ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Tikamgarh Til Variety: किसानों को कम लागत में ज्यादा मुनाफा, GTS-8 और TKG-306 से

On: जुलाई 6, 2025 9:11 पूर्वाह्न
Follow Us:
Tikamgarh Til Variety: किसानों को कम लागत में ज्यादा मुनाफा, GTS-8 और TKG-306 से
Join WhatsApp Group

Tikamgarh Til Variety: Farmers get more profit at low cost, from GTS-8 and TKG-306: टीकमगढ़ तिल वैरायटी (Tikamgarh Til Variety) ने बुंदेलखंड के किसानों के लिए नई उम्मीदें जगाई हैं। खरीफ फसल की बुवाई शुरू हो चुकी है, और टीकमगढ़ में तिल अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित दो किस्में, GTS-8 और TKG-306, किसानों को कम लागत में ज्यादा मुनाफा (high profit) देने का वादा करती हैं।

ये वैरायटी 86-90 दिनों में पककर 700-900 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर उत्पादन देती हैं। नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. कमलेश अहिरवार ने इन किस्मों को बुंदेलखंड के लिए आदर्श बताया है। आइए, इन वैरायटी की खासियतों को समझते हैं।

टीकमगढ़ में तिल अनुसंधान की ताकत Tikamgarh Til Variety

टीकमगढ़ तिल वैरायटी (Tikamgarh Til Variety) की कहानी टीकमगढ़ जिले के तिल अनुसंधान केंद्र (til research center) से शुरू होती है। यह केंद्र छतरपुर से सटे टीकमगढ़ में स्थित है, जहां तिल की दो उन्नत किस्में, GTS-8 और TKG-306, विकसित की गई हैं।

कम बारिश के बीच करनाल-कुरुक्षेत्र ने कैसे बचाई फसल, जानिए उत्पादन के पूरे आंकड़े | haryana-monsoon-2026-paddy-production-loss-drought-impact-district-wise-report
कम बारिश के बीच करनाल-कुरुक्षेत्र ने कैसे बचाई फसल, जानिए उत्पादन के पूरे आंकड़े

डॉ. कमलेश अहिरवार के अनुसार, ये वैरायटी बुंदेलखंड की मिट्टी और जलवायु के लिए खास तौर पर उपयुक्त हैं। TKG-306, जिसे जवाहर तिल 306 भी कहते हैं, 86-90 दिनों में पकती है और इसका दाना सफेद होता है। इन किस्मों से किसान कम समय में अधिक उत्पादन (high yield) प्राप्त कर सकते हैं, जो उनकी आय बढ़ाने में मदद करता है।

GTS-8 और TKG-306 की खासियतें

टीकमगढ़ तिल वैरायटी (Tikamgarh Til Variety) की GTS-8 और TKG-306 किस्में अपने उच्च उत्पादन और गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं। ये दोनों वैरायटी प्रति हेक्टेयर 700-900 किलोग्राम तिल देती हैं, जिसमें तेल की मात्रा (oil content) 52% तक होती है।

TKG-306 का सफेद दाना तिलकुट, खाद्य पदार्थ, और तेल उत्पादन (sesame oil production) के लिए आदर्श है। ये किस्में बुंदेलखंड की कम उपजाऊ मिट्टी में भी अच्छा प्रदर्शन करती हैं। डॉ. कमलेश ने बताया कि ये वैरायटी स्थानीय किसानों के लिए आसानी से टीकमगढ़ अनुसंधान केंद्र से उपलब्ध हैं, जिससे बुवाई की लागत भी कम रहती है।

मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल फिर खुला: हरियाणा सरकार ने दोबारा शुरू किया फसल पंजीकरण, जानें प्रक्रिया | meri-fasal-mera-byora-portal-reopens-kharif-registration-haryana-farmers
मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल फिर खुला: हरियाणा सरकार ने दोबारा शुरू किया फसल पंजीकरण, जानें प्रक्रिया

बुवाई का सही तरीका और सलाह

किसानों को टीकमगढ़ तिल वैरायटी (Tikamgarh Til Variety) की बुवाई के लिए सही तरीके अपनाने की सलाह दी गई है। डॉ. कमलेश के अनुसार, एक एकड़ में 2 किलोग्राम और एक हेक्टेयर में 4-5 किलोग्राम बीज का उपयोग करना चाहिए। सही बुवाई तकनीक (sowing technique) से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।

ये वैरायटी छतरपुर और टीकमगढ़ जैसे क्षेत्रों में पहले से लोकप्रिय प्रकाश तिल और देसी तिल की तुलना में बेहतर परिणाम देती हैं। किसानों को सलाह है कि वे अनुसंधान केंद्र से संपर्क कर इन वैरायटी के बीज प्राप्त करें और बुवाई से पहले मिट्टी की जांच कर लें।

टीकमगढ़ तिल वैरायटी (Tikamgarh Til Variety) ने किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने का सुनहरा मौका दिया है। इन उन्नत किस्मों को अपनाकर बुंदेलखंड के किसान अपनी खेती को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं।

रुक-रुककर बारिश से धान को राहत, लीफ फोल्डर का असर काफी कम | yamunanagar-rainfall-paddy-crop-rice-leaf-folder-pest-august-2026
रुक-रुककर बारिश से धान को राहत, लीफ फोल्डर का असर काफी कम

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment