Calcaneal Spur PGI Study, सिटी रिपोर्टर | चंडीगढ़ : आजकल महिलाओं में एड़ी के दर्द की शिकायत तेजी से बढ़ रही है। मेडिकल भाषा में इसे प्लांटर फेशियोपैथी या केल्केनियल स्पर कहते हैं। इसमें सुबह पहला कदम रखते ही एड़ी में तेज दर्द होता है, जो दिनभर बना रहता है। चंडीगढ़ के PGI में हुई एक स्टडी में सामने आया है कि 200 मरीजों में से 118 महिलाएं इस दर्द से जूझ रही हैं। ज्यादा देर खड़े रहने से यह समस्या बढ़ रही है, खासकर 40-50 साल की महिलाओं में। आइए, जानते हैं इस स्टडी और इसके इलाज की पूरी जानकारी।
PGI की स्टडी का खुलासा
PGI के फिजिकल एंड रिहैबिलिटेशन मेडिसिन डिपार्टमेंट की एडिशनल प्रोफेसर डॉ. सौम्या सक्सेना ने केल्केनियल स्पर पर स्टडी की। इस स्टडी में पाया गया कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह समस्या ज्यादा है। 200 मरीजों में 118 महिलाएं थीं, जिनमें से ज्यादातर 40-50 साल की थीं। ज्यादा देर खड़े रहने से एड़ी पर दबाव पड़ता है, जिससे सूजन और असहनीय दर्द होता है। PGI में रोजाना 15-20 मरीज इस समस्या के लिए आ रहे हैं, जो कुछ साल पहले बहुत कम थे। ज्यादा दौड़ने, फ्लैट फुट या हाई आर्च वाले लोगों में यह दिक्कत ज्यादा देखी गई है।
इलाज और राहत के उपाय
डॉ. सौम्या ने बताया कि PGI में केल्केनियल स्पर के लिए खास इलाज प्रोग्राम तैयार किया गया है। शुरुआती दौर में दर्द निवारक दवाएं और घरेलू एक्सरसाइज दी जाती हैं, जैसे पिंडलियों और प्लांटर फेशिया की स्ट्रेचिंग, मांसपेशियों को मजबूत करने की कसरत और खास फ्रिक्शन मसाज। यह इलाज 3-6 हफ्ते चलता है, और पूरी तरह ठीक होने में 3-6 महीने लग सकते हैं। कुछ मरीजों को सॉफ्ट इंसोल, मीडियल आर्च सपोर्ट और रात में पहनने वाले ऑर्थोसिस दिए जाते हैं। लेजर थेरेपी और अल्ट्रासाउंड मसाज भी दर्द कम करने में मदद करते हैं।
घरेलू उपाय और सावधानियां
डॉ. सौम्या ने सलाह दी कि शुरुआत में एक हफ्ते तक ज्यादा देर खड़े न रहें। जो मरीज रोजाना अस्पताल नहीं आ सकते, उन्हें गर्म और ठंडे पानी से कॉन्ट्रास्ट बाथ करने को कहा जाता है। गंभीर मामलों में एड़ी में स्टीरॉयड या प्लेटलेट रिच प्लाज्मा (PRP) इंजेक्शन दिए जाते हैं, जो तुरंत राहत देते हैं। फुटवियर मॉडिफिकेशन भी जरूरी है, ताकि एड़ी पर कम दबाव पड़े। यह स्टडी और इलाज की सुविधाएं PGI में गेट और मोशन विश्लेषण के साथ उपलब्ध हैं।













