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Haryana kisan: हरियाणा में सेटेलाइट सर्वे की शानदार क्रांति: किसानों को मिलेगा सटीक मुआवजा

On: मई 16, 2025 12:05 अपराह्न
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Haryana kisan: हरियाणा में सेटेलाइट सर्वे की शानदार क्रांति: किसानों को मिलेगा सटीक मुआवजा
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Haryana kisan Great revolution of satellite survey in Haryana: Farmers will get accurate compensation: हरियाणा के किसानों के लिए एक नई तकनीकी क्रांति की शुरुआत होने जा रही है। अब फसल पैदावार का आकलन करने के लिए खेतों में जाकर सैंपल लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हरियाणा रिमोट एप्लीकेशन सेंटर (हरसैक) सेटेलाइट सर्वे (satellite survey) के जरिए फसलों का सटीक विश्लेषण करने की तैयारी में जुटा है।

इस आधुनिक तकनीक से न केवल समय और श्रम की बचत होगी, बल्कि किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (crop insurance scheme) के तहत सही समय पर मुआवजा भी मिलेगा। यह पहल हरियाणा के कृषि क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू करने जा रही है, जो किसानों के लिए राहत और विश्वास का प्रतीक बनेगी।

सेटेलाइट सर्वे की शानदार तकनीक Haryana kisan

परंपरागत रूप से, फसल पैदावार (crop yield) का आकलन करने के लिए कृषि विभाग की टीमें हर गांव में जाकर फसल कटाई सर्वे करती थीं। इसमें चार अलग-अलग दिशाओं में फसलों की कटाई कर औसत पैदावार निकाली जाती थी। इस प्रक्रिया में महीनों लग जाते थे और मानव संसाधनों की भारी आवश्यकता होती थी।

लेकिन अब हरसैक की सेटेलाइट-आधारित तकनीक इस प्रक्रिया को पूरी तरह बदल देगी। सेटेलाइट तस्वीरों के जरिए पौधों का आकार, दानों की संख्या, और पकने की स्थिति का सटीक आकलन किया जाएगा। यह तकनीक न केवल तेज है, बल्कि पूरी तरह पारदर्शी भी है, क्योंकि इसमें मानवीय हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं होगी।

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किसानों को समय पर मुआवजा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (crop insurance scheme) के तहत हरियाणा में खरीफ और रबी फसलों का बीमा किया जाता है। अगर फसल की पैदावार औसत से कम होती है, तो किसानों को मुआवजा दिया जाता है।

सेटेलाइट सर्वे (satellite survey) की मदद से अब यह प्रक्रिया और तेज हो जाएगी। बारिश, आंधी, ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय हरसैक की टीम सेटेलाइट तस्वीरों के आधार पर नुकसान का सत्यापन करेगी। इसके बाद किसानों को तुरंत मुआवजा प्रदान किया जाएगा। यह तकनीक न केवल किसानों का समय बचाएगी, बल्कि उन्हें आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करेगी।

हरसैक का योगदान

हरसैक पहले भी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान क्षतिपूर्ति सर्वे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है। जब किसान क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान की शिकायत दर्ज करते हैं, तो हरसैक की टीम सेटेलाइट डेटा के आधार पर नुकसान का आकलन करती है।

इस प्रक्रिया ने मुआवजे के वितरण को पारदर्शी और तेज बनाया है। अब फसल पैदावार (crop yield) के लिए भी यही तकनीक अपनाई जा रही है। हरसैक के निदेशक डॉ. सुलतान सिंह ने बताया, “सेटेलाइट सर्वे से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि मानव संसाधनों की जरूरत भी कम होगी। यह तकनीक किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।”

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मुआवजे का इतिहास

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (crop insurance scheme) की शुरुआत 2016-17 में हुई थी, और तब से हरियाणा के किसानों को भारी मुआवजा मिला है।

वर्ष 2016-17 में 298.23 करोड़ रुपये, 2017-18 में 898.93 करोड़, 2018-19 में 948.30 करोड़, 2019-20 में 938 करोड़, 2020-21 में 1285.51 करोड़, 2021-22 में 1714.26 करोड़, 2022-23 में 2496.89 करोड़, और 2023-24 में 224.43 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया गया। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए कितनी महत्वपूर्ण है, और सेटेलाइट सर्वे (satellite survey) इसे और प्रभावी बनाएगा।

किसानों के लिए नई उम्मीद

हरियाणा के किसान लंबे समय से ऐसी तकनीक की मांग कर रहे थे, जो उनकी मेहनत को सही मायने में सम्मान दे। सेटेलाइट सर्वे (satellite survey) न केवल फसल पैदावार के आकलन को आसान बनाएगा, बल्कि मुआवजे की प्रक्रिया को भी तेज और पारदर्शी करेगा।

इससे किसानों का भरोसा सरकार और बीमा योजना पर और बढ़ेगा। स्थानीय किसान राम सिंह ने कहा, “अब हमें महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सेटेलाइट से सब कुछ जल्दी और सही होगा।” यह तकनीक न केवल हरियाणा, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल बन सकती है।

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हरियाणा में कृषि का नया युग

हरियाणा, जो पहले से ही कृषि क्षेत्र में अग्रणी है, अब तकनीक के दम पर एक नया मुकाम हासिल करने जा रहा है। सेटेलाइट सर्वे (satellite survey) जैसी पहल न केवल किसानों की जिंदगी आसान बनाएगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता को भी बढ़ाएगी।

यह तकनीक हरियाणा के किसानों को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करेगी और उनकी मेहनत को सही मुआवजा दिलाएगी। हरसैक की यह पहल निश्चित रूप से किसानों के लिए एक नई रोशनी लेकर आएगी।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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