Mushroom farming subsidy: Opportunity to earn from mushroom farming in Bihar! Government will give up to 90% subsidy, know how to start: पटना | बिहार के किसानों और युवाओं के लिए शानदार खबर! बिहार सरकार ने मशरूम अवयवी योजना शुरू की है, जिसके तहत मशरूम फार्मिंग शुरू करने के लिए 90% तक सब्सिडी दी जाएगी।
यह योजना किसानों की आय बढ़ाने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और नए अवसर पैदा करने के लिए लाई गई है। अगर आप कम लागत में मशरूम की खेती शुरू करना चाहते हैं, तो यह आपके लिए सुनहरा मौका है। आइए जानते हैं इस योजना की पूरी डिटेल्स और कैसे उठा सकते हैं इसका फायदा।
मशरूम अवयवी योजना का मकसद Mushroom farming subsidy
बिहार सरकार की मशरूम अवयवी योजना का लक्ष्य है लघु और सीमांत किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवा उद्यमियों को मशरूम उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना।
इस योजना के जरिए मशरूम किट और हट निर्माण पर आर्थिक मदद दी जाएगी, ताकि किसान आसानी से मशरूम की खेती शुरू कर सकें। यह न केवल उनकी आय बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगार पुरुषों और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए रास्ते भी खोलेगी। साथ ही, बाजार की मांग के हिसाब से मशरूम उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
कितनी मिलेगी सब्सिडी?
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना में 1396.75 लाख रुपये का बजट रखा गया है। इसमें शामिल हैं:
पेड़ी/ऑयस्टर मशरूम किट: प्रति किट लागत 75 रुपये, जिसमें 90% सब्सिडी (67.50 रुपये) मिलेगी। हर किसान को 25 से 100 किट तक दिए जाएंगे।
बटन मशरूम किट: प्रति किट लागत 90 रुपये, जिसमें 90% सब्सिडी (81 रुपये) मिलेगी। 25 से 100 किट तक का लाभ मिलेगा।
बाल्टी में मशरूम: प्रति यूनिट लागत 300 रुपये, जिसमें 90% सब्सिडी (270 रुपये) मिलेगी। 2 से 10 किट तक का लाभ मिलेगा।
मशरूम हट निर्माण: प्रति यूनिट लागत 1.795 लाख रुपये, जिसमें 50% सब्सिडी (89,750 रुपये) दी जाएगी। हर किसान को अधिकतम 1 हट का लाभ मिलेगा।
प्रशिक्षण और तकनीकी मदद
इस योजना में किसानों को मशरूम उत्पादन के लिए विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा। 1500 वर्गफीट के क्षेत्र में मशरूम हट निर्माण के लिए तकनीकी मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, भूसा, स्पॉन, पॉलिथीन बैग, उपकरण और मिट्टी जैसी जरूरी चीजों पर भी सब्सिडी मिलेगी। सभी 38 जिलों में इस योजना को लागू करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें।
जागरूकता और स्वरोजगार का मौका
सरकार इस योजना को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चला रही है। प्रशिक्षित किसानों के जरिए तकनीकी जानकारी को आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा। खास तौर पर महिलाओं और बेरोजगार युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह योजना न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।













