Cashless Medical Claim New rule for retired police personnel in Chandigarh: यूटी पुलिस के रिटायर जवानों को मेडिकल क्लेम अब खातों में नहीं मिलेगा। गृह विभाग ने रिटायर जवानों को निजी अस्पतालों में इलाज के बाद खातों में क्रेडिट होने वाले क्लेम पर रोक लगा दी है।
गृह विभाग के आदेशानुसार अब केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत कैशलेस कार्ड के जरिए निजी अस्पतालों में इलाज मिलेगा। इससे रिटायर कर्मियों को इलाज के लिए लाखों की रकम तो नहीं देनी पड़ेगी, लेकिन सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) का कार्ड बनवाने के लिए 54 हजार रुपए सरकारी खाते में जमा करवाने होंगे।
Cashless Medical Claim: अब ये हुआ बदलाव
मौजूदा समय में यूटी पुलिस के रिटायर जवान अपना व परिजनों का इलाज महंगे निजी अस्पतालों में करवा लेते हैं, जहां अमूमन लाखों के बिल बन जाते है। जवानों को शुरू में यह रकम अपनी जेब से ही भरने पड़ते हैं। फिर यह बिल नियमानुसार पुलिस हेडक्वार्टर के मेडिकल विंग में जमा करवाए जाते हैं।
वहां से बिल क्लीयर करने के बाद जवानों को इलाज में खर्च किए सारे रुपए उनके खातों में वापस मिल जाते हैं। लेकिन वर्ष 2023 के बाद से अभी तक काफी रिटायर जवानों के मेडिकल क्लेम के बिल हेडक्वार्टर की मेडिकल विंग में फाइलों के बीच धूल फांक रहे हैं।
कई रिटायर जवान लंबे समय से बिल क्लीयर करवाने के लिए हेडक्वार्टर के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो यूटी होम सेक्रेटरी ने कुछ दिन पहले ही एसपी हेडक्वार्टर को पत्र लिखकर रिटायर पुलिस जवानों के सारे मेडिकल क्लेम बिल रोकने के आदेश दिए हैं।
पत्र में कहा गया है कि अब रिटायर जवानों का इलाज केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत कैशलेस कार्ड से ही होगा। ऐसे में अब हेडक्वार्टर में मेडिकल बिल लेकर आने वाले जवानों के बिलों को होल्ड करके उन्हें सेक्टर-45 स्थित अस्पताल में सीजीएचएस कार्ड बनवाने के लिए भेजा जा रहा है।
पुलिस हेडक्वार्टर ने भी गृह विभाग को पत्र लिखकर पूछा है कि सीजीएचएस कार्ड बनवाने के लिए जारी पत्र से पहले इलाज करवा चुके मेडिकल क्लेम के पुराने बिलों को क्लीयर करना है या नहीं। इसका अभी तक गृह विभाग ने कोई जवाब नहीं दिया है।
यह होगा बदलाव
सीजीएचएस कार्ड बनवाने के बाद इलाज के लिए सेक्टर-45 व सेक्टर-29 डिस्पेंसरी में ही जाना होगा। यहां सारा इलाज फ्री होगा, उन्हें कोई पैसा नहीं खर्च करना होगा।
अगर किसी बीमारी का इलाज डिस्पेंसरी में नहीं हो रहा तो वहां के डॉक्टर रिटायर जवान को सीजीएचएस के पैनल्ड निजी अस्पताल में रेफर करेंगे। निजी पैनल्ड अस्पतालों में इलाज भी सरकार द्वारा तय रेट के अनुसार ही किया जाएगा।












