Chandigarh Mayor Election Secret voting is over, now the decision will be taken by raising hands: चंडीगढ़ मेयर चुनाव 2025 की खबर ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है! अब चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, और डिप्टी मेयर का चुनाव गुप्त मतदान की बजाय हाथ उठाकर होगा। जी हां, प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने इस बड़े बदलाव को हरी झंडी दे दी है। ये फैसला पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने का वादा करता है। लेकिन इस बदलाव के पीछे की कहानी क्या है? क्यों उठी थी गुप्त वोटिंग खत्म करने की मांग? और ये नया नियम क्या लाएगा? चलिए, इस सियासी ड्रामे को आसान और मजेदार अंदाज में समझते हैं।
Chandigarh Mayor Election: पारदर्शिता की शुरुआत
चंडीगढ़ नगर निगम में अब तक मेयर चुनाव गुप्त मतदान से होते थे, लेकिन अब ये इतिहास बन गया। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने “चंडीगढ़ नगर निगम (कार्य-प्रक्रिया और संचालन) विनियम, 1996” के नियम 6 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। अब मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, और डिप्टी मेयर के लिए पार्षद खुले तौर पर हाथ उठाकर वोट करेंगे। प्रशासक का कहना है कि इससे चयन प्रक्रिया न सिर्फ पारदर्शी होगी, बल्कि पार्षदों की जवाबदेही भी साफ दिखेगी। यानी, अब कोई छिप-छिपकर वोट नहीं डालेगा!
कांग्रेस-आप की मांग ने लाया बदलाव
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) लंबे समय से गुप्त मतदान को खत्म करने की मांग कर रहे थे। दोनों दलों के पार्षदों ने कई बार प्रशासक से मुलाकात की और लिखित अनुरोध भेजे। उनका तर्क था कि गुप्त वोटिंग से पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। खासकर जनवरी 2025 के मेयर चुनाव में हुए विवाद ने इस मांग को और हवा दी। आप ने बीजेपी पर वोट रद्द करने और धांधली के आरोप लगाए थे। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा और पूरे देश में चर्चा का विषय बना। इस हंगामे के बाद गुप्त वोटिंग को अलविदा कहने का रास्ता साफ हुआ।
विवादों ने बदली सियासी तस्वीर
जनवरी 2025 का मेयर चुनाव चंडीगढ़ में सियासी भूचाल लाया था। गुप्त मतदान के दौरान कथित धांधली के आरोपों ने माहौल गर्मा दिया। आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर वोटों में हेराफेरी का इल्जाम लगाया। कई पार्षदों के वोट रद्द होने से विवाद और गहरा गया। ये मामला हाईकोर्ट तक गया, और सोशल मीडिया से लेकर न्यूज चैनलों तक इसकी खूब चर्चा हुई। इस हंगामे ने साफ कर दिया कि गुप्त वोटिंग में पारदर्शिता की कमी है। अब हाथ उठाकर मतदान का नियम इस सियासी ड्रामे पर लगाम लगाने का वादा करता है।
हाथ उठाकर मतदान का नया नियम चंडीगढ़ मेयर चुनाव 2025 को और रोमांचक बना देगा। ये बदलाव न सिर्फ चुनावी प्रक्रिया को खुला और निष्पक्ष बनाएगा, बल्कि मतदाताओं का भरोसा भी बढ़ाएगा। अब पार्षदों का हर वोट जनता की नजरों के सामने होगा। ये कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। अगर आप चंडीगढ़ के निवासी हैं, तो इस नए नियम से आपके शहर की सियासत में और पारदर्शिता आएगी। तो तैयार रहिए, क्योंकि चंडीगढ़ का अगला मेयर चुनाव एक नया इतिहास रचेगा!













