ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

24 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार और पुत्रदा एकादशी, इन 4 जगहों पर जला सकते हैं दीपक

On: August 23, 2026 4:15 PM
Follow Us:
24 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार और पुत्रदा एकादशी, इन 4 जगहों पर जला सकते हैं दीपक | sawan-last-monday-putrada-ekadashi-2026-deepdan-places-paran-time
Join WhatsApp Group

24 अगस्त 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से खास माना जा रहा है। इस दिन सावन का आखिरी सोमवार पड़ रहा है और वैष्णव परंपरा के अनुसार पुत्रदा एकादशी भी इसी दिन मनाई जा रही है। सोमवार भगवान शिव को समर्पित है, जबकि पुत्रदा एकादशी भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष मानी जाती है।

हालांकि पुत्रदा एकादशी की तिथि को लेकर गृहस्थ और वैष्णव परंपराओं में अंतर है। गृहस्थ परंपरा के अनुसार व्रत 23 अगस्त को रखा जा रहा है और उसका पारण 24 अगस्त को होगा, जबकि वैष्णव परंपरा में एकादशी व्रत 24 अगस्त को माना जा रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत, पूजा, मंत्र जाप और दान के साथ दीपदान भी किया जाता है। श्रद्धालु घर की सुख-शांति, समृद्धि और परिवार के मंगल की कामना के साथ अलग-अलग स्थानों पर दीपक जलाते हैं।

पुत्रदा एकादशी पर तुलसी के पास दीपक क्यों जलाया जाता है?

पुत्रदा एकादशी की शाम तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाना शुभ माना जाता है। सबसे पहले तुलसी को जल अर्पित कर पूजा की जाती है, जिसके बाद घी का दीपक जलाया जा सकता है।

दीपक को तुलसी के पौधे से थोड़ी दूरी पर रखना चाहिए ताकि गर्मी से पत्तियों को नुकसान न पहुंचे। दीपक जलाते समय भगवान विष्णु का ध्यान और उनके नाम का जाप किया जा सकता है।

भगवान विष्णु के मंदिर में करें दीपदान

पुत्रदा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। इसलिए इस दिन विष्णु मंदिर में दीपदान करने की भी परंपरा है।

सूर्य और शनि के तनावपूर्ण संबंध का असर: मेष, सिंह, तुला, मकर और कुंभ राशि पर बढ़ सकता है दबाव | sun-saturn-135-degree-aspect-22-august-2026-zodiac-effects
सूर्य और शनि के तनावपूर्ण संबंध का असर: मेष, सिंह, तुला, मकर और कुंभ राशि पर बढ़ सकता है दबाव

शाम की पूजा के बाद भगवान विष्णु के सामने घी या तेल का दीपक जलाया जा सकता है। इस दौरान श्रद्धालु ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।

जो लोग मंदिर जाते हैं, उनके लिए पूजा के समय मंदिर की स्थानीय व्यवस्था का पालन करना भी जरूरी है। खुले स्थान पर दीपक रखते समय आग और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने की परंपरा

धार्मिक मान्यता के अनुसार एकादशी के दिन पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से पुण्य की प्राप्ति होती है। शाम के समय पीपल के पास दीपक रखकर भगवान का स्मरण किया जा सकता है।

हालांकि दीपक जलाते समय सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अगर पेड़ के आसपास सूखी पत्तियां या कोई ज्वलनशील वस्तु मौजूद हो तो वहां दीपक नहीं जलाना चाहिए।

मंदिर नहीं जा सकते तो घर के पूजा स्थल पर जलाएं दीपक

अगर किसी कारण से श्रद्धालु मंदिर नहीं जा सकते, तो घर के पूजा स्थल पर ही दीपदान कर सकते हैं। भगवान विष्णु की पूजा के बाद घी का दीपक जलाकर कुछ समय मंत्र जाप किया जा सकता है।

श्रद्धालु विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं। धार्मिक परंपरा में दीपकों की संख्या से अधिक श्रद्धा और पूजा के भाव को महत्व दिया जाता है।

कुंभ राशि में चंद्र ग्रहण और शतभिषा नक्षत्र का संयोग, जानें भारत पर क्या होगा असर | august-28-2026-chandra-grahan-kumbh-rashi-shatabhisha-nakshatra-sutak-india
कुंभ राशि में चंद्र ग्रहण और शतभिषा नक्षत्र का संयोग, जानें भारत पर क्या होगा असर

पुत्रदा एकादशी पर दीपक किस समय जलाना चाहिए?

दीपदान के लिए आमतौर पर शाम का समय शुभ माना जाता है। श्रद्धालु सूर्यास्त के आसपास या सूर्यास्त के बाद दीपक जला सकते हैं।

सूर्यास्त का समय अलग-अलग शहरों में अलग होता है। इसलिए सही स्थानीय समय के लिए अपने शहर के पंचांग को देखना बेहतर रहेगा।

हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: सूर्य और शनि के तनावपूर्ण संबंध का असर: मेष, सिंह, तुला, मकर और कुंभ राशि पर बढ़ सकता है दबाव

पुत्रदा एकादशी का धार्मिक महत्व क्या है?

‘पुत्रदा’ शब्द का अर्थ संतान प्रदान करने वाला माना जाता है। धार्मिक परंपरा में इस व्रत को संतान सुख, संतान की मंगलकामना और परिवार की खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है।

इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत कथा का श्रवण और मंत्र जाप करने की परंपरा है। राजा महीजित से जुड़ी पुत्रदा एकादशी की कथा का भी धार्मिक परंपराओं में उल्लेख मिलता है।

24 अगस्त को गृहस्थ परंपरा के व्रत का पारण

गृहस्थ परंपरा के अनुसार पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त 2026 को रखा जा रहा है। इसके अगले दिन 24 अगस्त को द्वादशी तिथि में व्रत का पारण किया जाएगा।

चंद्रमा 22 अगस्त को धनु राशि में करेंगे प्रवेश, इन 4 राशियों को मिल सकते हैं नौकरी और धन के नए अवसर | chandra-gochar-dhanu-rashi-22-august-2026-lucky-zodiac-signs
चंद्रमा 22 अगस्त को धनु राशि में करेंगे प्रवेश, इन 4 राशियों को मिल सकते हैं नौकरी और धन के नए अवसर

नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार 24 अगस्त को दोपहर करीब 1:41 बजे से शाम 4:16 बजे तक पारण का समय बताया गया है। हालांकि शहर और स्थानीय पंचांग के अनुसार इस समय में अंतर हो सकता है।

वैष्णव परंपरा में पुत्रदा एकादशी का व्रत 24 अगस्त को माना जा रहा है। इसलिए व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को अपनी धार्मिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि और पूजा-व्रत का पालन करना चाहिए। #SawanSomwar #PutradaEkadashi #Deepdan

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment