Drone Didi scheme: Drone revolution in Haryana: Keeping an eye on crop diseases, 5000 women will become ‘Drone Didi’: हरियाणा के किसानों के लिए एक नई सुबह की शुरुआत हो रही है, जहां अब फसलों की बीमारियों की पहचान और निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का सहारा लिया जाएगा। हरियाणा सरकार ने आलू, चना, कपास, धान और सब्जियों की फसलों के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का फैसला किया है, जिसके तहत ड्रोन फसलों के स्वास्थ्य की जांच करेंगे और बीमारियों का समय पर पता लगाएंगे।
ड्रोन दीदी योजना के तहत 5000 महिलाओं को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो न केवल खेती को आधुनिक बनाएगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सशक्त भी करेगा। यह पहल हरियाणा को कृषि और तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।Drone Didi scheme
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में ड्रोन इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ हरियाणा लिमिटेड (दृश्या) के अधिकारियों के साथ बैठक में इस परियोजना को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने बताया कि ड्रोन तकनीक से किसानों को फसल हानि से बचाने में मदद मिलेगी, क्योंकि यह समय पर बीमारियों की जानकारी देगा।
इसके अलावा, ड्रोन का उपयोग प्राकृतिक खेती में जीवामृत के छिड़काव, एचटी पावर लाइन निरीक्षण, अवैध खनन की निगरानी, आपदा प्रबंधन, और यातायात निगरानी जैसे कार्यों में भी किया जा रहा है। दृश्या के सीईओ फूल कुमार ने बताया कि अब तक 6100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की लार्ज स्केल मैपिंग और 680 किलोमीटर एचटी पावर लाइन का निरीक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
ड्रोन दीदी योजना के तहत अगली तिमाही में 500 महिलाओं को प्रशिक्षण देने की योजना है, जबकि अब तक 135 किसानों और करनाल में 243 युवाओं को यूएवी (मानव रहित हवाई वाहन) उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह तकनीक न केवल कृषि, बल्कि राजस्व विभाग, शहरी स्थानीय निकाय, बिजली, खनन, और वन विभाग जैसे क्षेत्रों में भी क्रांति ला रही है।
ड्रोन से भूमि रिकॉर्ड, आपातकालीन सेवाएं, और विकास योजनाओं की मैपिंग में भी सहायता मिल रही है। यह पहल हरियाणा के किसानों और नागरिकों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है, जो तकनीक और परंपरा के बीच संतुलन बनाते हुए उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रही है।









