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28 अगस्त चंद्र ग्रहण: भारत में नहीं दिखेगा, सूतक भी नहीं; जानें सभी राशियों का हाल

On: अगस्त 28, 2026 12:24 अपराह्न
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28 अगस्त 2026 को साल का आखिरी आंशिक चंद्र ग्रहण लगा है। यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में हुआ। आज ही रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जा रहा है, जिससे यह संयोग ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। भारत के ज्यादातर हिस्सों में ग्रहण दिखाई नहीं देगा, क्योंकि ग्रहण के समय चंद्रमा क्षितिज से नीचे रहेगा। ऐसे में भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु हैं। ज्योतिषीय मान्यता में इस नक्षत्र का संबंध मन, सामाजिक गतिविधियों, छिपे मामलों, योजनाओं और अचानक होने वाले बदलावों से जोड़ा जाता है। इसी आधार पर माना जा रहा है कि ग्रहण के दौरान कुछ लोगों को भावनात्मक उतार-चढ़ाव और निजी या पेशेवर योजनाओं में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है।

मेष से कर्क राशि वालों के लिए कैसा रहेगा समय?

मेष राशि: चंद्र ग्रहण आपकी राशि से ग्यारहवें भाव को प्रभावित करेगा। आमदनी, नए संपर्क, दोस्ती और लंबी अवधि की योजनाओं में बदलाव हो सकता है। पुराने संपर्क आपके काम आ सकते हैं, लेकिन पैसों के मामले में दोस्तों पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचें। आमदनी के नए रास्ते मिल सकते हैं, हालांकि कुछ लाभ मिलने में समय लग सकता है। भगवान शिव का ध्यान करें और जरूरतमंद को भोजन दान करें।

वृषभ राशि: ग्रहण दसवें भाव में असर डालेगा, जिससे करियर में अचानक बदलाव और नई जिम्मेदारियां आ सकती हैं। नौकरी बदलने या करियर से जुड़ा बड़ा फैसला लेने से पहले सभी पहलुओं को अच्छी तरह परखें। काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन करियर को नई दिशा मिलने की संभावना भी है। शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सम्मानजनक संबंध बनाए रखें।

मिथुन राशि: नौवें भाव में ग्रहण उच्च शिक्षा, लंबी दूरी की यात्रा, विदेश से जुड़े काम और भाग्य से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। पिता, गुरु या बड़े लोगों से जुड़े मामलों में धैर्य रखें। पढ़ाई और विदेश से जुड़े कामों में नए रास्ते मिल सकते हैं। बिना सोचे-समझे फैसला लेने से बचें। भगवान विष्णु की पूजा करें और गुरुवार को चने की दाल का दान करें।

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कर्क राशि: आठवें भाव में ग्रहण होने के कारण आपको अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होगी। अचानक खर्च, निवेश, टैक्स, बीमा और मिले-जुले पैसों से जुड़े मामले ध्यान मांग सकते हैं। सेहत से जुड़ी किसी परेशानी को नजरअंदाज न करें। महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें और जरूरतमंद को भोजन कराएं।

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सिंह से कन्या राशि तक किन मामलों में सावधानी जरूरी?

सिंह राशि: सातवें भाव में ग्रहण विवाह और व्यापारिक साझेदारी से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। रिश्तों में गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। किसी समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले उसकी सभी शर्तें पढ़ें। शांत बातचीत से मतभेद दूर करने की कोशिश करें। सोमवार को भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें और दूध का दान करें।

कन्या राशि: छठे भाव में ग्रहण होने से आप प्रतियोगिता और कार्यस्थल की चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से कर सकते हैं। काम बढ़ने और छोटी-मोटी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से तनाव हो सकता है। प्रतियोगियों पर बढ़त मिलने की संभावना है, लेकिन मन और शरीर का संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। जरूरतमंदों को भोजन या जरूरी दवाइयां दें और भगवान शिव का ध्यान करें।

तुला राशि: पांचवें भाव में ग्रहण पढ़ाई, प्रेम संबंध, बच्चों और निवेश से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। छात्रों को पढ़ाई में मन लगाने में परेशानी हो सकती है, जबकि कला और रचनात्मकता में बढ़ोतरी हो सकती है। सट्टा, जुआ और जोखिम भरे निवेश से दूर रहना बेहतर रहेगा। शिव मंदिर में सफेद फूल चढ़ाएं और बच्चों को पढ़ाई का सामान दान करें।

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वृश्चिक राशि: चौथे भाव में ग्रहण घर, परिवार, जमीन और वाहन से जुड़े मामलों में सावधानी की जरूरत दिखाता है। पारिवारिक तनाव बढ़ सकता है, इसलिए घर के लोगों की बात समझने की कोशिश करें। जमीन से जुड़ी योजनाओं में आगे बढ़ने या देरी, दोनों स्थितियां बन सकती हैं। सोमवार को भगवान शिव को जल और सफेद फूल अर्पित करें।

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धनु से मीन राशि तक क्या बदलाव हो सकते हैं?

धनु राशि: तीसरे भाव में ग्रहण साहस, बातचीत, छोटी यात्राओं और भाई-बहन से जुड़े मामलों को प्रभावित करेगा। पुरानी अनबन दोबारा सामने आ सकती है। आपकी कोशिशों से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं, लेकिन बातचीत में शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। भगवान शिव को जल चढ़ाएं और भाई-बहन के साथ मधुर संबंध बनाए रखें।

मकर राशि: दूसरे भाव में ग्रहण धन, बचत, परिवार और वाणी से जुड़े मामलों पर असर डाल सकता है। अचानक खर्च और परिवार में पैसों को लेकर बातचीत तनाव बढ़ा सकती है। अपनी आर्थिक योजनाओं की दोबारा समीक्षा करना फायदेमंद रहेगा। जल्दबाजी में बड़ा निवेश करने से बचें। चावल, दूध या सफेद कपड़ों का दान करें और शिव मंत्र का जाप करें।

कुंभ राशि: ग्रहण आपकी राशि यानी पहले भाव में पड़ेगा। इसलिए ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इसका असर आप पर अधिक महसूस हो सकता है। मानसिक तनाव, मन का भटकाव और फैसले लेते समय उलझन की स्थिति बन सकती है। यह समय अपनी आदतों और व्यवहार पर विचार करने का माना जा रहा है। भगवान शिव का ध्यान करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

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मीन राशि: बारहवें भाव में ग्रहण होने से खर्च, विदेश से जुड़े काम, नींद और मानसिक शांति पर ध्यान देने की जरूरत होगी। उम्मीद से ज्यादा खर्च बढ़ सकता है और नकारात्मक विचार मानसिक शांति प्रभावित कर सकते हैं। विदेश या आध्यात्मिक कार्यों से जुड़े नए रास्ते सामने आ सकते हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखें। जरूरतमंदों को भोजन या सफेद वस्तुओं का दान करें और भगवान शिव की पूजा करें।

भारत में चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा, सूतक भी मान्य नहीं

28 अगस्त का यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारत के ज्यादातर हिस्सों में दिखाई नहीं देगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा क्षितिज से नीचे रहने के कारण भारतीय क्षेत्र में इसे देखने का अवसर नहीं होगा। इसी वजह से दी गई जानकारी के अनुसार भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा। यहां बताए गए राशि प्रभाव और उपाय वैदिक ज्योतिष की मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भविष्यवाणी नहीं माना जाता। #ChandraGrahan2026 #Rashifal #RakshaBandhan

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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