Maruti e Vitara Price List: मारुति सुजुकी ने भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी बहुप्रतीक्षित और पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी मारुति ई-विटारा की आधिकारिक प्राइस लिस्ट का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने देशभर के ग्राहकों के लिए इस इलेक्ट्रिक गाड़ी को 10.99 लाख रुपये की आकर्षक शुरुआती कीमत पर बाजार में उतारा है। इस घोषणा के साथ ही भारत भर में ई-विटारा के अलग-अलग वेरिएंट्स की कीमतें पूरी तरह स्पष्ट हो गई हैं। कार खरीदार अब अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग मॉडल्स का चुनाव कर सकते हैं।
दो शानदार खरीदारी विकल्प
ऑटोमेकर ने इस नई इलेक्ट्रिक एसयूवी को खरीदने के लिए ग्राहकों को दो मुख्य विकल्प प्रदान किए हैं। पहले विकल्प के तहत ग्राहक बैटरी सहित पूरी गाड़ी एकमुश्त कीमत (Battery Included) पर खरीद सकते हैं, जो एक साधारण खरीद प्रक्रिया है। वहीं, दूसरा विकल्प बैटरी-एज-ए-सर्विस (BaaS) का रखा गया है। इस दूसरे विकल्प के तहत ग्राहकों को गाड़ी की शुरुआती कीमत कम चुकानी होगी और बैटरी को अलग से किराए पर लेना होगा।
बैटरी सहित एक्स-शोरूम कीमतें
अगर ग्राहक पहले विकल्प यानी पूरी एक्स-शोरूम कीमत के साथ गाड़ी खरीदते हैं, तो उन्हें डेल्टा (49 kWh) वेरिएंट के लिए 15.99 लाख रुपये खर्च करने होंगे। इसी तरह, जेटा (61 kWh) वेरिएंट 17.49 लाख रुपये और अल्फा (61 kWh) वेरिएंट 19.79 लाख रुपये में उपलब्ध कराया गया है। सबसे ऊंचे मॉडल अल्फा ड्यूल-टोन (61 kWh) की एक्स-शोरूम कीमत 20.01 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इन कीमतों का भुगतान करने के बाद ग्राहकों को बैटरी के लिए प्रति किलोमीटर कोई अतिरिक्त शुल्क या रेंट नहीं देना होगा।
बैटरी-एज-ए-सर्विस (BaaS) मॉडल
जो ग्राहक शुरुआत में कम पैसे खर्च करना चाहते हैं, उनके लिए BaaS मॉडल पेश किया गया है। इस योजना में डेल्टा वेरिएंट की कीमत मात्र 10.99 लाख रुपये है, लेकिन इसके साथ 3.99 रुपये प्रति किलोमीटर का बैटरी किराया लागू होगा। जेटा वेरिएंट की शुरुआती कीमत 11.99 लाख रुपये रखी गई है, जिस पर 4.39 रुपये प्रति किलोमीटर का किराया देना होगा। अल्फा वेरिएंट 14.29 लाख रुपये और अल्फा ड्यूल-टोन 14.51 लाख रुपये में उपलब्ध है। इन दोनों टॉप मॉडल्स पर भी समान रूप से 4.39 रुपये प्रति किलोमीटर का बैटरी रेंट लागू रहेगा।
गुजरात प्लांट से उत्पादन और डिलीवरी
मारुति ई-विटारा का निर्माण कार्य गुजरात स्थित कंपनी के उत्पादन केंद्र में किया जा रहा है। शुरुआती कुछ महीनों में भारतीय बाजार के लिए इस इलेक्ट्रिक एसयूवी की डिलीवरी थोड़ी सीमित रहने की संभावना है। गुजरात प्लांट पर फिलहाल घरेलू मांग के साथ-साथ निर्यात के ऑर्डर्स को भी संतुलित करने का दबाव है। कंपनी का अनुमान है कि जुलाई 2026 के बाद उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और ग्राहकों को तेजी से डिलीवरी मिलने लगेगी।
Car Engine Maintenance Tips: टर्बो इंजन वाली गाड़ी चलाते हैं? ये एक गलती कर देगी लाखों का नुकसान
हरियाणा की ऑटो दुनिया की भरोसेमंद कवरेज के लिए Haryana News Post पर नज़र बनाए रखें।












