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Grain Market Haryana: झज्जर अनाज मंडी में गेहूं की बंपर आवक, पिछले साल का रिकॉर्ड टूटा, सरसों और गेहूं उठान में तेजी के निर्देश

On: मई 2, 2025 6:59 पूर्वाह्न
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Grain Market Haryana: झज्जर अनाज मंडी में गेहूं की बंपर आवक, पिछले साल का रिकॉर्ड टूटा, सरसों और गेहूं उठान में तेजी के निर्देश
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Grain Market Haryana: Bumper arrival of wheat in Jhajjar grain market, last year’s record broken, instructions to speed up the lifting of mustard and wheat: झज्जर की अनाज मंडियों में इस बार गेहूं की आवक ने पिछले साल के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सरसों और गेहूं की खरीद में भी शानदार प्रगति हुई है, जिसमें 94% सरसों और 78% गेहूं का उठान हो चुका है।

हालांकि, ढाई लाख क्विंटल गेहूं अभी भी बिना खरीदा पड़ा है, और जिला उपायुक्त (डीसी) ने खरीद एजेंसियों को उठान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। यह खबर किसानों और अनाज मंडी से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं।

गेहूं की आवक ने बनाया नया कीर्तिमान Grain Market Haryana

झज्जर की अनाज मंडियों में इस सीजन गेहूं की आवक ने नया इतिहास रच दिया। पिछले साल 1.96 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी, लेकिन इस बार यह आंकड़ा पार हो चुका है।

हालांकि, मौजूदा समय में गेहूं की आवक धीमी हो गई है, और करीब ढाई लाख क्विंटल गेहूं अभी भी मंडियों में खरीद के इंतजार में है। कम संख्या में किसान अब गेहूं लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, जिससे खरीद प्रक्रिया में कुछ सुस्ती देखी जा रही है। फिर भी, इस बंपर आवक ने किसानों और मंडी अधिकारियों को उत्साहित किया है।

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सरसों और गेहूं का उठान: तेजी लाने के निर्देश

अनाज मंडियों में सरसों और गेहूं की खरीद में अच्छी प्रगति हुई है। अब तक 94% सरसों और 78% गेहूं का उठान पूरा हो चुका है।

जिला उपायुक्त ने खरीद एजेंसियों को बाकी बचे अनाज का उठान जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसानों को समय पर भुगतान मिले और मंडियों में अनाज का भंडारण सुचारू हो, प्रशासन सक्रिय रूप से काम कर रहा है। डीसी के निर्देशों से उठान प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

खरीद और भंडारण की समयसीमा

सरकारी निर्देशों के अनुसार, अनाज की खरीद का कार्य 15 मई तक चलता है। इसके बाद बचे हुए गेहूं का भंडारण शुरू होता है, जो इसी अवधि में पूरा कर लिया जाता है।

मंडियों में शेड्स में अनाज को सुरक्षित रखा जाता है। केंद्र से मिलने वाले आवंटन के आधार पर गेहूं और सरसों को विभिन्न स्थानों पर भेजा जाता है। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और खरीद एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।

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आढ़तियों के भुगतान में देरी

खरीद प्रक्रिया के बीच एक चुनौती यह भी है कि आढ़तियों का अंतिम भुगतान रोक दिया जाता है। अनाज की कमी को पूरा करने के बाद ही बची हुई राशि का भुगतान किया जाता है।

यह प्रक्रिया आढ़तियों के लिए कुछ असुविधा पैदा करती है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि यह अनाज की सही मात्रा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। जल्द ही इस प्रक्रिया को पूरा कर आढ़तियों को उनका भुगतान मिलने की उम्मीद है।

किसानों के लिए राहत, भविष्य की उम्मीद

इस साल की बंपर आवक और खरीद ने झज्जर के किसानों को राहत दी है। हालांकि, धीमी आवक और बचे हुए गेहूं की खरीद को लेकर कुछ चिंताएं हैं।

प्रशासन के सक्रिय रवैये और डीसी के निर्देशों से उम्मीद है कि खरीद और उठान प्रक्रिया जल्द पूरी होगी। यह स्थिति न केवल किसानों, बल्कि मंडी से जुड़े सभी लोगों के लिए सकारात्मक बदलाव लाएगी।

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निष्कर्ष: झज्जर की अनाज मंडी का गौरव

झज्जर की अनाज मंडियों ने इस साल गेहूं की रिकॉर्ड तोड़ आवक के साथ अपनी ताकत दिखाई है। सरसों और गेहूं की खरीद में हुई प्रगति और प्रशासन की सक्रियता इस बात का सबूत है कि किसानों की मेहनत को सही दिशा मिल रही है। बाकी बचे अनाज के उठान और भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी होने से झज्जर की मंडियां एक बार फिर किसानों के लिए उम्मीद की किरण बनेंगी।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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