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कुंभ राशि में चंद्र ग्रहण और शतभिषा नक्षत्र का संयोग, जानें भारत पर क्या होगा असर

On: अगस्त 22, 2026 5:52 अपराह्न
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28 अगस्त 2026 को साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। खगोलीय गणना के अनुसार यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा और भारतीय समय के मुताबिक इसकी आंशिक अवस्था सुबह करीब 8:04 बजे शुरू होकर 11:21 बजे तक रहेगी।

यह ग्रहण ज्योतिषीय मान्यताओं के कारण भी चर्चा में है। ग्रहण के दौरान चंद्रमा कुंभ राशि में रहेगा और उस समय शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव माना जा रहा है।

कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में चंद्र ग्रहण क्यों खास है?

ज्योतिष शास्त्र में कुंभ राशि को वायु तत्व की राशि माना जाता है और इसका स्वामित्व शनि देव के पास बताया गया है। दूसरी ओर, शतभिषा नक्षत्र का स्वामी ग्रह राहु है और इसे रहस्य, चिकित्सा तथा अचानक होने वाले बदलावों से जोड़कर देखा जाता है।

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ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जब चंद्रमा कुंभ राशि और राहु के नक्षत्र शतभिषा में ग्रहण से प्रभावित होता है, तो इसका संबंध मन और विचारों से जुड़े प्रभावों के साथ देखा जाता है। इसी कारण इस खगोलीय घटना को सामान्य पूर्णिमा की तुलना में ज्योतिषीय रूप से अलग माना जा रहा है।

क्या 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा?

इस ग्रहण से जुड़ी सबसे बड़ी बात भारत के लोगों के लिए इसकी दृश्यता है। 28 अगस्त का यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारतीय समय के अनुसार ग्रहण की अवधि होने के बावजूद लोग इसे प्रत्यक्ष रूप से नहीं देख सकेंगे।

धार्मिक मान्यताओं में आमतौर पर सूतक काल को ग्रहण की स्थानीय दृश्यता से जोड़कर देखा जाता है। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक संबंधी नियम लागू नहीं माने जा रहे हैं।

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क्या चंद्र ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ कर सकेंगे?

भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण पूजा-पाठ और सामान्य धार्मिक गतिविधियों पर ग्रहण संबंधी रोक लागू नहीं मानी जा रही है। लोग सामान्य तरीके से मंदिर जा सकते हैं और अपने नियमित धार्मिक कार्य कर सकते हैं।

हालांकि, अलग-अलग परिवारों और धार्मिक परंपराओं में मान्यताएं अलग हो सकती हैं। ऐसे में लोग अपने पारिवारिक रीति-रिवाजों और धार्मिक परंपरा के अनुसार भी निर्णय ले सकते हैं।

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क्या रक्षाबंधन पर पड़ेगा चंद्र ग्रहण का असर?

रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का प्रमुख त्योहार है। इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी खुशहाली और लंबी उम्र की कामना करती हैं।

28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका रक्षाबंधन के आयोजन पर कोई असर नहीं माना जा रहा है। लोग बिना ग्रहण के सूतक की चिंता किए सामान्य श्रद्धा और परंपरा के अनुसार त्योहार मना सकते हैं। #ChandraGrahan2026 #LunarEclipse #Astrology

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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