Fertilizer Distribution: New rule in UP, fertilizer will not be available without receipt: उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा कदम उठाया है। खाद वितरण (Fertilizer Distribution) में पारदर्शिता लाने के लिए अब बिना रसीद के खाद बेचना गैरकानूनी होगा।
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी उर्वरक बिक्री POS मशीन के माध्यम से होगी। अनियमितताओं पर नकेल कसने के लिए सीतापुर के जिला कृषि अधिकारी को निलंबित किया गया है, और कई दुकानों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। आइए जानते हैं, यह नया नियम किसानों के लिए क्या बदलाव लाएगा।
पारदर्शी खाद बिक्री की नई व्यवस्था Fertilizer Distribution
उत्तर प्रदेश सरकार ने खाद वितरण (Fertilizer Distribution) को पारदर्शी बनाने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। अब हर खाद की बिक्री POS मशीन से होगी, और किसानों को बिल देना अनिवार्य है। यदि कोई विक्रेता अधिक कीमत वसूलता है या खाद के साथ अन्य उत्पाद खरीदने का दबाव बनाता है, तो उसके खिलाफ FIR दर्ज होगी।
खरीफ 2025 सीजन के लिए 39.58 लाख टन उर्वरक उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें से 25.62 लाख टन की बिक्री हो चुकी है। अभी 9.91 लाख टन स्टॉक उपलब्ध है, जिसमें यूरिया (Urea), डीएपी, और एनपीके शामिल हैं। यह व्यवस्था किसानों को समय पर खाद (Fertilizer Availability) सुनिश्चित करेगी।
सख्त कार्रवाई और निरीक्षण
सरकार ने अनियमितताओं पर सख्ती दिखाई है। सीतापुर और लखनऊ में हाल ही में औचक निरीक्षण (Surprise Inspections) किए गए। सीतापुर में जैन इंटरप्राइजेज और बालाजी ट्रेडर्स जैसी दुकानों पर स्टॉक में गड़बड़ी और अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें मिलीं।
लखनऊ के कुर्सी रोड पर किसान खाद भंडार ने तय दर 266.50 रुपये से ज्यादा वसूला। इन मामलों में दुकानों को सील किया गया और कुछ विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द (License Cancellation) किए गए। कुशीनगर और बलरामपुर में भी शिकायतों पर तुरंत FIR दर्ज की गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि नीम कोटेड यूरिया का औद्योगिक उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।
किसानों के लिए दीर्घकालिक लाभ
यह नया नियम न केवल खाद वितरण (Fertilizer Distribution) में पारदर्शिता लाएगा, बल्कि किसानों को सही कीमत पर उर्वरक उपलब्ध कराएगा। सरकार की योजना है कि किसानों को रासायनिक खादों का संतुलित उपयोग सिखाया जाए, ताकि मिट्टी की उर्वरता (Soil Fertility) बनी रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर जिले में निगरानी और समीक्षा की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब तक 23,000 निष्क्रिय रिटेलर लाइसेंस रद्द किए गए हैं, जिससे केवल सक्रिय विक्रेता ही खाद बेच सकेंगे। यह कदम किसानों को समय पर और सही दाम पर खाद (Fertilizer Availability) दिलाने में मदद करेगा।











