Bharat NCAP 2.0: भारत अब कार सुरक्षा को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Bharat NCAP 2.0 ड्राफ्ट जारी कर दिया है। यह भारत के कार सेफ्टी रेटिंग प्रोग्राम का एडवांस और ज्यादा सख्त वर्जन होगा, जिसे 2027 से लागू किए जाने की उम्मीद है।
इस नए सिस्टम के आने के बाद 5-स्टार रेटिंग पाने के लिए कारों को और ज्यादा कठिन टेस्ट—यानी असली ‘अग्निपरीक्षा’—से गुजरना होगा।
क्या है Bharat NCAP 2.0?
Bharat NCAP रेटिंग से खरीदारों को पता चलता है कि कोई कार कितनी सुरक्षित है।
अब 2.0 वर्जन में सरकार चाहती है कि कंपनियाँ भारत की सड़कों के हिसाब से और ज्यादा मजबूत व स्मार्ट कारें बनाएँ।
अब होगा 5-पिलर सेफ्टी असेस्मेंट
नया भारत NCAP 2.0 सिर्फ क्रैश टेस्ट तक सीमित नहीं रहेगा।
5-पिलर असेस्मेंट के जरिए यह सिस्टम जांचेगा:
दुर्घटना से कैसे बचा जाए
टक्कर होने पर सुरक्षा कैसी मिले
एक्सीडेंट के बाद कार मदद कैसे करती है
यानी अब कार की सुरक्षा का पूरा 360° मूल्यांकन होगा।
क्रैश टेस्ट में बड़े बदलाव
नए ड्राफ्ट में दो नए क्रैश टेस्ट जोड़े गए हैं:
तिरछा पोल साइड इम्पैक्ट टेस्ट
रियर इम्पैक्ट टेस्ट
इन्हें मौजूदा फ्रंटल और साइड इम्पैक्ट टेस्ट में शामिल किया गया है।
अब कारों को रियल-लाइफ एक्सीडेंट सिचुएशंस के आधार पर टेस्ट किया जाएगा।
3-स्टार या उससे ज्यादा रेटिंग पाने के लिए कार को एडल्ट सेफ्टी में बेहतर प्रदर्शन जरूरी होगा।
और 5-स्टार रेटिंग? उसमें कोई भी सेफ्टी कैटेगरी इग्नोर नहीं की जा सकती।
पैदल यात्री और बाइक सवारों की सुरक्षा पहली बार शामिल
भारत की सड़कों पर ज़्यादातर दुर्घटनाएँ पैदल यात्रियों और दोपहिया चालकों से जुड़ी होती हैं।
इसी वजह से भारत NCAP 2.0 में पहली बार Pedestrian & Motorcyclist Safety को शामिल किया गया है।
कार के फ्रंट डिज़ाइन की टेस्टिंग अब इस आधार पर होगी कि वह बाहर के लोगों को चोट से कितना बचाती है।
ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) से लैस कारों को अतिरिक्त अंक भी मिलेंगे।
यह तकनीक पैदल यात्री या बाइक सवार दिखने पर टक्कर से बचने में मदद करती है।













