ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

नवरात्रि 2026: मां शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक, जानें किस दिन कौन-सा फूल चढ़ाना शुभ है

On: अक्टूबर 9, 2026 2:14 अपराह्न
Follow Us:
नवरात्रि 2026: मां शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक, जानें किस दिन कौन-सा फूल चढ़ाना शुभ है | shardiya-navratri-2026-nine-days-maa-durga-favorite-flowers-puja-vidhi
Join WhatsApp Group

Shardiya Navratri 2026 Puja Flowers : आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि 2026 में 11 अक्टूबर, रविवार से मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना होगी। शास्त्रों के अनुसार नौ दिनों तक देवी के प्रत्येक स्वरूप को उनकी पसंद के विशिष्ट पुष्प अर्पित करने से पूजा शीघ्र फलदायी होती है। वहीं पूजन में कुछ वर्जित फूलों के प्रयोग से बचना बेहद जरूरी है।

Navratri 9 days flower list in hindi : आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शक्ति साधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि आरंभ हो रहा है। इस वर्ष 2026 में नवरात्रि का पावन अनुष्ठान 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू होकर नौ दिनों तक चलेगा। श्रद्धालु इन नौ दिनों में भगवती दुर्गा के अलग-अलग नौ रूपों की पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी पूजा में शुद्ध और ताजे पुष्पों का अर्पण सबसे महत्वपूर्ण अंग है। हर दिन मां के स्वरूप की रुचि के अनुसार सही पुष्प अर्पित करने से जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य की वृद्धि होती है।

किस दिन कौन-सा फूल चढ़ाएं?

प्रतिपदा के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है, जिन्हें सफेद कनेर का फूल (Which flower to offer to maa durga in navratri) अर्पित करना अत्यंत मंगलकारी माना गया है। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को वट वृक्ष के फूल या लाल गुड़हल का पुष्प चढ़ाया जाता है। तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की साधना में कमल का पुष्प अथवा पीले रंग के फूल अर्पित किए जाते हैं।

शनि-गुरु का षडाष्टक योग, 31 अक्टूबर 2026 से इन 3 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें | shani-guru-shadashtak-yog-october-2026-astrology-predictions
शनि-गुरु का षडाष्टक योग, 31 अक्टूबर 2026 से इन 3 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

चौथे दिन मां कुष्मांडा को गुड़हल या चमेली के सुगंधित पुष्प प्रिय हैं। पांचवें दिन मां स्कंदमाता को गेंदा या रातरानी के फूल चढ़ाने का विधान है। छठे दिन मां कात्यायनी को गेंदे के फूल या अन्य पीले पुष्प अर्पित किए जाते हैं।

सातवें दिन मां कालरात्रि को गहरे नीले रंग के फूल जैसे अपराजिता या कृष्णकमल चढ़ाना सर्वश्रेष्ठ माना गया है। आठवें दिन महागौरी की पूजा में मोगरा या चमेली के श्वेत फूल अर्पित होते हैं। नवमी तिथि पर सिद्धिदात्री मां को चंपा या गुड़हल का फूल चढ़ाने से साधना पूर्ण होती है।

फूल अर्पित करने के नियम

पूजा के लिए हमेशा शुद्ध जल से सिंचे और ताजे तोड़े गए फूलों (Durga puja flower rules in hindi) का ही चयन करें। बिना हाथ धोए तोड़े गए, कीड़े लगे, सूखे या जमीन पर गिरे पुष्पों का प्रयोग पूजा में दोष पैदा करता है।

अंक ज्योतिष नवंबर 2026: 1 से 9 मूलांक वालों के लिए कैसा रहेगा यह महीना, जानें राशिफल | monthly-numerology-prediction-november-2026-mulank-1-to-9
अंक ज्योतिष नवंबर 2026: 1 से 9 मूलांक वालों के लिए कैसा रहेगा यह महीना, जानें राशिफल

ये भी पढ़ें: शारदीय नवरात्रि 2026: 11 अक्टूबर को घटस्थापना, कलश में ये चीजें डालते ही शांत होंगे नवग्रह

देवी भगवती को लाल और पीले रंग के पुष्प विशेष रूप से आकर्षित करते हैं, इसलिए कनेर, गुड़हल, चंपा और चमेली को प्राथमिकता दें। शुद्ध भाव से अर्पित किए गए ताजे पुष्प साधक की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

भूलकर भी न चढ़ाएं ये वर्जित फूल

दुर्गा पूजन में वर्जित फूलों की सूची का ध्यान रखना अनिवार्य है। शास्त्रों के अनुसार मदार, धतूरा और तगर के फूल मां दुर्गा को कभी अर्पित नहीं करने चाहिए।

वक्री शुक्र के उदय से इन 4 राशियों के रिश्ते और बजट होंगे प्रभावित, रहें बेहद सतर्क | shukra-uday-october-2026-effects-on-aries-scorpio-virgo-pisces
वक्री शुक्र के उदय से इन 4 राशियों के रिश्ते और बजट होंगे प्रभावित, रहें बेहद सतर्क

इसके साथ ही केतकी और जूही के पुष्प भी देवी पूजा में पूरी तरह निषिद्ध माने गए हैं। बासी या अशुद्ध पानी से धोए गए फूलों को चढ़ाने से पूजा निष्फल हो जाती है, इसलिए केवल शास्त्र सम्मत पुष्पों का ही उपयोग करें। #ShardiyaNavratri2026 #NavratriPuja #MaaDurga #NavratriNiyam

अस्वीकरण: यह खबर धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित है। हरियाणा न्यूज पोस्ट इसकी पुष्टि नहीं करता है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment