Operation Sindoor India’s attack on terrorism, the planets also wrote Pakistan’s destruction:
भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकवाद के गढ़ में सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। पहलगाम हमले का बदला लेते हुए भारतीय सेना ने आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। इस दौरान ग्रहों की स्थिति ने भी पाकिस्तान की बर्बादी की कहानी लिख दी। आइए, इस ऐतिहासिक कार्रवाई और ज्योतिषीय संयोग को करीब से समझते हैं।
ग्रहों का खतरनाक संयोग: पाकिस्तान की कुंडली में संकट
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, तब ग्रहों की स्थिति ने पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी बजा दी थी। 7 मई की रात 1:30 बजे, जब भारत ने हमला किया, मीन राशि में शनि, राहु और शुक्र विराजमान थे। रात 3:53 बजे बुध ने मेष राशि में प्रवेश किया। पाकिस्तान की कुंडली में शुक्र की अंतर्दशा और चंद्रमा की महादशा चल रही थी, जो शुक्र को मारकेश बनाकर देश को तबाही की ओर ले जा रही थी।
इसके अलावा, मंगल, सूर्य और शनि का संयोग ऑपरेशन के समय बेहद प्रभावशाली था। मंगल, जो साहस, युद्ध और शक्ति का प्रतीक है, उस रात अपनी पूरी ताकत में था। हिंदू पंचांग के अनुसार, 2025 का राजा सूर्य है, और ऑपरेशन के दौरान चंद्रमा सिंह राशि में था, जिसका स्वामी सूर्य है। कुंभ लग्न में हुए इस ऑपरेशन का स्वामी शनि था, जो दुष्टों को दंड देने के लिए जाना जाता है। ज्योतिषियों का मानना है कि यह ग्रहों का संयोग पाकिस्तान को आर्थिक और सैन्य संकट में डालने वाला है।
Operation Sindoor: पाकिस्तान का भविष्य
ज्योतिषियों की भविष्यवाणी के अनुसार, 14 मई के बाद बृहस्पति मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। इसकी अतिचारी चाल से पाकिस्तान की कुंडली में ‘अंग-भंग’ नामक योग बनेगा, जो देश को टुकड़ों में बांट सकता है। मंगल की महादशा और अंतर्दशा के प्रभाव से भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ेगा, और मंगल के क्रोध और रक्त के प्रभाव से पाकिस्तान की धरती पर और तबाही मच सकती है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, आने वाले महीने पाकिस्तान के लिए भयावह साबित हो सकते हैं।
भारत की कुंडली: शक्ति और सम्मान का समय
दूसरी ओर, भारत की कुंडली में सूर्य की अंतर्दशा चल रही है। वृषभ लग्न की कुंडली में सूर्य चौथे भाव का स्वामी है, जो देश की स्थिरता और शक्ति को दर्शाता है। चंद्रमा की दशा में सूर्य की अंतर्दशा भारत के लिए गौरव और प्रसिद्धि का समय लाएगी। ज्योतिषियों का कहना है कि सितंबर 2025 तक भारत की ताकत और वैश्विक प्रभाव में जबरदस्त इजाफा होगा। ऑपरेशन सिंदूर इस सुनहरे दौर की शुरुआत का प्रतीक है, जो भारत को और मजबूत बनाएगा।
एक चुटकी सिंदूर की ताकत
ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत के संकल्प और शक्ति का प्रतीक है। यह उन शहीदों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने आतंक के खिलाफ अपनी जान दी। ग्रहों की स्थिति ने भी इस कार्रवाई को ऐतिहासिक बना दिया, जो न केवल आतंकियों को सबक सिखाएगी, बल्कि भारत की अखंडता और गौरव को और ऊंचा करेगी।
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने देश को दहला दिया था। इस कायराना हरकत के जवाब में भारतीय सेना ने 7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। इस कार्रवाई में पाकिस्तान और PoK के आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए गए, जिसने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों को भारी नुकसान पहुंचाया। यह ऑपरेशन न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि था, बल्कि आतंकियों और उनके समर्थकों के लिए एक सख्त चेतावनी भी।













