अम्बाला। बुधवार को टांगरी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद से फ्लड कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर पर जलभराव से जुड़ी 7 कॉल आई थी। इस पर टीम ने संबंधित अधिकारी को सूचित किया। साथ ही दिन ढलने के साथ ही एसडीआरएफ और समाज सेवी संस्थाओं की टीमें भी लोगों को जलभराव के क्षेत्रों से निकालती नजर आईं।
एसडीआरएफ की टीमों ने 2 दिन में 320 लोगों को जलभराव के क्षेत्रों से निकाला। इसमें टांगरी और इंडस्ट्रियल एरिया का क्षेत्र मुख्य रूप से शामिल था। जलभराव की सभी शिकायतें एक ही दिन में आई थी। इनमें मिलाप नगर, लक्की विहार अम्बाला कैंट, पूजा विहार, करधान, लक्ष्मी नगर अम्बाला सिटी, विद्या नगर नन्हेड़ा से कॉल आई थीं। इसके बारे में संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित किया गया।
कंटीली तारों व नुकीली ग्रिल ने बोट का रास्ता रोका
एसडीआरएफ टीम के प्रमुख सुखविंद्र ने बताया कि बुधवार से ही वह लोगों को पानी से निकालने में जुटे थे। उनके पास अपनी एक किश्ती थी। साथ ही प्रशासन की 2 किश्तियों की मदद से रात के समय भी लोगों को जलभराव से बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि दिन के समय उन्हें काई परेशानी नहीं हुई, मगर रात के समय लोगों के घरों के बाहर लगी कंटीली तारें व ग्रिल ने उनकी बोट का रास्ता रोक दिया था। साथ ही अंधेरा होने के कारण किश्ती के फंसने की संभावना भी अधिक बनी रही। किसी तरह उनकी 15 लोगों की टीम लोगों तक पहुंचकर उन्हें जलभराव के क्षेत्र से निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
फ्लड कंट्रोल रूम में 24 घंटे कर्मचारी तैनात
जलभराव और बारिश को देखते हुए एसडीएम व डीसी कार्यालय में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके लिए एक पलड कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जिसमें 24 घंटे कर्मचारी तैनात रहते हैं। जिससे किसी भी आपात स्थिति में लोगों को मदद मिल सके। साथ ही सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं।












