ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

चंद्र ग्रहण के बाद क्या दान करना चाहिए? अनाज, तिल और कपड़ों समेत 5 चीजों की मान्यता

On: अगस्त 27, 2026 1:24 अपराह्न
Follow Us:
चंद्र ग्रहण के बाद क्या दान करना चाहिए? अनाज, तिल और कपड़ों समेत 5 चीजों की मान्यता | chandra-grahan-28-august-raksha-bandhan-daan-5-things-sutak-timing
Join WhatsApp Group

28 अगस्त, शुक्रवार को साल का आखिरी आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा। खास बात यह है कि इसी दिन रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा। चंद्र ग्रहण का आंशिक चरण भारतीय समय के अनुसार सुबह करीब 8 बजकर 4 मिनट से 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगा, जबकि ग्रहण का चरम करीब 9 बजकर 43 मिनट पर होगा।

हालांकि भारत में यह चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान, पूजा-पाठ और जरूरतमंदों को दान करने की परंपरा है। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन पड़ रहे इस खगोलीय संयोग को लेकर लोग दान से जुड़े नियमों को भी जानना चाहते हैं।

चंद्र ग्रहण के बाद अनाज का दान क्यों किया जाता है?

धार्मिक मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण के बाद गेहूं, चावल, दाल या अन्य खाद्य सामग्री का दान शुभ माना जाता है। अन्न जीवन की सबसे जरूरी जरूरतों में शामिल है, इसलिए किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या राशन देना उपयोगी दान माना जाता है।

दान करते समय अपनी क्षमता के अनुसार सामग्री दी जा सकती है। किसी भूखे व्यक्ति को भोजन कराना भी इसी परंपरा का हिस्सा माना जाता है।

सफेद वस्तुओं के दान की क्या मान्यता है?

धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में चंद्रमा का संबंध सफेद रंग से जोड़ा जाता है। इसी कारण चंद्र ग्रहण के बाद चावल, दूध, सफेद कपड़े या अन्य सफेद वस्तुओं का दान करने की परंपरा कई जगहों पर प्रचलित है।

17 अक्टूबर को मंगल का अश्लेषा नक्षत्र में गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत | mangal-ashlesha-nakshatra-gochar-17-october-2026-horoscope-effects
17 अक्टूबर को मंगल का अश्लेषा नक्षत्र में गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक शांति से भी जोड़ा जाता है। इसी धार्मिक मान्यता के आधार पर सफेद वस्तुओं का दान चंद्रमा से संबंधित शुभता के लिए किया जाता है।

ग्रहण के बाद कपड़ों का दान भी माना जाता है शुभ

ग्रहण समाप्त होने के बाद जरूरतमंद व्यक्ति को साफ और इस्तेमाल करने योग्य कपड़े दान किए जा सकते हैं। धार्मिक दृष्टि से वस्त्र दान को पुण्यकारी माना गया है।

दान के लिए नए कपड़े देना जरूरी नहीं माना जाता, लेकिन कपड़े साफ और उपयोग करने योग्य होने चाहिए। जरूरतमंद व्यक्ति की वास्तविक आवश्यकता को ध्यान में रखकर किया गया दान अधिक उपयोगी हो सकता है।

तिल का दान करने की भी है परंपरा

धार्मिक परंपराओं में तिल का विशेष स्थान है। चंद्र ग्रहण के बाद काले या सफेद तिल का दान करने की मान्यता भी कई क्षेत्रों में प्रचलित है।

तिल का उपयोग पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में भी किया जाता है। मान्यता है कि ग्रहण के बाद तिल का दान नकारात्मकता दूर करने और शुभ फल की कामना से किया जाता है।

दशहरा 2026 ज्योतिष: 20 अक्टूबर को नीलकंठ दिखना किन 3 बड़े ग्रह दोषों को करता है शांत? | dussehra-neelkanth-bird-astrology-benefits-shakun-shastra-2026
दशहरा 2026 ज्योतिष: 20 अक्टूबर को नीलकंठ दिखना किन 3 बड़े ग्रह दोषों को करता है शांत?

हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में क्या रखें? जानें मास्टर बेडरूम, अलमारी और दस्तावेज की सही जगह

धन या भोजन का दान भी कर सकते हैं

अगर किसी के लिए अनाज, कपड़े या अन्य वस्तुओं का दान संभव नहीं है तो वह अपनी सामर्थ्य के अनुसार धन या भोजन का दान कर सकता है। जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना सबसे सरल और उपयोगी तरीकों में शामिल है।

धार्मिक मान्यताओं में दान का उद्देश्य जरूरतमंद की सहायता करना माना जाता है। इसलिए दान करते समय दिखावे के बजाय व्यक्ति की जरूरत और अपनी क्षमता को प्राथमिकता देना अधिक उचित माना जाता है।

क्या भारत में चंद्र ग्रहण का सूतक काल लगेगा?

इस चंद्र ग्रहण का दर्शन भारत में नहीं होगा। इसी कारण यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा और रक्षाबंधन के पर्व पर इसका कोई सूतक संबंधी प्रभाव नहीं माना जाएगा।

28 अगस्त को रक्षाबंधन और साल के आखिरी आंशिक चंद्र ग्रहण का संयोग जरूर बन रहा है। धार्मिक परंपराओं का पालन करने वाले लोग ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान, पूजा और जरूरतमंदों की सहायता के रूप में दान कर सकते हैं। #ChandraGrahan #RakshaBandhan #ChandraGrahan2026

शारदीय नवरात्रि कन्या पूजन: अष्टमी-नवमी पर सुबह 06:30 से 10:30 बजे तक श्रेष्ठ मुहूर्त, जानें विधि | shardiya-navratri-kanya-pujan-shubh-muhurat-vidhi-astrology-rules
शारदीय नवरात्रि कन्या पूजन: अष्टमी-नवमी पर सुबह 06:30 से 10:30 बजे तक श्रेष्ठ मुहूर्त, जानें विधि

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment