Haryana Cities AQI: हरियाणा में पॉल्यूशन : 6 जिले रेड जाने में, AQI 300 के पार, जहरीली हवा में सांस लेना भी मुश्किल

Haryana Pollution: हरियाणा के 6 जिले ऐसे हैं, जो रेड जोन में चले गए हैं। इनमें कैथल, यमुनानगर, करनाल, पंचकूला, पानीपत और फतेहाबाद हैं। कैथल में  AQI 391 के पार है। यमुनानगर का 371, करनाल का 337, पंचकुला का 330, पानीपत का 320, और फतेहाबाद अदक 306 पहुंच गया है। आंकड़ों के अनुसार सिरसा, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, हिसार, जींद की भी हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। इन शहरों में वायु गुणवत्ता काफी खराब हो चुकी है।
 
Haryana Cities AQI: हरियाणा में पॉल्यूशन : 6 जिले रेड जाने में, AQI 300 के पार, जहरीली हवा में सांस लेना भी मुश्किल

हरियाणा न्‍यूज। Haryana Wind Very Poor: देश के कई अन्य राज्यों समेत हरियाणा प्रदेश की हवा भी बेहद खराब होती जा रही है। हालांकि आज हरियाणा के कई हिस्सों में तेज धूप खिली हुई है और प्रदूषण में कुछ कमी आई है लेकिन हरियाणा के 6 जिले अभी भी ऐसे हैं जिनका  AQI  लेवल 300 से ऊपर ही बना हुआ है। इन जिलों में सांस लेना तक मुश्किल हो रहा है। यहां की हवा दमघोंटू बनी हुई है। नॉर्थ हरियाणा के शहरों में हालात ज्यादा खराब हो गए हैं, यहां के कुरुक्षेत्र और अंबाला शहरों का अदक 400 के पार पहुंच गया है।

इन 6 जिलों में  AQI 400 के करीब

राज्य के 6 जिले ऐसे हैं, जो रेड जोन में चले गए हैं। इनमें कैथल, यमुनानगर, करनाल, पंचकूला, पानीपत और फतेहाबाद हैं। कैथल में  AQI 391 के पार है। यमुनानगर का 371, करनाल का 337, पंचकुला का 330, पानीपत का 320, और फतेहाबाद अदक 306 पहुंच गया है। आंकड़ों के अनुसार सिरसा, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, हिसार, जींद की भी हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। इन शहरों में वायु गुणवत्ता काफी खराब हो चुकी है।

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कई अन्य जिलों में भी खराब हवा

बता दें कि उक्त 6 जिलों के अलावा कई अन्य जिलों में भी वायू प्रदूषण का खतरा बना हुआ है। यहां अक्टूबर से ही कई जिलों की आबोहवा बिगड़नी शुरू हुई थी। वहीं अब हालात ऐसे बन चुके हैं कि सांस लेना मुश्किल हो गया है। सिर्फ अम्बाला ही ही बल्कि आसपास के जिले कुरुक्षेत्र, कैथल और यमुनानगर में भी एयर क्वालिटी इंडेक्स काफी खराब श्रेणी में चल रहा है।

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कितना होना चाहिए AQI लेवल

वायु गुणवत्ता सूचकांक यानि ( AQI ) का 0-50 के बीच रहना अच्छी श्रेणी में माना जाता है। जबकि 51 से 100 के बीच यह संतोषजनक माना जाता है। 101 और 200 तक मध्यम, 201 से 300 तक हवा की खराब को दशार्ता है। वहीं 301 से 400 को बहुत खराब और 401-500 को गंभीर माना जाता है।

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बूंदाबांदी के बाद साफ हो जाएगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से राज्य में मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तर पूर्वी हवाएं चलने से ज्यादातर क्षेत्रों में आंशिक बादलवाई और हवाएं चलने के साथ कहीं कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। बूंदाबांदी के बाद मौसम साफ हो सकता है। इसके बाद 11 नवंबर से हवाओं की दिशा में बदलाव आएगा।