Bhiwani Rainfall 2025 (भिवानी) : भारी बारिश के अलर्ट के बीच मंगलवार दोपहर बाद तीन बजे से दो घंटे तक लगातार मूसलधार बारिश हुई। इससे शहर की सड़कें व गलियां जलमग्न हो गई और रास्ते बाधित रहे। मुख्य बाजारों में भी एक से दो फुट तक पानी खड़ा हो गया। जब बारिश कुछ हल्की हुई तो डीसी साहिल गुप्ता अधिकारियों के साथ बूस्टिंग स्टेशनों पर पानी निकासी का जायजा लेने के लिए पहुंचें।
शहर में दिनोद गेट से शिव नगर, हालुर मोहल्ला, पतराम गेट, हनुमान ढाणी, घोसियान चौक, टाईयान पाना, एमसी कॉलोनी, विकास नगर, पुराना बस स्टैंड क्षेत्र, बीटीएम चौक, बजरंग बली कॉलोनी बावड़ी गेट, तेलीवाड़ा क्षेत्र, दिनोद गेट में मानान पाना आदि क्षेत्र बारिश के चलते जलमग्न हो गए। इसी तरह से शहर में अन्य बाजारों तथा सड़क मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन गई जिससे शहर में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो गई। सड़कों पर एक-दो व फुट पानी जमा होने से टू-व्हीलर चालकों व व राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पांच बजे बाद ये मार्केट हुई बंद
तीन बजे भारी बारिश शुरू होने के बाद जलभराव की स्थिति पैदा होने पर शाम को पांच बजे ही घंटाघर मार्केट बंद हो गई क्योंकि पानी दुकानों के गेट तक पहुंच गया था तथा ग्राहकों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो चुका था। इसके कारण दुकानदारों ने पूरी मार्केट को ही बंद करना पड़ा। इसी तरह से सराय चौपटा से फूलवाला चौक तक की भी मार्केट जलभराव के कारण जल्दी बंद हो गई। वहीं दिनोद गेट से देवसर चुंगी तक सरकुलर रोड पर दो-तीन फुट तक पानी जमा होने से ट्रैफिक बाधित रही तथा दुकानदारों की दुकानदारी भी बंद हो गई।
कहां कितनी हुई बारिश?
भिवानी में 20 एमएम, चांग में 30 एमएम, लोहारू में 10 एमएम, बहल में 5 एमएम, हिगावा में 6 एमएम, केरू में 15 एमएम और बवानीखेड़ा में 40 एमएम बारिश दर्ज की गई।
यहां बनी रही ट्रैफिक जाम की समस्या
बारिश के दौरान लोहारू रेलवे फाटक रेलगाड़ियों के आवागमन के कारण बंद होने पर फाटक के दोनों तरफ ट्रैफिक जाम हो गया। भारी बारिश व स्कूल की छुट्टी का समय होने के कारण अनाज मंडी फाटक से दिनोद गेट तक एक घंटे तक सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रहे। स्कूली वाहन, बस, कार, दो व्हीलर आदि वाहनों की लाइनें लग गई है जिससे राहगीर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पानी निकासी में लगेगा पांच घंटे का समय
शहर में जलभराव निकासी के लिए कम से कम पांच घंटे का समय लगेगा। शहर में 500 एमएलडी पानी निकासी की व्यवस्था है। इसमें 162 एमएलडी सीवर पानी निकासी कि तथा 338 एमएलडी बरसाती पानी निकासी की व्यवस्था के लिए डिस्पोजल पंप स्थापित है।
निरीक्षण में सभी डिस्पोजल चालू मिले सोमवार दोपहर बाद बारिश शुरू होने के साथ ही डीसी साहिल गुप्ता जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर शहर में निकले।
उन्होंने मूसलाधार बारिश में ही शहर में पानी निकासी को लेकर स्थापित डिस्पोजल का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी की निकासी नियमित रूप से होती रहे। डिस्पोजल पर कर्मचारी हर समय तैनात रहें। डीसी ने सचिवालय के सामने स्थित बूस्टिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। सभी डिस्पोजल चालू हालत में मिले। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी निकासी सुचारू रहनी चाहिए। अगर कोई दिक्कत आए तो उसका तुरंत समाधान कर पानी निकासी को सुचारू रखा जाए।
मौसम पूर्वानुमान
डॉ. मदन खीचड़, विभागाध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग, चौ. चरणसिंह हिसार ने कहा की कल भी बारिश के आसार मानसून की गतिविधियां राज्य में एक बार फिर से बढ़ोतरी से राज्य में 3 सितंबर के दौरान राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में बादलवाई तथा बीच-बीच में हवाओं व गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इस दौरान कुछ एक स्थानों पर तेज बारिश की भी संभावना है। इस दौरान वातावरण में नमी बढ़ने तथा तापमान में गिरावट रहने की संभावना है।
मिलकपुर में बास मल्टीपर्पज चैनल ड्रेन ओवरफ्लो होने से खेतों में फैला पानी
गांव मिलकपुर में सोमवार को बास मल्टीपर्पज चैनल ड्रेन ओवरफ्लो होने के कारण अचानक टूट गई और पानी खेतों में फैल गया। देखते ही देखते किसानों की मेहनत पानी फिर गया और 60 एकड़ में धान, कपास, बाजरा व मूंग की खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। किसान साधुराम, सतबीर सुनील, सुरेश, नरेश, रमेश, महताब, राजेश और रवि ने बताया कि खेतों में कई महीनों की मेहनत और लाखों रुपये की लागत डूब गई।
किसानों का कहना है कि धान व मूंग की फसल कटाई के लिए तैयार थी जबकि कपास व बाजरा भी अच्छी अवस्था में थे लेकिन ड्रेन का पानी खेतों में घुसते ही सब नष्ट हो गया। किसानों ने बताया कि ड्रेन की समय-समय पर सफाई और पुख्ता मरम्मत नहीं होने से यह हालात बने हैं। बरसात का पानी ज्यादा आने पर ड्रेन टूट गई और चारों तरफ खेतों में पानी भर गया।
किसानों ने प्रशासन से मौके पर आकर नुकसान का आकलन करने और उन्हें मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि लगातार जलभराव से अब खेतों में कई दिनों तक खेती करना मुश्किल रहेगा। इससे अगली फसल की बिजाई भी प्रभावित होगी। किसानों ने विभागीय अधिकारियों से अपील की है कि ड्रेन की तुरंत मरम्मत करवाई जाए ताकि आगे ऐसी स्थिति न बने।












