शनिवार का दिन शनिदेव और हनुमान जी की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कुछ कार्यों से परहेज करने और पूजा-पाठ व सेवा जैसे शुभ कार्य करने से शनि की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
मान्यता है कि यदि व्यक्ति शनिवार के दिन धार्मिक नियमों का पालन करता है और अपने व्यवहार में संयम रखता है तो उसे सकारात्मक फल मिलने की संभावना बढ़ती है। हालांकि ये सभी मान्यताएं धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं पर आधारित हैं।
क्या शनिवार को बाल और नाखून काटना उचित माना जाता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार के दिन बाल और नाखून काटने से बचने की सलाह दी जाती है। इसे शारीरिक कष्ट और अशुभता से जोड़कर देखा जाता है।
इसी प्रकार इस दिन शराब, मांस और अन्य तामसिक भोजन का सेवन न करने की भी मान्यता है। माना जाता है कि ऐसा करने से विवाद और मानसिक अशांति बढ़ सकती है।
शनिवार को किन वस्तुओं की खरीदारी से परहेज करने की मान्यता है?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार को लोहे का सामान, सरसों का तेल, कोयला, नमक, काले जूते, काले वस्त्र, झाड़ू, काले तिल, काली उड़द, चमड़े की वस्तुएं, लकड़ी से बनी कुछ चीजें और नुकीले सामान खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है।
इसी तरह लाल और पीले रंग की वस्तुओं तथा कपड़ों का उपयोग भी कई धार्मिक मान्यताओं में वर्जित बताया गया है। मान्यता है कि इन रंगों का संबंध अन्य ग्रहों से होने के कारण शनिवार को इनका प्रयोग नहीं करना चाहिए।
शनिवार को किन कार्यों से दूरी रखने की मान्यता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार को धन या अन्य वस्तुओं का लेन-देन, नया कर्ज लेना या देना शुभ नहीं माना जाता। इसी प्रकार नए कोर्ट-कचहरी के मामलों की शुरुआत और किसी नए कार्य का शुभारंभ भी इस दिन टालने की सलाह दी जाती है।
लाल किताब में यह भी उल्लेख मिलता है कि शनिवार के दिन उत्तर, पूर्व और उत्तर-पूर्व दिशा की यात्रा से बचना चाहिए। वहीं विवाहित पुरुषों के लिए शनिवार को ससुराल में भोजन न करने की भी एक पारंपरिक मान्यता प्रचलित है।
इसके अलावा शनिवार को दूध, दही और खट्टी चीजों के सेवन से बचने की भी धार्मिक मान्यता है। किसी व्यक्ति या बेजुबान पशु-पक्षियों का अपमान करने से भी बचने की सलाह दी जाती है।
शनिवार को किन वस्तुओं का दान नहीं करने की मान्यता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार के दिन नमक, नुकीली वस्तुएं, पीले रंग की चीजें, सफेद सामान, पुरानी वस्तुएं, प्लास्टिक का सामान, कांच के बर्तन, स्याही, सरसों का तेल, सोना, लाल फूल, तांबे की वस्तुएं और झाड़ू का दान करने से बचने की सलाह दी जाती है।
इन मान्यताओं का आधार विभिन्न धार्मिक ग्रंथों और पारंपरिक मान्यताओं में बताया गया है।
हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें : 25 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास, 20 नवंबर तक विवाह समेत कई शुभ कार्य रहेंगे बंद
शनिवार को क्या करना शुभ माना जाता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार की शुरुआत शनिदेव और हनुमान जी की पूजा से करनी चाहिए। इसके बाद पीपल के वृक्ष की विधि-विधान से पूजा करना शुभ माना जाता है।
जरूरतमंद लोगों की आर्थिक और भावनात्मक सहायता, बेजुबान पशु-पक्षियों की सेवा तथा पूरे दिन अच्छे आचरण का पालन करने की भी सलाह दी जाती है। दिन के अंत में अपने जाने-अनजाने में हुए गलत कार्यों के लिए शनिदेव से क्षमा प्रार्थना करने की भी धार्मिक परंपरा है।







