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Dragon Fruit Farming: फरीदाबाद के किसान की नई उड़ान, 100 रुपये का एक फल: ड्रैगन फ्रूट खेती का कमाल!

On: जून 21, 2025 6:21 अपराह्न
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Dragon Fruit Farming: फरीदाबाद के किसान की नई उड़ान, 100 रुपये का एक फल: ड्रैगन फ्रूट खेती का कमाल!
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Dragon Fruit Farming: New flight of Faridabad farmer, one fruit for 100 rupees: Wonder of dragon fruit farming!: ड्रैगन फ्रूट खेती (Dragon Fruit Farming) फरीदाबाद के गांव फतेहपुर बिल्लौच में किसान यश मोहन ने परंपरागत खेती को अलविदा कहकर एक नया रास्ता चुना है।

उन्होंने ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit Farming) शुरू की, जो अब उनके लिए उम्मीद की किरण बन रही है। हरियाणा सरकार की प्रोत्साहन नीति का फायदा उठाते हुए यश ने जैविक खेती (Organic Farming) को अपनाया। दो दर्जन पौधों से शुरू हुआ उनका यह सफर अब फल देने लगा है। अगर आप खेती में नए अवसर तलाश रहे हैं, तो यश की कहानी आपके लिए प्रेरणा हो सकती है।

मेहनत और लागत का अनोखा प्रयोग Dragon Fruit Farming

ड्रैगन फ्रूट की खेती आसान नहीं है। यश मोहन ने बताया कि इसके लिए खंभों का सहारा लेकर पौधे लगाए जाते हैं। एक पौधे की कीमत 150 रुपये है, और एक एकड़ में 400 खंभे लगाए गए हैं। अब तक 6.5 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। ये पौधे हिमाचल प्रदेश से लाए गए हैं, जिनमें ड्रैगन रेड वैरायटी (Dragon Fruit Variety) शामिल है।

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यह लाल रंग का ड्रैगन फ्रूट बाजार में कम मिलता है और इसकी कीमत 100 रुपये प्रति फल तक होती है। यश ने पूरी तरह जैविक तरीके अपनाए। वे गौमूत्र और जीवा अमृत से छिड़काव करते हैं और केंचुआ खाद (Vermicompost) का इस्तेमाल करते हैं। रासायनिक कीटनाशकों से परहेज रखा जाता है।

जैविक खेती और टिकाऊ तकनीक

यश की खेती पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है। उन्होंने सिंचाई के लिए ड्रिप इरिगेशन (Drip Irrigation) सिस्टम लगाया, जो पानी की बचत करता है। पौधे अभी शुरुआती चरण में हैं, लेकिन जैसे-जैसे वे बढ़ेंगे, फलों को सहारा देने के लिए जाल लगाए जाएंगे।

ड्रैगन फ्रूट का एक पौधा सालों तक फल देता है, जिससे लंबे समय तक कमाई की संभावना रहती है। यश का कहना है कि कीड़ों से बचाव के लिए प्राकृतिक उपाय अपनाए गए हैं। उनकी मेहनत और धैर्य अब रंग ला रहा है, और वे अच्छे उत्पादन (High Yield) की उम्मीद कर रहे हैं।

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कमाई का नया रास्ता

ड्रैगन फ्रूट की बढ़ती मांग (Market Demand) यश के लिए बड़ा अवसर है। बाजार में इसकी ऊंची कीमत और स्वास्थ्य लाभ इसे लोकप्रिय बनाते हैं। यश की जैविक खेती (Organic Farming) न केवल उनकी आय बढ़ाएगी, बल्कि पर्यावरण को भी फायदा पहुंचाएगी।

हरियाणा सरकार की नीतियां और यश जैसे किसानों की मेहनत से बागवानी खेती (Horticulture Farming) को नया मुकाम मिल रहा है। यश का मानना है कि अगर उत्पादन अच्छा रहा, तो उनकी लागत निकलने के साथ मुनाफा भी होगा। उनकी यह पहल अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।

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मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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