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Farming Ideas : इन विदेशी सब्जियों की खेती करके कमा सकते हैं लाखों, मार्केट में भी है खूब डिमांड

Farming Ideas : इन विदेशी सब्जियां की खेती करके कमा सकते हैं लाखों, मार्केट में भी है खूब डिमांड
Farming ideas for small land : अगर आप कम जमीन में अच्छी खेती करके अधिक रुपया कमाना चाहते हैं तो विदेशी सब्जियां लगाएं। खेतों में कुछ विदेशी सब्जियों की खेती करके बंपर कमाई कर सकते हैं। 

करनाल। Expensive Vegetables Farming: भारत के ज्यादातर किसान मौसमी हरी पत्तेदार सब्जियों के अलावा आलू, टमाटर और हरी मिर्च जैसी सदाबहार सब्जियों की उपज करना पसंद करते हैं. क्योंकि हमारे यहां ज्यादातर इन्ही सब्जियों की खपत होती है. जिस वजह से कभी-कभी किसान अपनी लागत भर की भी कमाई इन सब्जियों को मंडी में बेच कर नहीं कर पाते. क्योंकि ये सब्जियां ज्यादा से ज्यादा 40 रुपये किलो के भाव से बिकती है। 

विदेशी सब्जियों से कमाएं लाखों 

लेकिन क्या आप जानते हैं? आप अपने उन्हीं खेतों में उतने ही मेहनत और लागत में  शतावरी, बोक चॉय, चेरी टमाटर, जुकीनी, पर्सले, गुच्छी जैसी कुछ विदेशी सब्जियों की खेती करके बंपर कमाई बड़े ही आसानी से कर सकते हैं.क्योंकि इन दिनों बड़े-बड़े शहरों में इन सब्जियों की काफी मांग है. इसके अलावा अगर आप चाहें तो इन सब्जियों को विदेशों में भी सप्लाई कर सकते हैं। 

गुच्छी की करें पैदावार 

गुच्छी एक प्रकार का जंगली मशरूम होता है. जिसमें कुछ चमत्कारी औषधीय गुण पाए जाते हैं. जो हेल्दी और फिट बने रहने में काफी ज्यादा मदद करते हैं. इसलिए गुच्छी  की मांग विदेश में काफी ज्यादा रहती है. इसलिये किसान गुच्छी मशरूम की खेती करके अच्छी कमाई कर सकते हैं। 

जुकीनी की है डिमांड 

फाइबर और न्यूट्रिशन से भरपूर जुकीनी खीरा या तोरई की तरह दिखने वाली एक सब्जी है. लेकिन इसका रंग, आकार और बाहरी छिलका कद्दू जैसा होता है. जानकारी के लिए बता दें, जुकीनी का ज्यादातर सेवन लोग वजन घटाने के लिए करते हैं. यही कारण है कि बड़े-बड़े शहरों में जिम जाने वाले और फिटनेस फ्रीक लोग इसे खाना काफी ज्यादा पसंद करते हैं।

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जिस वजह से जुकीनी 150 से 200 रुपये प्रति किलो के भाव से बिकने के बाद भी हमेशा डिमांड में बनी रहती है.  इसलिए किसान कद्दू या खीरा के जगह जुकीनी की खेती करके अच्छा लाभ कमा सकते हैं। 

बोक चॉय की खेती 

बोक चॉय को भारतीय बाजार में ज्यादातर लोग चीनी पत्ता गोभी के नाम से जानते है.ऐसा इसलिए क्योंकि यह पत्ता गोभी के परिवार से आने के साथ-साथ ये दिखने में भी कुछ-कुछ पत्ता गोभी के जैसे दिखती है. जिस वजह से बड़े-बड़े फाइव स्टार चाइनीज होटलों में बोक चॉय की काफी ज्यादा डिमांड होती है।

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लेकिन से सब्जी भारत में इतनी आसानी से नहीं मलिती है. इसलिए अगर किसान चाहें तो बोक चॉय की हाइड्रोपॉनिक्स खेती कर अच्छी कमाई कर सकते हैं. क्योंकि बाजार में एक बोक चॉय की कीमत 115 रुपये होती है. वहीं साधारण पत्ता गोभी की कीमत ज्यादा से ज्यादा 20-40 रुपए होती हैं। 

शतावरी की किसानी 

भारत में शतावरी का ज्यादातर सेवन सब्जी के रुप में शाकाहारी लोग प्रोटीन की कमी को दूर करने के लिए करते हैं. क्योंकि आधा कप  शतावरी के सेवन से लगभग 2 ग्राम से अधिक प्रोटीन मिलता है. जिस वजह से भारतीय बाजार में हमेशा शतावरी की कीमत 1200 से 1500 रुपये प्रति किलोग्राम रहता है।

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जानकारी के लिए बता दें, शतावरी एक औषधीय पौधा है. जिसे विदेशों से आयात किया जाता है. इसके अलावा भारत में हिमालयी क्षेत्रों में, गंगा के मैदानी इलाको और बिहार के पठारी इलाकों में इसकी खेती होती है। 

चेरी टमाटर में फायदा 

छोटे-छोटे दिखने वाले लाल चेरी टोमैटो का इस्तेमाल पिज्जा, पास्ता जैसे कई महंगे और फैंसी व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है.  जिस वजह से ये साधारण टमाटर से छोटा होने के बावजूद भी बजार में 250 से 300 रुपये किलोग्राम के भाव से बिकते है। 

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अब यही कारण है कि किसान साधारण टमाटर के जगह पर अब चेरी टमाटर की खेती करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। 

पार्सले की खेती देगी लाभ 

भारत में विदेशी धनिया के नाम से मशहूर अजमोद यानी पर्सले एक हरी पत्तेदार सब्जी होने के साथ-साथ एक औषधीय हर्ब भी है. यह चमकीले हरे रंग दिखने वाला पर्सले स्वाद में हल्का कड़वा होता है.जिस वजह से इसके पत्ते, तने और बीजों का कई व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 

वैसे जानकारी के लिए आपको बता दें कि, भारत में अभी पर्सले की खेती को लेकर ज्यादा जागरुकता नहीं है, लेकिन इसकी खेती करने पर अच्छी कमाई हो सकती है. क्योंकि बाजार में इसे 100-250 रुपये प्रति किलो के भवा से बेचा जाता है। 

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