ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Marigold Farming: पथरीली जमीन पर बंपर कमाई! हर महीने 1 लाख का मुनाफा गेंदे की खेती

On: October 21, 2025 6:43 AM
Follow Us:
Marigold Farming: पथरीली जमीन पर बंपर कमाई!  हर महीने 1 लाख का मुनाफा गेंदे की खेती
Join WhatsApp Group

Marigold Farming details in hindi: नई दिल्ली | मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से 95 किलोमीटर दूर धनवार गांव के किसान छैय्यालाल पटले की कहानी हर किसान के लिए प्रेरणा है। उनकी पथरीली जमीन पर पारंपरिक फसलें जैसे धान, गेहूं, करेला, आलू और गोभी उगाने की कोशिश नाकाम रही।

लेकिन बेटों की सलाह पर उन्होंने खेती का तरीका बदला और अब गेंदे की खेती से हर महीने 1 लाख रुपये कमा रहे हैं। आइए, जानते हैं कैसे छैय्यालाल ने पथरीली जमीन को सोने की खान बना दिया और आप भी कैसे यह तरीका अपना सकते हैं!

पथरीली जमीन की चुनौती Marigold Farming

छैय्यालाल की जमीन पथरीली थी, जिसके कारण धान और गेहूं जैसी फसलों में नुकसान होता था। कई बार करेला, आलू और गोभी जैसी सब्जियां उगाने की कोशिश की, लेकिन मुनाफा नहीं हुआ।

₹24 लाख प्रति एकड़ की कमाई! मेरठ यूनिवर्सिटी ने शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती, किसानों की लगेगी लॉटरी
₹24 लाख प्रति एकड़ की कमाई! मेरठ यूनिवर्सिटी ने शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती, किसानों की लगेगी लॉटरी

फिर उनके बेटों ने सुझाव दिया कि पारंपरिक खेती छोड़कर आधुनिक तरीके अपनाए जाएं। साल 2019 में छैय्यालाल ने इस सलाह को माना और आधुनिक खेती की शुरुआत की।

करेले से गेंदे तक का सफर

छैय्यालाल ने सबसे पहले करेले की खेती शुरू की, लेकिन शुरुआती नुकसान के बाद ड्रिप इरिगेशन अपनाया, जिससे उत्पादन बढ़ा। फिर गोभी, आलू जैसी सब्जियों की खेती की।

इसके बाद उद्यानिकी विभाग की मदद से उन्होंने गेंदे की खेती शुरू की। इस फसल ने न सिर्फ उनके खेतों को सुंदर बनाया, बल्कि मुनाफा भी बढ़ाया। अब छैय्यालाल अपने दोनों बेटों के साथ मिलकर गेंदे की खेती कर रहे हैं।

किसान भाइयों! बिना Farmer ID और e-KYC के नहीं मिलेगी 23वीं किस्त, सरकार ने जारी किया अलर्ट
किसान भाइयों! बिना Farmer ID और e-KYC के नहीं मिलेगी 23वीं किस्त, सरकार ने जारी किया अलर्ट

गेंदे की खेती से बंपर कमाई

परसवाड़ा विकासखंड की उद्यान विकास अधिकारी चांदनी राहंगडाले बताती हैं कि वे किसानों को उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से जोड़ने का काम करती हैं।

छैय्यालाल ने पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना के तहत गेंदे के बीज लिए और खेती शुरू की। हर हफ्ते वे दो बार फूलों की तुड़ाई करते हैं, जिसमें करीब 5 क्विंटल फूल मिलते हैं। इन फूलों को परसवाड़ा, बैहर और मंडला के बाजारों में बेचकर वे हर हफ्ते 25 हजार रुपये से ज्यादा कमा रहे हैं। गेंदे की फसल दो महीने में तैयार हो जाती है, जिसमें लागत कम और मुनाफा ज्यादा है। सालभर इसकी मांग रहती है, जिससे किसानों को अच्छी आय मिलती है।

क्यों खास है गेंदे की खेती?

गेंदे की खेती कम लागत में ज्यादा मुनाफा देती है। यह पथरीली जमीन पर भी आसानी से उगाई जा सकती है। उद्यानिकी विभाग की मदद से किसान इसे अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। छैय्यालाल की कहानी बताती है कि सही सलाह और मेहनत से पथरीली जमीन भी मुनाफे का जरिया बन सकती है।

रोहतक के किसानों का नया दांव: गेहूं-धान छोड़ चुकंदर से कमा रहे बंपर मुनाफा
रोहतक के किसानों का नया दांव: गेहूं-धान छोड़ चुकंदर से कमा रहे बंपर मुनाफा

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment