Improved varieties of Tomatoes: टमाटर की उन्नत किस्में कौन सी हैं, जानें क्यों खास हैं ये जो किसानों को कर रही मालामाल

हिसार। टमाटर सब्जी या दाल में न पड़े तो स्वाद ही नहीं आता। यही कारण है कि बारह मास टमाटर की मांग बनी रहती है। जो किसानों के लिए टमाटर की उन्नत किस्मों की खेती करते हैं, तो वह कम समय में अच्छा लाभ पा सकते हैं. इसी क्रम में आज हम टमाटर की खेती करने वाले किसानों के लिए टॉप 5 उन्नत किस्मों की जानकारी लेकर आए हैं।
टमाटर की उन्नत किस्में
टमाटर की किस्मों में दिव्या, अर्का विशेष, पूसा गौरव, अर्का अभिजीत और अर्का रक्षक किस्म है। ये टमाटर की सभी किस्में लगभग 150 दिनों में पककर तैयार हो जाती है. वहीं, उत्पादन की बात करें, तो ये टमाटर की किस्में 500-800 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन देती है।
इस किस्म के टमाटर गोल और मध्यम आकार के होते हैं. टमाटर की अभिजीत किस्म के फलों को लंबे समय तक स्टोर करके रखा जा सकता है. इसलिए किसान इस किस्म की खेती कर अन्य शहरों में बिक्री के लिए भेज देते हैं. किसान इस किस्म से एक एकड़ खेत से 26 टन पैदावार प्राप्त कर सकते हैं।
टमाटर की यह किस्म कई रोगों के प्रतिरोधी मानी जाती है. किसान इस किस्म से प्रति हेक्टेयर 75-80 टन उत्पादन पा सकते हैं. वहीं, यह किस्म 140 दिन में पककर फल देने लगती है।
टमाटर की दिव्या किस्म 70-90 दिन में पककर तैयार हो जाती है. इस किस्म के टमाटर को लंबे समय तक स्टोर करके रखा जा सकता है. वहीं, टमाटर की दिव्य किस्म से किसान प्रति हेक्टेयर 400-500 क्विंटल उत्पादन ले सकते हैं।
अर्का विशेष किस्म के टमाटर का ज्यादातर इस्तेमाल प्यूरी, पेस्ट, केचअप और सॉस आदि बनाने के लिए किया जाता है. टमाटर की अर्का विशेष किस्म से किसान प्रति हेक्टेयर 750-800 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
इस किस्म के टमाटर अधिक लाल रंग के होते हैं. साथ ही इस पूसा गौरव टमाटर के छिलके मोटे होते हैं. टमाटर की पूसा गौरव किस्म से किसान प्रति हेक्टेयर करीब 400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं।
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