Chandigarh Municipal Corporation Budget Deficit of Rs 535 crore, hope from MHA: प्रशासन ने मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स ( एमएचए) के जॉइंट सेक्रेटरी को लेटर लिखकर 238 करोड़ अतिरिक्त बजट मांगा है। यह बजट मिलेगा या नहीं यह उस प्रेजेंटेशन पर निर्भर करेगा जो एमएचए के अफसरों की दिखाई जाएगी।
Chandigarh नगर निगम की हालत खस्ता
एमएचए की टीम शहर में है। एमएचए के अफसर मंगलवार को प्रशासन और नगर निगम के सभी डिपार्टमेंट के बजट, खर्चे के अलावा शहर में चल रहे प्रोजेक्ट्स की प्रेजेंटेशन देखेंगे। सभी विभागों ने सोमवार को प्रेजेंटेशन तैयार की है।
इसके बाद ही एमएचए के आला अफसर एडिशनल बजट देने की सिफारिश करेंगे। एडिशनल बजट मिलता है तो एमसी शहर में डेवलपमेंट वर्क करवा सकेगी। एमसी को रेवेन्यू हेड से फिक्स लायबिलिटी के तौर पर 960 करोड़ रुपए और कैपिटल हेड पर 467 करोड़ खर्च करने हैं।
साल 2024-25 के बजट का घाटा 78 करोड़ रुपए, ठेकेदारों की पेमेंट 50 करोड़ और सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट पर कर्मचारियों का एरियर 15 करोड़ बनता है। एमसी को साल 2025-26 के बजट में ग्रांट इन एड के 625 करोड़ मिले हैं जबकि अपनी कमाई से 410 करोड़ मिलने का अनुमान है।
इस हिसाब से एमसी का साल 2025-26 का बजट 535 करोड़ घाटे में है। एमसी के पास सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2016 को इंप्लीमेंट करने की जिम्मेदारी है। एमसी शहर के रेजिडेंशियल और कमर्शियल एरिया का डोर टू डोर सेग्रिगेटेड वेस्ट कलेक्शन करवाता है। लिक्वड वेस्ट मैनेजमेंट में एमसी सीवर वॉटर को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीट करके शहर के पार्कों तक टर्शरी वॉटर सप्लाई करता है।
हॉर्टिकल्चर वेस्ट कलेक्शन और प्रोसेसिंग का काम भी एमसी द्वारा करवाया जाता है। शहर में कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट को भी एमसी की इंप्लीमेंट करवा रहा है। शहर की स्ट्रीट लाइट की मेंटेनेंस एंड ऑपरेशन का काम भी एमसी ही करवाता है। फायर सर्विस भी एमसी के पास है। ऐसे में एमसी के पास खर्चों का ज्यादातर काम है। लेकिन इनकम कम है।
नगर निगम फंड की कमी के चलते साल 2024-25 के केवल 73 करोड़ ही असेंशियल प्रोजेक्ट पर खर्च पाया जबकि साल 2025-26 के एमसी बजट में प्रोजेक्ट के लिए 467 करोड़ रुपया खर्च किया जाना है। इसलिए बिजली विभाग के सरप्लस बचे 238 करोड़ एमसी को अतिरिक्त बजट के तौर पर जारी किए जाएं।
रोड रिकार्पेटिंग के लिए ही 35 करोड़ चाहिए
प्रशासन ने एमएचए के जॉइंट सेक्रेटरी को लिखे लेटर में जिक्र किया है कि एमसी की साल 2025-25 में 960 करोड़ रुपए कमिटेड लायबिलिटी है। इसमें कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन, एनपीएस कंट्रीब्यूशन, आउटसोर्स के वेजेज, फ्यूल, वॉटर और अन्य एसेंशियल सर्विसेज की इमरजेंसी रिपेयर और स्ट्रीट लाइट के बिजली बिल शामिल हैं। एमसी शहर की 80 फीसदी रोड एवं पार्किंग की रिकार्पोटिंग करवाता है।
इसमें वी3 से लेकर वी6 रोड शामिल हैं। अभी शहर की सड़कों की रिकार्पेटिंग के लिए 35 करोड़ चाहिए। इसका काम 2022-23 से बकाया है। एमसी को ठेकेदारों को 50 करोड़ रुपए देने हैं। इसके बगैर ठेकेदार काम करने को तैयार नहीं हो रहे हैं।












