Agricultural Subsidy October 31: समस्तीपुर | बिहार सरकार की कृषि यांत्रिकीकरण योजना किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना के तहत समस्तीपुर जिले के किसानों को 91 तरह के कृषि यंत्रों पर 40% से 80% तक की भारी सब्सिडी मिल रही है।
चाहे छोटे यंत्र हों या बड़े ट्रैक्टर, यह योजना खेती को आसान और उत्पादन को बढ़ाने का शानदार मौका दे रही है। अब तक 1123 किसानों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। अगर आप भी इसका फायदा उठाना चाहते हैं, तो 31 अक्टूबर से पहले आवेदन करें। आइए, इस योजना की पूरी जानकारी जानते हैं।
91 तरह के यंत्रों पर बंपर सब्सिडी Agricultural Subsidy
इस योजना में खुरपी, कुदाल, हंसिया, वीडर जैसे छोटे यंत्रों से लेकर ट्रैक्टर, पावर टिलर, थ्रेशर, रीपर, सीड ड्रिल और पंपसेट जैसे बड़े उपकरण शामिल हैं। खास बात यह है कि फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े यंत्रों पर 80% तक की सब्सिडी दी जा रही है।
इससे पराली जलाने की समस्या से छुटकारा मिलेगा और मिट्टी की सेहत भी सुधरेगी। यह योजना किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी मेहनत को कम करने का काम कर रही है।
योजना की राशि और आखिरी तारीख
अब तक 1799 किसानों ने इस योजना के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 1123 को मंजूरी मिल चुकी है। इसके लिए 6 करोड़ 52 लाख 42 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। अगर आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है, तो जल्दी करें, क्योंकि 31 अक्टूबर 2025 आखिरी तारीख है। इस मौके को हाथ से न जाने दें।
गैर-रैयत किसानों के लिए भी मौका
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है कि गैर-रैयत किसान, यानी जिनके पास अपनी जमीन नहीं है, वे भी इसका लाभ ले सकते हैं। ऐसे किसानों को मैनुअल यंत्र किट पर 80% की छूट मिलेगी। इससे वे भी आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर अपनी खेती को बेहतर बना सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन की आसान प्रक्रिया
योजना को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। किसान ऑनलाइन फार्म मैकेनाइजेशन सिस्टम (OFMS) पोर्टल के जरिए आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
अगर आप 20,000 रुपये से ज्यादा कीमत वाले यंत्रों के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (LPC) या तीन साल की लगान रसीद अपलोड करनी होगी। इस बार किसानों के चयन के लिए ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम लागू किया गया है, जिससे बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होगी और लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा।













