अंबाला कैंट क्षेत्र के निवासियों को जल्द ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और कार्यक्रमों के लिए नई सुविधाएं मिलेंगी। तोपखाना परेड के खाली क्षेत्र में 20 बेड का अस्पताल, एक साधारण और एक वातानुकूलित सामुदायिक केंद्र/बैंक्वेट हॉल बनाया जाएगा। कैंटोनमेंट बोर्ड की ओर से भेजा गया प्रस्ताव रक्षा संपदा विभाग की मंजूरी पा चुका है और अब निर्माण की योजना जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है।
प्रस्ताव पास, अब डिज़ाइन तैयार करेगा सीपीडब्ल्यूडी
अधिकारी बताते हैं कि केंद्र सरकार के निर्माण विभाग सीपीडब्ल्यूडी परिसर का निरीक्षण कर अस्पताल और दोनों बैंक्वेट हॉल का विस्तृत नक्शा तैयार करेगा।
उनमें बिजली, पानी, पार्किंग, आपातकालीन पहुंच मार्ग और भवन की क्षमता जैसे बिंदुओं की समीक्षा की जाएगी। अंतिम नक्शा रक्षा संपदा विभाग को भेजा जाएगा ताकि निर्माण में देरी न हो।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पहले इस प्रकार के प्रोजेक्ट कागजी मंजूरी की प्रतीक्षा में अटक जाते थे।
लेकिन इस बार प्रक्रिया मिशन मोड में आगे बढ़ाई जा रही है ताकि क्षेत्र को लंबे समय से अपेक्षित सुविधाएं मिल सकें।
निर्माण के लिए पैसा कहां से आएगा
यह पूरी लागत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (DFCCIL) द्वारा संपत्ति कर के रूप में दिए जाने वाले लगभग 5 करोड़ रुपये से पूरी की जाएगी।
पहले यह राशि सीधे बोर्ड के खाते में आती थी, लेकिन अब नियम बदला गया है।
धन स्वीकृत सुविधाओं पर सीधे खर्च होगा ताकि पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ें।
किस इलाके में होगा निर्माण
करीब 21 एकड़ खाली भूमि, जिसे अक्टूबर में खाली कराया गया था, इसी परियोजना के लिए उपयोग की जाएगी।
स्थानीयों के लिए यह सुविधा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां शादियां, सामाजिक आयोजन और सरकारी कार्यक्रम के लिए उपयुक्त स्थान लंबे समय से उपलब्ध नहीं था।
सीपीडब्ल्यूडी निर्माण के बाद प्रबंधन का मॉडल भी प्रस्तावित करेगा।
कैंटोनमेंट बोर्ड इसे स्वयं चला सकता है या फिर महेशनगर स्थित ग्रेस पैलेस की तरह ठेका मॉडल अपनाया जा सकता है।
अधिकारी कहते हैं कि अंतिम निर्णय बोर्ड की बैठक में लिया जाएगा।
पहले भी DFCCIL के फंड से बने ढांचे
अंबाला में नया CSD डिपो भी DFCCIL की लगभग 25 करोड़ रुपये की राशि से बनकर तैयार हुआ था।
पहला डिपो 75 साल पुराना था और रेल परियोजना के लिए उसे हटाना पड़ा था।
इससे यह साफ संकेत मिलता है कि DFCCIL के सहयोग से छावनी क्षेत्र में आधुनिक ढांचा बनाने का प्रयास लगातार जारी है।
निर्माण क्यों जरूरी था
शहरी विकास विशेषज्ञों का कहना है कि अंबाला छावनी क्षेत्र में तेज़ी से बढ़ती आबादी के बावजूद स्वास्थ्य और सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पाया।
20 बेड का अस्पताल छोटे उपचार, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ-शिशु देखभाल और आपातकालीन जरूरतों के लिए बड़ा योगदान देगा।
लोगों द्वारा भी लंबे समय से ऐसी सुविधाओं की मांग की जा रही थी।
कैंटोनमेंट सीईओ राहुल आनंद शर्मा के अनुसार,
“मंजूरी मिल चुकी है, अब सीपीडब्ल्यूडी साइट का सर्वे करेगा और निर्माण का स्वरूप तय होगा। लक्ष्य है कि काम जल्द शुरू हो और जनता इसका लाभ उठा सके।”
इसके बाद क्या
योजना का नक्शा दोबारा रक्षा संपदा विभाग को भेजा जाएगा
अंतिम स्वीकृति के बाद निर्माण की निविदा प्रक्रिया शुरू होगी
पूरा प्रोजेक्ट DFCCIL के फंड से पूरा होगा
कैंटोनमेंट बोर्ड प्रबंधन और संचालन नीति तय करेगा
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है
अंबाला छावनी में पहली बार बड़ा सामुदायिक बुनियादी ढांचा विकसित होगा
स्थानीय निवासियों को सस्ती चिकित्सा और कार्यक्रम स्थल मिलेगा
सैन्य क्षेत्र के आसपास नागरिक सुविधाओं को मजबूत बनाने की ओर यह बड़ा कदम है













