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Green Pea Farming: अक्टूबर में मटर की 2 किस्मों से मुनाफा! 10 टन तक पैदावार, जानें कैसे

On: अक्टूबर 3, 2025 8:45 पूर्वाह्न
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Green Pea Farming: अक्टूबर में मटर की 2 किस्मों से मुनाफा! 10 टन तक पैदावार, जानें कैसे
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Green Pea Farming tips: मटर की खेती: भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) ने मटर की दो शानदार किस्में, पूसा श्री (जी.पी-17) और पूसा प्रबल (जी.पी-473) विकसित की हैं। ये किस्में रोगों से लड़ने वाली, ज्यादा पैदावार देने वाली और अलग-अलग जलवायु में उगने वाली हैं। इनसे किसान मोटा मुनाफा कमा सकते हैं और बाजार में अच्छी कीमत पा सकते हैं।

देश में किसानों की आमदनी दोगुनी करने और सब्जी उत्पादन बढ़ाने के लिए IARI समय-समय पर नई किस्में लाता रहता है। पूसा श्री और पूसा प्रबल ऐसी ही दो किस्में हैं, जो किसानों के बीच तेजी से हिट हो रही हैं। ये रोग प्रतिरोधी हैं, ज्यादा फसल देती हैं और अलग-अलग इलाकों में अच्छे से उगती हैं। आइए, इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

पूसा श्री (जी.पी-17) Green Pea Farming

पूसा श्री मटर की एक अगेती किस्म है, जो खासकर उत्तर भारत के मैदानी और निचले पहाड़ी इलाकों के लिए बनाई गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के किसानों के लिए ये वरदान साबित हो रही है।

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इसकी औसत पैदावार 4.5 टन प्रति हेक्टेयर है, जो इसे कमर्शियल खेती के लिए शानदार बनाती है। इसकी खास बात है जल्दी पकना, जिससे किसान शुरुआती फसल बेचकर बाजार में ऊंची कीमत हासिल कर सकते हैं। ये किस्म रोगों से लड़ने में माहिर है, इसलिए बार-बार कीटनाशक छिड़कने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे खेती का खर्चा कम होता है और मुनाफा बढ़ता है।

मुख्य विशेषताएं:

जल्दी पकने वाली अगेती किस्म
फ्यूसेरियम (उक्ठा) रोग प्रतिरोधी
हाई टेम्परेचर झेलने की क्षमता
उत्तर भारत के मैदानों और पहाड़ों के लिए बेस्ट
अक्टूबर में बुवाई के लिए आइडियल
हरी फलियां, हर फली में 5-6 दाने

पूसा प्रबल (जी.पी-473)

पूसा प्रबल एक नई और उन्नत किस्म है, जो हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के किसानों के लिए बनाई गई है। इसकी सबसे बड़ी खूबी है इसकी जबरदस्त पैदावार – 9 से 10 टन प्रति हेक्टेयर! जहां पूसा श्री 4.5 टन देती है, वहीं पूसा प्रबल दोगुनी फसल दे सकती है।

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इसकी लंबी फलियां और ज्यादा दाने बाजार में इसकी डिमांड बढ़ाते हैं। ये किस्म घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों के लिए परफेक्ट है। ज्यादा पैदावार और आकर्षक दानों की वजह से ये किसानों के लिए मुनाफे का नया रास्ता खोल रही है।

मुख्य विशेषताएं:

मध्यम पकने वाली किस्म
चूर्णिल असिता और उक्ठा रोग प्रतिरोधी
लंबी हरी फलियां, 7-9 दाने प्रति फली
छिलकन 52%
ज्यादा पैदावार के लिए बेस्ट

बाजार और मुनाफा

भारत में मटर की डिमांड हमेशा हाई रहती है। सर्दियों में हरी मटर किचन की शान है, और सूखी मटर स्नैक्स और खाद्य उद्योगों में यूज होती है।

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पूसा श्री की जल्दी फसल से किसान शुरुआती बाजार में अच्छी कीमत पा सकते हैं। वहीं, पूसा प्रबल की ज्यादा पैदावार और आकर्षक फलियां मंडियों और प्रोसेसिंग यूनिट्स में आसानी से बिकती हैं। इन किस्मों से किसान न सिर्फ ज्यादा उत्पादन पा सकते हैं, बल्कि मोटा मुनाफा भी कमा सकते हैं।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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