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Monsoon में कार के शीशे पर भाप? इन आसान ट्रिक्स से मिनटों में पाएं क्लियर विज़न!

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Steam on car windows during monsoon? Get clear vision in minutes with these simple tricks: मानसून में कार के शीशे पर भाप जमना आम समस्या है। जानिए कैसे डिफॉगर, एसी सेटिंग और कुछ आसान ट्रिक्स से आप फॉगिंग से छुटकारा पा सकते हैं और ड्राइविंग को बना सकते हैं सुरक्षित

Monsoon में कार के शीशे पर भाप

मानसून का मौसम जितना सुकून देने वाला होता है, उतना ही ड्राइविंग के लिहाज़ से चुनौतीपूर्ण भी। खासकर जब कार के शीशे पर अचानक भाप जम जाती है और सामने कुछ भी साफ़ नज़र नहीं आता।

अगर आप भी इस परेशानी से हर साल दो-चार होते हैं, तो अब घबराने की ज़रूरत नहीं। कुछ आसान और असरदार ट्रिक्स अपनाकर आप इस फॉगिंग की समस्या को मिनटों में दूर कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे।

डिफॉगर और एसी का सही इस्तेमाल है सबसे पहला हथियार

कार में मौजूद डिफॉगर फीचर को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यही सबसे कारगर उपाय है।

1 पीछे की विंडस्क्रीन पर भाप हटाने के लिए रियर डिफॉगर ऑन करें।

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2 सामने के शीशे के लिए एसी को फ्रंट डिफॉगर मोड पर चलाएं और फैन की स्पीड थोड़ी बढ़ा दें।

3 इससे केबिन की नमी बाहर निकलती है और शीशे पर जमी फॉग कुछ ही मिनटों में गायब हो जाती है।

रिसर्कुलेशन मोड बंद करना न भूलें

मानसून में बहुत से लोग एसी को रिसर्कुलेशन मोड पर चला देते हैं, जिससे कार के अंदर की नमी बाहर नहीं निकल पाती।
इसका नतीजा? शीशों पर लगातार भाप जमती रहती है।

इससे बचने के लिए रिसर्कुलेशन मोड को बंद करें और फ्रेश एयर मोड पर स्विच करें। इससे बाहर की ताज़ा हवा अंदर आएगी और नमी का संतुलन बना रहेगा।

साफ-सफाई और तापमान का तालमेल भी है ज़रूरी

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कई बार शीशे पर पहले से जमी धूल और चिकनाई फॉगिंग को और बढ़ा देती है।

1 हफ्ते में एक बार ग्लास क्लीनर से शीशों को अच्छी तरह साफ करें।

2 इससे न केवल फॉगिंग कम होगी, बल्कि विज़िबिलिटी भी बेहतर होगी।

साथ ही, एसी का तापमान बाहर के मौसम से मेल खाना चाहिए।

उदाहरण के लिए, अगर बाहर का तापमान 22°C है, तो कार का एसी 20°C पर सेट करें।

इससे अंदर और बाहर का तापमान संतुलित रहेगा और शीशों पर भाप नहीं जमेगी।

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जब कुछ काम न आए, तो खिड़की खोलना है सबसे आसान उपाय

अगर डिफॉगर और एसी भी काम न करें, तो खिड़की को थोड़ा सा खोल दें।

इससे अंदर और बाहर की हवा का संतुलन बनता है और शीशों से भाप जल्दी हटती है।

यह तरीका खासतौर पर तब काम आता है जब आप ट्रैफिक में फंसे हों या बारिश बहुत तेज़ हो रही हो।

मानसून में कार के शीशे पर भाप जमना एक आम लेकिन खतरनाक समस्या है। इससे विज़िबिलिटी घटती है और ड्राइविंग रिस्की हो जाती है। डिफॉगर, सही एसी सेटिंग, रिसर्कुलेशन मोड बंद करना और शीशों की नियमित सफाई जैसे आसान उपाय अपनाकर आप इस परेशानी से आसानी से बच सकते हैं।

भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

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