बारिश वरदान हो सकती है, लेकिन आम जनता को सतर्क रहना जरूरी है।













