Global Manufacturing Hub: Will India become the world’s manufacturing hub? Maruti Suzuki MD’s big statement!: मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) हिसाशी ताकेउची ने शुक्रवार को भारत को लेकर बड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा कि अगले कई दशक भारत के हैं और देश के पास वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने का सुनहरा मौका है। लेकिन इसके लिए एक चीज बेहद जरूरी है—नीतिगत स्थिरता। ताकेउची का मानना है कि अगर भारत को दुनिया का मैन्युफैक्चरिंग हब बनना है, तो सरकार की नीतियां स्थिर और भरोसेमंद होनी चाहिए।
वैश्विक मौका और भारत की ताकत Global Manufacturing Hub
ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ACMA) के वार्षिक सम्मेलन में ताकेउची ने कहा कि मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल के बीच भारत के पास खुद को एक भरोसेमंद, लचीला और टिकाऊ मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का अनोखा अवसर है।
उन्होंने इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि हर कुछ दशकों में एक नया देश आर्थिक महाशक्ति बनकर उभरता है। 20वीं सदी में अमेरिका, यूरोप, जापान और एशियाई टाइगर्स (हांगकांग, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ताइवान) ने अपनी-अपनी बारी देखी।
अब भारत की बारी!
ताकेउची ने जोर देकर कहा कि पिछले तीन दशक चीन के रहे, जब वह दुनिया का कारखाना बना। अब समय है कि भारत यह जगह ले। उन्होंने भारत की ताकत गिनाईं—दुनिया की सबसे बड़ी युवा और कामकाजी आबादी, तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, सरकार का सक्रिय समर्थन और भारतीयों में नवाचार की गहरी समझ। ये सभी चीजें भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में मदद कर सकती हैं।
सरकार के कदमों की तारीफ
ताकेउची ने सरकार की नीतियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स में कटौती, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम और मेक इन इंडिया जैसे कार्यक्रम सरकार की उद्योगों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों में और कमी, साथ ही ब्याज दरों में कटौती से घरेलू मांग बढ़ेगी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई रफ्तार मिलेगी।













