अंबाला (Ambala Stray Dog Sterilization): शहर में कुत्तों की आबादी को रोकने के लिए लंबे समय बाद नगर निगम जागा है। यहां पर कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर कुछ समय पहले ही लगाया गया था। दो से तीन दिन पहले टेंडर खुला तो इसमें एक एजेंसी ने इस कार्य के लिए आवेदन किया है।
एक एजेंसी के आने से नगर निगम के अधिकारी असमंजस में थे और दोबारा टेंडर लगाने की मंत्रणा बना रहे थे। मगर अब उम्मीद है कि जल्द ही कुत्तों की नसबंदी का काम शुरू कर दिया जाएगा।
कुत्तों की नसबंदी का कार्य करीब एक वर्ष से भी अधिक समय से शहर में ठप पड़ा। इस समस्या के कारण लोेग काफी परेशान थे और बार-बार नगर निगम से कुत्तों को पकड़ने के लिए गुजारिश कर रहे थे।
अब टेंडर की आगे की प्रक्रिया चल रही है, कुछ ही दिनों में इस कार्य को शुरू कराया जा सकता है। इस मामले को लेकर अमर उजाला ने भी पहल की थी, जिसमें समस्या की भयाभय स्थिति को दिखाया गया था।
हाईकोर्ट भी दे चुका है डीसी को निर्देश
अंबाला में कुत्तों के आतंक को लेकर दो वर्ष पहले मामला हाईकोर्ट में भी एक न्यायाधिकारी के माध्यम से गया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने अंबाला के उपायुक्त को निर्देश दिए थे कि न्यायाधीशों और न्यायालय कॉम्पलेक्स के आसपास से कुत्तों को अलग किया जाए। क्योंकि इन कुत्तों के कारण न्यायाधिकारी टहल भी नहीं पा रहे थे। कुत्ते उनके पीछे पड़ जाते थे और उनके द्वारा काटने का भय रहता था।
मनोनीत भाजपा पार्षद व मेयर प्रतिनिधि संदीप सचदेवा ने कहा कि नगर निगम ने कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर लगाया था, जोकि खुल गया है। इसकी आगामी प्रक्रिया चल रही है लोगों को जल्द इस समस्या से समाधान दिलाने की कोशिश की जा रही है।
रोजाना 8 से 9 केस कुत्ता काटने के आ रहे
सिटी हो या कैंट दोनों ही स्थानों पर सबसे अधिक लोगों की आबादी रहती है। यहां पर गलियों में लवारिस कुत्तों की भरमार है। हर दिन कुत्तों के काटने के मामले सिविल अस्पताल में पहुंच रहे हैं। जबकि प्राइवेट अस्पताल में कितने लोग उपचार लेने पहुंचे इसकी तो गणना ही नहीं है।
सिटी में 8 से 9 केस रोजाना कुत्तों के काटने के आ रहे हैं। जबकि रेबीज से बचने को वैक्सीन लगवाने वालों का आंकड़ा 1200 से अधिक है। अब एक बार फिर से कुत्तों की नसबंदी का काम नगर निगम शुरू करेगा तो लोगों को कुछ राहत जरूर मिलेगी।













